बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के पारू प्रखंड स्थित लालू छपरा मध्य विद्यालय में छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार करने और उन्हें गलत तरीके से स्पर्श करने के मामले में शिक्षा विभाग ने शुक्रवार शाम कड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए स्कूल के विशिष्ट शिक्षक रतन लाल सहनी और विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका कलावती कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की पुष्टि करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा ने आधिकारिक निलंबन पत्र जारी किया है।
बताया गया है कि जिन शिक्षक पर छात्राओं ने आरोप लगाए थे, उनके खिलाफ शिकायत के बावजूद प्रभारी प्रधानाध्यापिका की ओर से किसी तरह का जवाब नहीं दिया जा रहा था। शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों के खिलाफ कार्रवाई की है।
छात्राओं ने शिक्षक पर लगाए गंभीर आरोप
दरअसल, पूरा मामला विद्यालय की पीड़ित छात्राओं की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद सामने आया। इसमें आरोपी शिक्षक रतन लाल सहनी पर छात्राओं को काफी समय से मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। छात्राओं की शिकायत के अनुसार, शिक्षक न केवल छात्राओं के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते थे, बल्कि उन्हें गलत नीयत से छूते भी थे। शिक्षक के इस आचरण के कारण विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होने और छात्राओं में असुरक्षा का माहौल बनने का आरोप है।
प्रधानाध्यापिका की भूमिका पर भी उठे सवाल
इस मामले में विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका कलावती कुमारी की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि पीड़ित छात्राओं ने शिक्षक सहनी की ओर से किए जा रहे अभद्र व्यवहार की शिकायत प्रधानाध्यापिका से समय रहते की थी। आरोप है कि प्रधानाध्यापिका ने मामले की संवेदनशीलता को गंभीरता से नहीं लिया और आरोपी शिक्षक के खिलाफ समय पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की। इसी वजह से उन्हें भी सह-आरोपी मानते हुए निलंबित किया गया है।
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निलंबन के दौरान जारी होगा आरोप पत्र
मुजफ्फरपुर जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, निलंबन की अवधि के दौरान दोनों के विरुद्ध अलग से विस्तृत आरोप पत्र जारी किया जाएगा। इसके साथ ही एक उच्चस्तरीय विभागीय कार्यवाही गठित कर मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहराई से जांच की जाएगी। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को इस तरह के मामले में बख्शा नहीं जाएगा।