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Muzaffarnagar News: किलकारियों से पहले मोमीन के घर चली आई चीत्कार
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मुजफ्फरनगर। राजपुर गढ़ी गांव के मजदूर मोमीन के घर पहली संतान का इंतजार है। आठ माह की पत्नी को घर छोड़कर वह अपने साले फरमान के साथ ईंट भट्ठे पर जाने की तैयारी में जुटा था। दोनों पहले बुढ़ाना दवाई लेने गए और इसके बाद सोरम चले गए। लौटते हुए हादसे का शिकार हुआ।
मोमीन बुढ़ाना के गांव गढ़ी राजपुर का रहने वाला था। उसका साला बागपत निवासी फरमान पिछले काफी समय से बीमार चल रहा था। बताया गया कि फरमान ने मोमीन को बुढ़ाना में एक डॉक्टर के यहां से दवाई लेने जाने के साथ सोरम रिश्तेदारी में चलने के कहा था। फरमान अपनी बेटी को लेकर मोमीन से मिला और तीनों सुबह के समय बाइक पर सवार होकर काम पूरे करने के लिए चल दिए थे।
उन्होंने पहले तो बुढ़ाना से दवाई ली और इसके बाद अन्य काम निबटाते हुए भैसाना पहुंचे थे। उन्हें भट्ठे पर जाने पर लेकर जाने के लिए एक पिकअप की जरूरत थी। दोनों ने भैसाना में एक युवक को उसकी पिकअप किराए पर तय कर दो हजार रुपये दिए। इसके बाद दोनों जैसे ही चले और पचास कदम दूर पहुंचे तभी सामने से आ रही रोडवेज बस उनके लिए काल बन गई। तीनों लोगों की हादसे में मौत हो गई।
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आंसू बहाता रहा गया परिवार
मोमीन खुश था कि उसके आंगन में जल्द ही बच्चे के रूप में किलकारी गूंजेंगी। लेकिन वह यह खुशी देख नहीं पाया। पहले ही उसकी जिंदगी को हादसे ने लील लिया। परिजन उसकी मौत से शोक में हैं। उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए वह भट्ठे पर मजदूरी करता था। उसकी एक साल पहले ही शादी हुई थी। परिवार में उसके दो बड़े भाई तालिब व साकिर हैं। वह तीन भाइयों व एक बहन में सबसे छोटा था।
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मोमीन बुढ़ाना के गांव गढ़ी राजपुर का रहने वाला था। उसका साला बागपत निवासी फरमान पिछले काफी समय से बीमार चल रहा था। बताया गया कि फरमान ने मोमीन को बुढ़ाना में एक डॉक्टर के यहां से दवाई लेने जाने के साथ सोरम रिश्तेदारी में चलने के कहा था। फरमान अपनी बेटी को लेकर मोमीन से मिला और तीनों सुबह के समय बाइक पर सवार होकर काम पूरे करने के लिए चल दिए थे।
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उन्होंने पहले तो बुढ़ाना से दवाई ली और इसके बाद अन्य काम निबटाते हुए भैसाना पहुंचे थे। उन्हें भट्ठे पर जाने पर लेकर जाने के लिए एक पिकअप की जरूरत थी। दोनों ने भैसाना में एक युवक को उसकी पिकअप किराए पर तय कर दो हजार रुपये दिए। इसके बाद दोनों जैसे ही चले और पचास कदम दूर पहुंचे तभी सामने से आ रही रोडवेज बस उनके लिए काल बन गई। तीनों लोगों की हादसे में मौत हो गई।
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आंसू बहाता रहा गया परिवार
मोमीन खुश था कि उसके आंगन में जल्द ही बच्चे के रूप में किलकारी गूंजेंगी। लेकिन वह यह खुशी देख नहीं पाया। पहले ही उसकी जिंदगी को हादसे ने लील लिया। परिजन उसकी मौत से शोक में हैं। उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए वह भट्ठे पर मजदूरी करता था। उसकी एक साल पहले ही शादी हुई थी। परिवार में उसके दो बड़े भाई तालिब व साकिर हैं। वह तीन भाइयों व एक बहन में सबसे छोटा था।