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Hindi News ›   World ›   Christa Pike Execution: Woman Who Killed Classmate at 18 Faces Death After 30 Years on Death Row

18 की उम्र में सहपाठी का कत्ल: खोपड़ी का टुकड़ा जेब में रखा, अब 30 साल बाद नरक खत्म होने का कर रही इंतजार

Tue, 29 Sep 2026 05:28 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल एमिली कोचरन, द न्यूयॉर्क टाइम्स
एमिली कोचरन, द न्यूयॉर्क टाइम्स Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Tue, 29 Sep 2026 05:28 AM IST
सार

अमेरिका के टेनेसी में 50 साल की क्रिस्टा पाइक की 30 सितंबर को फांसी तय है। करीब 30 साल पहले 18 साल की उम्र में उसने अपनी 19 वर्षीय सहपाठी कोलीन स्लेमर की हत्या की थी। मामले में खोपड़ी का टुकड़ा अपने पास रखने की बात भी सामने आई थी। अब सवाल है कि तीन दशक बाद पाइक की मौत की सजा क्यों लागू होने जा रही है और क्या उसकी अपील आखिरी समय में कुछ बदल सकती है? आइए, विस्तार से पूरे मामले को समझते हैं...

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Christa Pike Execution: Woman Who Killed Classmate at 18 Faces Death After 30 Years on Death Row
30 साल बाद फांसी का इंतजार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका के टेनेसी राज्य की जेल में 23 घंटे की तन्हाई बैरक के भीतर पिछले तीन दशकों से एक महिला अपनी मौत की तारीख का इंतजार कर रही है। जनवरी 1995 में जब उसने अपने प्रेमी और दोस्त के साथ मिलकर अपनी ही 19 वर्षीय सहपाठी कोलीन स्लेमर की नृशंस हत्या की थी, तब उसकी उम्र महज 18 साल थी।
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चाकू से गोदने, सीने पर शैतानी निशान उकेरने और पत्थरों से सिर कुचलने के बाद उसने मृतका की खोपड़ी का एक टुकड़ा काटकर अपनी जेब में रख लिया था और दोस्तों को दिखाया था। वह लड़की आज 50 साल की हो चुकी है, नाम है क्रिस्टा पाइक।
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कालकोठरी में रखे जानें पर क्या बोलीं क्रिस्टा?
1996 में मौत की सजा पाने के बाद क्रिस्टा पाइक को नैशविले की जेल में ऐसी कालकोठरी में रखा गया। वहीं, उसके प्रेमी तदारिल शिप की उम्र 17 साल होने के कारण टेनेसी कानून के तहत उसे नाबालिग मानते हुए उम्रकैद मिली। अदालत में पेशी और कानूनी दांव-पेंचों के बीच क्रिस्टा पाइक का एक बिना एडिट किया ऑडियो टेप सामने आया है, जिसमें वे कहती है, मैं हर रोज अपने दिल के भीतर इस फांसी से गुजरती हूं। 30 सितंबर को चाहे जो भी हो, कम से कम यह मेरे लिए अब नर्क नहीं रहेगा। पाइक ने माना, शुरुआत में मुझे कोई पछतावा नहीं था, मुझे सिर्फ अपनी और प्रेमी की फिक्र थी।
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1995 का वह खौफनाक हत्याकांड
  • नॉक्सविले में कंप्यूटर की पढ़ाई करने गई 19 वर्षीय कोलीन स्लेमर की मां मे मार्टिनेज आज भी उस मनहूस रात को नहीं भूली हैं। कोलीन ने फ्लोरिडा में अपनी मां को फोन किया था, लेकिन खराब नेटवर्क के कारण बात कट गई। जब मां ने दोबारा मिलाया, तब तक कोलीन को यूनिवर्सिटी कैंपस के जंगलों में ले जाया जा चुका था।
  • मार्टिनेज कहती हैं, दुनिया में इससे भयानक मंजर क्या होगा कि एक मां अपनी ही बेटी की कटी हुई खोपड़ी को अदालत में लोगों के हाथों में घूमते देखे। दस साल की कानूनी लड़ाई के बाद वह खोपड़ी परिवार को लौटाई गई थी।

बचपन में झेले मानसिक आघात ने बनाया अपराधी
डेथ पेनल्टी इंफॉर्मेशन सेंटर की कार्यकारी निदेशक रॉबिन माहेर का कहना है, यदि आज के दौर में क्रिस्टा पाइक पर मुकदमा चलता तो 18 वर्ष की उम्र और बचपन के भयानक मानसिक व यौन शोषण के इतिहास को देखते हुए किसी भी सूरत में उन्हें मृत्युदंड नहीं मिलता। 30 वर्षों में कानून और समाज की समझ बहुत बदल चुकी है।


अमेरिकी राज्य टेनेसी में 200 साल बाद किसी महिला को होगी फांसी
यदि कानूनी अपीलों और दया याचिका पर कोई रोक नहीं लगी तो 30 सितंबर को टेनेसी राज्य में 200 से अधिक वर्षों बाद किसी महिला को मृत्युदंड दिया जाएगा। अमेरिका में आधुनिक दौर यानी 1973 के बाद दिए गए कुल मृत्युदंडों में महिलाओं की हिस्सेदारी महज 2% रही है। आखिरी बार मिसौरी में 2023 में किसी महिला को सजा-ए-मौत दी गई थी।
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