{"_id":"6a9eaff8800ffa348e09dae9","slug":"bulandshahar-ground-report-on-kalyan-singh-government-medical-college-khurja-thermal-plant-and-odop-scheme-2026-09-07","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar Ground Report: मेडिकल कॉलेज से इलाज हुआ आसान, थर्मल प्लांट और ओडीओपी से कारोबार को कितना फायदा?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar Ground Report: मेडिकल कॉलेज से इलाज हुआ आसान, थर्मल प्लांट और ओडीओपी से कारोबार को कितना फायदा?
Mon, 07 Sep 2026 06:07 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Mon, 07 Sep 2026 06:07 PM IST
सार
Bulandshahar Ground Report: अमर उजाला की टीम यूपी सक्षम अभियान के तहत बुलंदशहर जिले में पहुंची। यहां स्वास्थ्य सुविधाओं, कारोबार और विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर स्थानीय लोगों से बातचीत की गई। टीम ने यह जानने की कोशिश की कि इन क्षेत्रों में हुए बदलावों का बुलंदशहर के लोगों के जीवन पर कितना और किस तरह का असर पड़ा है।
विज्ञापन
Bulandshahar Ground Report
- फोटो : अमर उजाला GFX
विस्तार
Bulandshahar Ground Report: यूपी सक्षम अभियान के तहत अमर उजाला की टीम कई जिलों से होते हुए बुलंदशहर पहुंची। इस दौरान कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज, खुर्जा के थर्मल पावर प्लांट और ओडीओपी के तहत पॉटरी कारोबार की जमीनी पड़ताल की गई। अधिकारियों, कारोबारियों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर यह समझने की कोशिश की गई कि स्वास्थ्य सुविधाओं, बिजली उत्पादन और पारंपरिक कारोबार के क्षेत्र में हुए बदलावों का आम लोगों पर कितना असर पड़ा है और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के आखिरी तबके तक कितना पहुंच रहा है। आइए, विस्तार से पढ़ते हैं बुलंदशहर की ग्राउंड रिपोर्ट।
विज्ञापन
बुलंदशहर में मेडिकल सुविधाओं का हुआ विस्तार
बुलंदशहर जिले में स्थित कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज से स्थानीय लोगों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और इससे हुए बदलाव को लेकर अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की। मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज करीब दो साल पहले शुरू हुआ था। यहां अब एमबीबीएस की पढ़ाई हो रही है। डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने बताया कि पहले जिले के लोगों को इलाज के लिए मेरठ या नोएडा जाना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें कई चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल रही हैं। इससे मरीजों और उनके परिजनों को बाहर जाने की परेशानी से राहत मिली है। मेडिकल कॉलेज के संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
बुलंदशहर जिले में स्थित कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज से स्थानीय लोगों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और इससे हुए बदलाव को लेकर अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की। मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज करीब दो साल पहले शुरू हुआ था। यहां अब एमबीबीएस की पढ़ाई हो रही है। डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने बताया कि पहले जिले के लोगों को इलाज के लिए मेरठ या नोएडा जाना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें कई चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल रही हैं। इससे मरीजों और उनके परिजनों को बाहर जाने की परेशानी से राहत मिली है। मेडिकल कॉलेज के संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुलंदशहर में थर्मल प्लांट से बढ़ी बिजली आपूर्ति
बुलंदशहर के खुर्जा में स्थापित थर्मल पावर प्लांट से बिजली उत्पादन और इसकी आपूर्ति को लेकर अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की। सीजीएम प्रोजेक्ट विनोद साहू ने बताया कि यह प्रोजेक्ट वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। यहां उत्पादित बिजली का 68 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश को दिया जा रहा है।
इसके अलावा अन्य राज्यों को भी बिजली की आपूर्ति की जाती है। उन्होंने बताया कि खुर्जा में थर्मल पावर प्लांट की दो यूनिट हैं। प्लांट के शुरू होने से क्षेत्र में बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़ी है और स्थानीय स्तर पर भी लोगों को इसका लाभ मिला है।
बुलंदशहर के खुर्जा में स्थापित थर्मल पावर प्लांट से बिजली उत्पादन और इसकी आपूर्ति को लेकर अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की। सीजीएम प्रोजेक्ट विनोद साहू ने बताया कि यह प्रोजेक्ट वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। यहां उत्पादित बिजली का 68 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश को दिया जा रहा है।
इसके अलावा अन्य राज्यों को भी बिजली की आपूर्ति की जाती है। उन्होंने बताया कि खुर्जा में थर्मल पावर प्लांट की दो यूनिट हैं। प्लांट के शुरू होने से क्षेत्र में बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़ी है और स्थानीय स्तर पर भी लोगों को इसका लाभ मिला है।
मिट्टी से बने हुनर की कहानी
बुलंदशहर में मिट्टी से बने हैंडमेड उत्पादों के कारोबार को लेकर अमर उजाला की टीम ने कारोबारियों से बातचीत की। ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) योजना में शामिल होने के बाद इस पारंपरिक कारोबार में आए बदलाव और कारोबारियों को मिल रहे लाभ को समझने की कोशिश की गई।
पॉटरी व्यापारी अंशुल गोयल ने बताया कि मिट्टी से तैयार होने वाला एक उत्पाद बनाने में करीब 15 दिन लगते हैं। इसे तैयार करने के लिए कई चरणों से गुजरना पड़ता है और अंत में इसकी सजावट की जाती है। उन्होंने बताया कि ओडीओपी योजना के बाद लोगों की सोच में बदलाव आया है। अब स्थानीय उत्पादों और भारत में बने सामान को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति बढ़ी है। अंशुल गोयल के मुताबिक, सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग और उत्पादों के प्रचार-प्रसार से पॉटरी कारोबार को काफी फायदा हो रहा है। इससे कारोबारियों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
बुलंदशहर में मिट्टी से बने हैंडमेड उत्पादों के कारोबार को लेकर अमर उजाला की टीम ने कारोबारियों से बातचीत की। ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) योजना में शामिल होने के बाद इस पारंपरिक कारोबार में आए बदलाव और कारोबारियों को मिल रहे लाभ को समझने की कोशिश की गई।
पॉटरी व्यापारी अंशुल गोयल ने बताया कि मिट्टी से तैयार होने वाला एक उत्पाद बनाने में करीब 15 दिन लगते हैं। इसे तैयार करने के लिए कई चरणों से गुजरना पड़ता है और अंत में इसकी सजावट की जाती है। उन्होंने बताया कि ओडीओपी योजना के बाद लोगों की सोच में बदलाव आया है। अब स्थानीय उत्पादों और भारत में बने सामान को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति बढ़ी है। अंशुल गोयल के मुताबिक, सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग और उत्पादों के प्रचार-प्रसार से पॉटरी कारोबार को काफी फायदा हो रहा है। इससे कारोबारियों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।