देश के अन्य बैंकिंग दिग्गजों के मुकाबले यह सैलरी कितनी अधिक है?
अनूप बागची को मिलने वाला प्रस्तावित मुआवजा भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में शीर्ष अधिकारियों को मिलने वाले मौजूदा वेतनों से काफी आगे है:
- आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल से तुलना: आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस में वित्त वर्ष 2026 के उनके अनुमानित पैकेज (लगभग 18.9 करोड़ रुपये) के मुकाबले एचडीएफसी बैंक में बागची का वेतन लगभग 90% बढ़कर लगभग दोगुना हो जाएगा।
- निवर्तमान सीईओ शशीधर जगदीशन: एचडीएफसी बैंक के निवर्तमान सीईओ शशीधर जगदीशन को वित्त वर्ष 2026 में कुल 28.65 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक मिला था, जिसमें 14.71 करोड़ रुपये सकल वेतन और 13.53 करोड़ रुपये के स्टॉक ऑप्शंस शामिल थे। वहीं डिप्टी एमडी कायजाद भरूचा का कुल पारिश्रमिक 26.32 करोड़ रुपये रहा था।
- अन्य निजी बैंकों के प्रमुख: वित्त वर्ष 2026 में कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ अशोक वासवानी को ₹17.24 करोड़ और आईसीआईसीआई बैंक के सीईओ संदीप बख्शी को लगभग 10.64 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक मिला था।
एचडीएफसी बैंक की कमान संभालते बागची के सामने क्या चुनौतियां?
अनूप बागची ऐसे समय में एचडीएफसी बैंक की कमान संभालने जा रहे हैं, जब बैंक कई बड़े परिचालन और रणनीतिक बदलावों का सामना कर रहा है:
- रिटेल लोन ग्रोथ और मार्जिन में सुधार: विलय के बाद के एकीकरण के दौर में बैंक को अपनी खुदरा ऋण वृद्धि में तेजी लानी है और शुद्ध ब्याज मार्जिन को मजबूत करना है।
- निवेशकों का भरोसा मजबूत करना: कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं और विलय के बाद उपजी परिचालन संबंधी चुनौतियों के बीच निवेशकों और शेयर बाजार के विश्वास को फिर से बहाल करना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर होगा।
आरबीआई की स्वीकृति और शेयरधारकों की वोटिंग प्रक्रिया के साथ अनूप बागची का भारत का सबसे महंगा बैंक सीईओ बनना लगभग तय माना जा रहा है। 35.90 करोड़ रुपये के वार्षिक पैकेज और 7.35 करोड़ रुपये के बोनस के साथ उनका चयन यह दर्शाता है कि बैंकिंग क्षेत्र में मजबूत नेतृत्व और रणनीतिक बदलाव के लिए बोर्ड बड़े वित्तीय प्रोत्साहन देने को तैयार है। 27 अक्तूबर से पदभार ग्रहण करने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे एचडीएफसी बैंक की रीटेल ग्रोथ और निवेशकों के भरोसे को किस मुकाम पर ले जाते हैं।