मिर्जापुर: 58 खाद्य नमूने जांच में फेल, 4.85 लाख रुपये जुर्माना; त्योहार से पहले मिलावट के खिलाफ अभियान धीमा
मिर्जापुर में अप्रैल से अक्तूबर 2026 तक खाद्य सुरक्षा विभाग ने 303 नमूने जांच के लिए भेजे, जिनमें 58 मानकों के विपरीत मिले। इस सत्र में 34 दुकानदारों पर 4.85 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दशहरा और दिवाली नजदीक होने के बावजूद अभियान की गति धीमी होने पर सवाल उठ रहे हैं।
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दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार नजदीक हैं, लेकिन जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन का अभियान सुस्त पड़ गया है। अप्रैल से अक्तूबर 2026 तक विभाग ने 303 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे, लेकिन अब तक 217 की ही रिपोर्ट मिल सकी है। इनमें 58 नमूने मानकों के विपरीत पाए गए। इनके खिलाफ न्यायालय में मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। वहीं, इस सत्र में अब तक 34 दुकानदारों पर कुल 4.85 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
925 दुकानों का निरीक्षण, 86 नमूनों की रिपोर्ट बाकी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अप्रैल से अक्तूबर 2026 तक 925 दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान 162 विधिक और 241 सर्वे नमूने एकत्र किए गए। इन्हें जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया। विभाग को विधिक नमूनों की 100 और सर्वे नमूनों की 117 रिपोर्ट मिली हैं। इस तरह कुल 341 नमूनों के आंकड़े और 303 नमूनों की जांच संबंधी विवरण में अंतर है, जिसकी पुष्टि जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 303 नमूनों में से 217 की रिपोर्ट मिलने की बात कही गई है।
जुलाई में गुरु पूर्णिमा और सावन को देखते हुए खाद्य पदार्थों और प्रतिष्ठानों की जांच की गई थी। अगस्त में भी नमूने लिए गए। विभागीय जानकारी के अनुसार, 13 अगस्त को छह और 14 अगस्त को पांच नमूने लिए गए थे। इसके बाद त्योहारी सीजन के मद्देनजर अभियान की गति धीमी पड़ने की बात सामने आई है। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा सुशील कुमार सिंह ने बताया कि अभियान चलाया जा रहा है। मिलावटी मिठाइयां नहीं बिकने दी जाएंगी।
दशहरा 20 अक्तूबर को मनाया जाएगा। त्योहार के दौरान मिठाइयों की खपत काफी बढ़ जाती है। अनुमान के मुताबिक, दशहरा पर जिले में करीब 40 टन मिठाइयों की खपत होती है। इनमें खोये और छेने से बनी मिठाइयों की मांग अधिक रहती है। इन खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए जांच की जरूरत बढ़ जाती है। इसके अलावा पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की भी जांच जरूरी है।
परसिया में बन रही 22 करोड़ की खाद्य प्रयोगशाला
विंध्याचल के पास परसिया में 22 करोड़ रुपये की लागत से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की प्रयोगशाला बनाई जा रही है। यहां खाद्य पदार्थों के साथ दवाओं और अन्य वस्तुओं की जांच की भी व्यवस्था होगी। फिलहाल प्रयोगशाला में मशीनें लगाने का काम चल रहा है।
मंडलीय खाद्य सुरक्षा आयुक्त प्रभुनाथ ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि इसी महीने के अंत तक प्रयोगशाला शुरू हो जाएगी। इसके शुरू होने से नमूनों की जांच में लगने वाला दो से तीन महीने का समय कम हो सकेगा।
लाल मिर्च पाउडर और पानी के नमूने भी फेल
विभाग के अनुसार, जांच में गो प्लस ब्रांड के पानी और आरएल मसाले के लाल मिर्च पाउडर के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा बेसन के लड्डू, खोया, पनीर और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने भी फेल पाए गए। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा सुशील कुमार सिंह ने बताया कि ब्रांडेड उत्पादों में आरएल मसाले और गो प्लस ब्रांड के पानी के नमूने शामिल हैं।