बर्खास्तगी के विरोध में सीटू का प्रदर्शन
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गाजियाबाद में साइट-4 स्थित निजी कंपनी के गेट पर बुधवार को सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) और विभिन्न श्रमिक संगठनों ने मजदूरों की बर्खास्तगी के विरोध में प्रदर्शन किया। सीटू नेताओं ने आरोप लगाया कि वेतन बढ़ोतरी को लेकर प्रबंधन के साथ चल रही समझौता वार्ता के बीच 30 से 35 वर्षों से कंपनी में कार्यरत 71 स्थायी मजदूरों का पंजाब और छत्तीसगढ़ तबादला कर दिया गया। इसके बाद 15 सितंबर को इनमें से 44 मजदूरों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान सीटू नेताओं ने बर्खास्त मजदूरों की तत्काल बहाली और लंबित मांगपत्र पर वार्ता शुरू करने की मांग की। इस दौरान जीएस तिवारी ने बताया कि मजदूरों के हितों को लेकर संगठन आगे भी आंदोलन करेगा। सीटू की ओर से सात अक्टूबर को श्रम आयुक्त कार्यालय, गाजियाबाद और आठ अक्टूबर को आईटीओ दिल्ली स्थित कंपनी के मुख्य कार्यालय गुलाब भवन पर प्रदर्शन करने की घोषणा की गई। संगठन ने मांग की कि 44 बर्खास्त मजदूरों को बिना शर्त काम पर वापस लिया जाए। साथ ही एक जनवरी 2026 से लंबित मांगपत्र पर प्रबंधन के साथ वार्ता कर समझौता किया जाए।
संगठन ने उत्पादन प्रक्रिया में कार्यरत करीब 90 ठेका मजदूरों को स्थायी करने तथा उन्हें नियमानुसार वेतन और अन्य सुविधाएं देने की भी मांग रखी। सीटू ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर औद्योगिक क्षेत्र में बड़े और अनिश्चितकालीन आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। सभा की अध्यक्षता राजवीर सिंह ने की। इस दौरान जीएस तिवारी, वेदपाल नागर, पुष्पेंद्र सिंह, श्रीकृष्ण सिंह, ईश्वर त्यागी, विजय सिंह और मुकेश बाबू समेत अन्य नेताओं ने सभा को संबोधित किया।