स्पोर्ट्स कॉलेज चौराहा स्थित निजी अस्पताल में दो दिन इलाज के दौरान पांच वर्षीय मासूम की सोमवार सुबह मौत हो गई। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा करने लगे। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाकर उन्हें शांत कराया। इसके बाद परिजन बिना कार्रवाई के शव लेकर गांव चले गए।
जानकारी के मुताबिक, बिहार के सिवान जिले के पचरुखी गांव निवासी पांच वर्षीय मासूम प्रिंस कुमार शनिवार सुबह घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान एक बाइक की चपेट में आ गया। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोट आई। परिजन उसे सिवान जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे पटना मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
आरोप है कि पटना जाने के लिए वे बच्चे को एंबुलेंस से लेकर निकले थे। रास्ते में एंबुलेंस चालक ने उन्हें बताया कि पटना से बेहतर इलाज गोरखपुर में हो सकता है। आरोप है कि चालक बच्चे को पटना मेडिकल कॉलेज ले जाने के बजाय गोरखपुर ले आया और स्पोर्ट्स कॉलेज चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया।
अस्पताल में भर्ती कराने के बाद इलाज, ऑपरेशन और दवाओं के नाम पर दो दिन में करीब 1.25 लाख रुपये ले लिए । इसके बावजूद सोमवार सुबह करीब सात बजे इलाज के दौरान मासूम की मौत हो गई। आरोप हैं मासूम की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने इलाज के नाम पर रुपये की मांग कर रहा था।
किसी तरह परिजन आईसीयू में जाकर देखा तो मासूम की पहले ही मौत हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल में करीब आधे घंटे तक हंगामा किया। उनका आरोप था कि इलाज में लापरवाही के कारण मासूम की जान गई। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजन बच्चे का शव लेकर अपने गांव चले गए।
चिलुआताल थाना प्रभारी सूरज सिंह ने बताया कि मामले में कोई सूचना नहीं हैं। परिजनों की ओर से प्रार्थना पत्र मिलता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।