पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव महावीर छपरा चौराहे पर रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया गया। जाम करीब 45 मिनट तक चला, जिससे यातायात बाधित रहा। बांसगांव सीओ अनुज कुमार सिंह ने हत्या की धारा बढ़ाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शांत हुए और उन्होंने जाम खोल दिया।
बेलीपार थाना क्षेत्र के महावीर छपरा निवासी रामफल निषाद 24 सितंबर की रात करीब सात बजे गड़वापार से घर लौट रहे थे। डीएन पब्लिक स्कूल के आगे मुर्गे की दुकान के पास राजू भारती और रामा भारती ने मोटरसाइकिल से उन्हें टक्कर मार दी थी।
विरोध करने पर दोनों आरोपियों ने गाली-गलौज की और ईंट-पत्थर से उनके सिर पर हमला कर दिया। गंभीर हालत में रामफल निषाद को बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। शनिवार रात करीब 9:50 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मृतक के बेटे संदीप निषाद की तहरीर पर बेलीपार पुलिस ने पहले प्राथमिकी दर्ज की थी।
यह प्राथमिकी लापरवाही से वाहन चलाने की धारा में थी। इसमें लापरवाही से मौत का कारण बनने और शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने की धाराएं भी शामिल थीं। परिजन का आरोप था कि यह हत्या का मामला है। वे चाहते थे कि आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा बढ़ाई जाए।रामफल निषाद की मौत के बाद परिजन हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग पर अड़े थे।