फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौकरी, रिश्ते या पहचान: लोग क्या कहेंगे’ से ‘मैं क्या चाहती हूं’ तक का सफर, आजादी को लेकर क्या सोचते हैं Gen Z

Fri, 14 Aug 2026 03:12 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।

सार

Gen Z के लिए आजादी सिर्फ आने-जाने या अपनी बात कहने तक सीमित नहीं है। उनके लिए यह अपने करियर, रिश्ते, जीवनशैली और पहचान से जुड़े फैसले खुद लेने की क्षमता है।  आईए जानतें हैं कि जेन-जी आजादी को लेकर क्या सोचते हैं? 

विज्ञापन
जेन-जी के लिए आजादी क्या है? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत को 15 अगस्त 1947 में आजादी मिली। इसके बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बना और एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बनाई। लेकिन आजादी शब्द का मतलब हर पीढ़ी के लिए अलग रहा है। Millennials के लिए शायद आजादी का मतलब चुप रहना है। वहीं, Gen Z के लिए आजादी सिर्फ अपनी मर्जी से कहीं आने-जाने या अपनी बात कहने तक सीमित नहीं है। उनके लिए आजादी का मतलब है-अपने फैसले खुद लेना, अपनी पसंद का करियर चुनना और बिना किसी डर के अपनी पहचान के साथ जीना है।

विज्ञापन

तो चलिए जानतें है कि Gen Z के लिए असली आजादी क्या है और वे इसे किस तरह देखते हैं।


 

मेरे लिए आजादी सिर्फ ये नहीं है कि हम 15 अगस्त को तिरंगा फहराएं और राष्ट्रगान गाएं। मेरे लिए आजादी तब पूरी होगी, जब किसी युवा को अपने भविष्य की चिंता में रातें न जागनी पड़ें, जब किसी लड़की को अपनी सुरक्षा के लिए अपने सपने न छोड़ने पड़ें, जब मेहनत का मूल्य पहचान से नहीं बल्कि योग्यता से तय हो, जब सवाल पूछना देशद्रोह नहीं बल्कि लोकतंत्र की ताकत समझा जाए और जब इस देश में हर व्यक्ति यह महसूस कर सके कि यह देश सिर्फ उसका है नहीं, बल्कि उसके लिए भी है।

-आकांक्षा


मेरे लिए आजादी का मतलब अपनी पसंद के फैसले लेने की आजादी है। मैं अपनी जिंदगी में क्या करना चाहती हूं, कौन सा करियर चुनना चाहती हूं और किस तरह का जीवन जीना चाहता हूं, इसका फैसला खुद कर सकूं, यही मेरे लिए आजादी है। इसके साथ ही मैं अपने रिश्तों को लेकर भी अपनी पसंद रख सकूं और बिना किसी डर के अपनी राय और विचार खुलकर बोल  सकूं। अगर हमें अपने करियर, रिश्तों या विचारों को लेकर फैसले लेने की आजादी नहीं होगी तो हम खुद को पूरी तरह आजाद महसूस नहीं कर पाएंगे।

-आस्था



मेरे लिए आजादी एक ऐसी चीज है जहां लोगों को अपने नाम, जाति और लिंग की परवाह किए बिना अपनी बात कहने की छूट हो। आजादी तब साफ दिखती है जब सबके लिए बराबरी का मौका हो। जब मैं 'सबके लिए' कहता हूं, तो मेरा मतलब आजादी से ही होता है। बराबरी के अधिकार, बड़ों का युवाओं से सीखना और ईमानदारी के साथ-साथ अपनी असुरक्षाओं को भी जाहिर कर पाना। ये सब आजादी ही तो है। GenZ के लिए भी आजादी का मतलब यही है।  हर कोई कभी न कभी किसी 'खास तरह' का इंसान बनने के दबाव का शिकार होता है और तभी आजादी का असली मतलब खो जाता है। जिस पल आप जैसे हैं वैसे ही रहते हैं, तो आप आजादी का प्रतीक बन जाते हैं। 
-अमष्त



आजादी.. जेन-जी होने के नाते यह शब्द मुझे बचपन से ही आकर्षित करता आया है, क्योंकि  इस शब्द से ऐसे पहचान कराई गई जैसे इसके होने से इंसान बिगड़ जाता है और पाबंदी होने से सभ्य। कमाल की बात तो यह है की समानता और स्वतंत्रता हमारे संवैधानिक अधिकार हैं पर आज भी इसे पूरे रूप से इस्तेमाल करना हम नहीं समझ पाए हैं। मेरी नजर में आजादी वो स्थिति है जहां मूल अधिकारों को हमें लड़- झगड़कर ना  मांगना पड़े,बल्कि जन्म से ही वो हमारे जीवन का हिस्सा हों। शिक्षा, करियर, जीवनशैली को चुनने से पहले हमें ये न देखना पड़े की हम महिला हैं  या पुरुष, अमीर हैं की गरीब, या हमारी जाति क्या है? बिना किसी रुकावट और दबाव के अपनी बात रखना और चुनना मेरे मायने में आजादी है। 
-सुरभि

विज्ञापन


हमसे एक दशक पहले वाली पीढ़ी ने, एक इंसान को चाहे वो लड़की हो या लड़का, उन्हें आधारभूत आजादी दिलाने के लिए काफी संघर्ष किया है। जिसके हम हमेशा शुक्रगुजार हैं। उनकी उस लड़ाई की वजह से हमारे लिए चीजें काफी सरल हो गई है।  लेकिन अब हमारी पीढ़ी के लिए आजादी के मायने बदल गए हैं। जेन जी को  मानसिक आजादी चाहिए। पिछली पीढ़ी की लड़ाई बाहरी दुनिया से थी, वो हमेशा सोचते थे समाज वाले क्या सोचेंगे। हमारी लड़ाई बाहर के दुनिया के साथ-साथ हमारे अंदर की दुनिया से भी है। जेन जी के लिए आजादी का मतलब है, जब मैं अपनी मर्जी से  थेरेपी लेने जाऊं तो, मुझे कोई मानसिक रोगी ना समझे।  मानसिक आजादी का मतलब है मुझे हर रविवार को परिवार के साथ बैठकर कर, मेरा भविष्य क्या होगा ये ना सोचना पड़े। जेन जी  के लिए आजादी का मतलब है कि अगर वो नौ से पांच की नौकरी छोड़कर content creator बनना चाहे तो उसे आवारा, ना कहा जाए।

-तन्वी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें