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Witness the scene at the medical college's trauma center... treatment on the floor, and official claims lying in tatters.
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VIDEO: देखिये मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर का नजारा... फर्श पर इलाज, दावों का जनाजा
फिरोजाबाद। सरकारी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में शुक्रवार को अव्यवस्था का माहौल देखने को मिला। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण बेड कम पड़ गए, जिससे सांस के मरीज प्रेमदास और सड़क हादसे में घायल कन्हैया समेत कई मरीजों को फर्श पर चादर बिछाकर ड्रिप लगानी पड़ी। जनरल वार्ड में एक-एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती किए गए।
सरकारी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के दावों की पोल खुल गई है। शुक्रवार को मरीजों की अप्रत्याशित भीड़ बढ़ने के कारण ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू और जनरल वार्ड में बेड पूरी तरह फुल हो गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि गंभीर अवस्था में पहुंचे मरीजों को फर्श पर चादर बिछाकर ड्रिप चढ़ानी पड़ी और इलाज देना पड़ा। इसके अलावा जनरल वार्ड में एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया गया, जिससे स्वाइन फ्लू और टीबी जैसी संक्रामक बीमारियों के बीच अन्य मरीजों में भी संक्रमण फैलने का खतरा काफी बढ़ गया है।
सांस के मरीज से लेकर सड़क हादसे में घायल को जमीन पर लिटाया
शुक्रवार दोपहर 12 बजे ईडी-3 वार्ड में कृष्णा नगर (थाना उत्तर) निवासी प्रेमदास (50), जिन्हें सांस लेने में तकलीफ थी, को बेड न मिलने पर जमीन पर लिटाकर इलाज दिया गया। इसी तरह खैरगढ़ के गांव खैय्यातान निवासी 15 वर्षीय कन्हैया को सड़क हादसे में घायल होने के बाद सीएचसी से रेफर होकर आने पर फर्श पर ही उपचार मिला। जनरल वार्ड में भी सम्राट नगर की मुस्कान (24) और हाजीपुरा की अफसा (12) एक ही बेड पर भर्ती की गईं।
मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नवीन जैन ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण बुखार, उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया है। अस्पताल प्रशासन किसी भी मरीज को बिना इलाज लौटा नहीं रहा है, जिसके चलते यह असहज स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए 20 अतिरिक्त बेड की तत्काल व्यवस्था कराई गई है और उन्होंने आमजन से अपील की कि हल्की समस्या होने पर दवा लेकर घर पर आराम करें।
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