'अग्नि साक्षी' में नाना पाटेकर-मनीषा कोइराला
- फोटो : साभार@imdb
कैसी थी नाना-मनीषा की बॉन्डिंग?
फिल्म 'अग्नि साक्षी' के राइटर रणबीर पुष्प ने कहा था कि नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला के बीच अच्छी दोस्ती थी और सेट पर उनकी आपसी समझ बहुत मजबूत थी। हालांकि, रोमांस की रूमर्स पर रणबीर ने कहा कि उन्होंने कभी भी उनके रिश्ते को रोमांटिक नजरिए से नहीं देखा, भले ही बाद में इस तरह की अफवाहें खूब रहीं।
रणबीर ने दोनों कलाकारों के बीच की बॉन्डिंग को याद करते हुए कहा है कि साथ काम करते समय वे काफी करीब थे। उनके बीच अच्छी समझ थी, हालांकि उन्होंने कभी भी इसे रोमांटिक रिश्ते के तौर पर नहीं देखा।
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'अग्नि साक्षी' में नाना पाटेकर-मनीषा कोइराला
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क्या दोस्ती से आगे बढ़ी थी बात?
होस्ट ने रणबीर से पूछा कि क्या उनकी दोस्ती गहरी थी? उस पर उन्होंने जवाब दिया, 'बिल्कुल थी'। इसके बाद बातचीत इस बात पर मुड़ी कि क्या रणबीर को कभी ऐसा लगा कि नाना और मनीषा के बीच की केमिस्ट्री दोस्ती से कहीं ज्यादा थी?
रणबीर ने कहा, 'नहीं, कभी नहीं। मैंने उस तरीके से कभी सोचा नहीं। दोस्ती और अंडरस्टैंडिंग थी। वे सीन डिस्कस करते थे। इससे ज्यादा ख्याल भी नहीं आया मुझे कभी। बाद में सुनने में आया, पेपर्स में ये बातें आईं, पढ़ने को भी मिला, पर मैंने कभी वैसा महसूस नहीं किया'।
बोले- 'मैंने कभी गौर नहीं किया'
रणबीर ने यह भी बताया कि सेट पर उनका पूरा ध्यान मुख्य रूप से अपने काम पर ही होता था और उन्होंने एक्टर्स के बीच के आपसी रिश्तों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। रणबीर के मुताबिक, 'ज्यादा मेरा काम से मतलब होता था। काम दिया, चला गया और फिर आ गया। थोड़ी देर रुके, शूटिंग देखी'।
पार्थो घोष निर्देशित फिल्म 'अग्नि साक्षी' साल 1996 में रिलीज हुई थी। इस साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म में जैकी श्रॉफ, मनीषा कोइराला और नाना पाटेकर मुख्य भूमिकाओं में थे। वर्षों से नाना और मनीषा के कथित रिश्ते को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि, रणबीर का हालिया बयान इन दोनों एक्टर्स के साथ काम करने के उनके अपने अनुभव पर आधारित हैं। उनके बीच किसी रोमांटिक रिश्ते की पुष्टि नहीं करता है।