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अमेरिका में ग्रीन कार्ड का संकट गहराया, रोजगार आधारित बैकलॉग 12 लाख पार; भारतीयों को 179 साल तक इंतजार
Sat, 26 Sep 2026 06:46 AM IST
प्रशांत तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Sat, 26 Sep 2026 06:46 AM IST
सार
अमेरिका में रोजगार-आधारित आव्रजन बैकलॉग 12 लाख से ज्यादा हो गया है। जॉर्ज डब्ल्यू. बुश इंस्टीट्यूट की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय पेशेवरों के लिए ईबी-2 ग्रीन कार्ड का इंतजार 179 साल तक पहुंच सकता है। ईबी-3 में 38 साल और ईबी-1 में 4-5 साल तक की वेटिंग बताई गई है। दिसंबर 2025 तक करीब 10 लाख भारतीय इस बैकलॉग में थे।
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ग्रीन कार्ड
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिका में रोजगार-आधारित आव्रजन बैकलॉग अब 12 लाख से ज्यादा हो चुका है और ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल की सख्त नीतियों के चलते यह समस्या और गहराती जा रही है। जॉर्ज डब्ल्यू. बुश इंस्टीट्यूट की सितंबर 2026 की मासिक आव्रजन रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। इसके चलते अमेरिकी कंपनियों में कर्मचारियों और विश्वविद्यालयों में छात्रों के लिए कई चुनौतियां पैदा हो गई हैं। उधर, भारतीय पेशेवरों के सामने भी विकट स्थिति पैदा हो रही है।
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ईबी-2 में भारतीयों को 179 साल तक करना होगा इंतजार
रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 या उसके बाद लेबर सर्टिफिकेशन आवेदन या रोजगार-आधारित याचिका दाखिल करने वाले किसी उच्च-कुशल भारतीय पेशेवर को ग्रीन कार्ड (ईबी-2) मिलने में 179 साल तक इंतजार करना होगा। इसके अलावा ईबी-3 में 38 साल और ईबी-1 में 4-5 साल तक का इंतजार बढ़ गया है।
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कुल बैकलॉग का करीब 79% हिस्सा भारतीयों का
दिसंबर 2025 तक करीब 10 लाख भारतीय नागरिक रोजगार-आधारित आव्रजन बैकलॉग में इंतजार कर रहे थे। यानी तीनों श्रेणियों के कुल बैकलॉग का करीब 79% हिस्सा अकेले भारत का है।