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In Pathankot, the Kisan Mazdoor Sangharsh Committee Punjab staged a protest outside Minister Lal Chand Kataruchak's residence.
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पठानकोट में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब ने मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के घर के सामने लगाया धरना
पठानकोट किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब की तरफ से दूसरे दिन भी कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के घर के आगे रोष प्रदर्शन किया गया। जिला प्रधान हरभजन सिंह वेरोनंगल और हरविंदर सिंह मसाणियां की अगुवाई में चल रहे इस धरने में जिले के सभी जोनों से बड़े स्तर पर किसानों ने हाजिरी भरी। जिला प्रधान हरभजन सिंह ने कहा कि इस रोष प्रदर्शन में पंजाब सरकार द्वारा शंभू-खनौरी बॉर्डर पर किसानों के साथ की गई लूटमार और किए गए अत्याचार के दौरान लगातार और हमेशा के लिए मंचों पर बैठे उन लोगों का मुद्दा उठाया गया, जिन्हें सरकार की शह पर मारा-पीटा गया और उनका लगभग 3 करोड़ 77 लाख रुपये का सामान सरकार द्वारा उस समय के प्रशासन के साथ मिलकर चोरी किया गया।
रिपेरियन लॉ पर बात करते हुए हरविंदर सिंह मसाणियां ने कहा कि धारा 789/80 को गंभीरता से लेते हुए पंजाब के पानी की रक्षा के लिए बड़ा कदम उठाना चाहिए।
दिल्ली-जम्मू-कटरा नेशनल हाईवे के संबंध में उन्होंने कहा कि यह जमीन नहीं, यह किसान की मां है और सरकार इसे कौड़ियों के भाव ले जाना चाहती है, जो किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी।
किसानों-मजदूरों के कर्जे पर बात करते हुए हरभजन सिंह वेरोनंगल ने कहा कि सरकार कॉर्पोरेट घरानों का तो लगभग 20 लाख करोड़ का कर्ज बिना किसी धरना-प्रदर्शन के माफ कर देती है, परंतु किसानों-मजदूरों के कर्जे पर कभी भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया। इस धरने में इस मुख्य मांग को बड़े स्तर पर उठाया जाएगा। इसके अलावा 18-सूत्रीय मांग पत्र पर भी अच्छे तरीके से विचार किया गया और लोगों से इसे संगठनात्मक तरीके से लड़ने की अपील की गई।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 18 सितंबर तक सरकार में उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया तो रेल रोको और हाईवे जॉन जैसे संघर्ष के लिए भी किसान तैयार हो सकते हैं। इस मौके हरविंदर सिंह, हरभजन सिंह वेरोनंगल, आलोक सिंह सुल्तानी, अनूप सिंह, सुखजिंदर सिंह, डॉ. हरदीप सिंह, निशान सिंह आदि मौजूद थे।
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