पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी आसिफ के मोबाइल फोन में कई अश्लील वीडियो मिले। वहीं, आरोपी मुकेश और हेमंत ने कथित तौर पर अपनी सर्च हिस्ट्री डिलीट कर दी थी। अब जांच एजेंसियां तीनों आरोपियों की डिजिटल एक्टिविटी और फुटप्रिंट खंगाल रही हैं। जांच में शक है कि तीनों आरोपियों ने सोमवार शाम 17 साल की लड़की को निशाना बनाने से पहले पूरी साजिश रची थी।
"जनाब" जैसे शब्द बोल रहे थे
आरोप है कि लड़की अपने जन्मदिन पर दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में एक दोस्त के साथ मौजूद थी। इसी दौरान आरोपी खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसके पास पहुंचे। आरोपियों ने लड़की और उसकी दोस्त को यकीन दिलाने के लिए पुलिस जैसी भाषा का इस्तेमाल किया। वे "जनाब" जैसे शब्द बोल रहे थे और धमकियां भी दे रहे थे, ताकि दोनों को लगे कि वे पुलिसकर्मी हैं।
हथियार और कंडोम बरामद; पुलिस तलाश रही यह जवाब
पुलिस ने आसिफ के पास से एक पिस्टल, चाकू और कंडोम बरामद होने के बाद एफआईआर में आपराधिक साजिश की धाराएं भी जोड़ दी हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आसिफ हमेशा हथियार लेकर चलता था और क्या उसने इसी तरह पार्क में पहले भी दूसरी महिलाओं को निशाना बनाया है।
पीसीआर कॉल के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
घटना के बाद आरोपी भाई हेमंत और मुकेश एक खाने की दुकान पर गए और फिर श्रीनिवासपुरी स्थित अपने घर लौट आए। वहां उन्होंने अपने कपड़े धोए, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। आरोप है कि उन्होंने लड़की को घटना के बारे में किसी को बताने पर धमकी भी दी। लेकिन बाद में लड़की ने अपनी दोस्त को पूरी बात बताई, जिसके बाद दोस्त ने पीसीआर को फोन कर पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद करीब रात 8:45 बजे पीसीआर कॉल की गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नाबालिग को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद नाबालिग काफी डरी हुई थी।