फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Model colonies are being swept for donations with private watchmen responsible for security

बरेली: बीडीए की मॉडल कॉलोनियों में चंदे पर लग रही झाड़ू, सुरक्षा के जिम्मेदार निजी चौकीदार

Thu, 10 Sep 2026 03:22 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 10 Sep 2026 03:22 AM IST
सार

बरेली में बीडीए की रामगंगानगर आवासीय योजना में सुविधाओं का अभाव है। प्राधिकरण इसे मॉडल कॉलोनी बताता है, पर यहां रहने वाले लोग चंदे से सफाई और चौकीदार रख रहे हैं। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि सड़कों की हालत खराब है और स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। 

विज्ञापन
Model colonies are being swept for donations with private watchmen responsible for security
रामगंगानगर सेक्टर नौ की तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रामगंगानगर आवासीय योजना... बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) इसे मॉडल कॉलोनी के रूप में विकसित करने का दावा करता है, लेकिन यहां सुविधाओं का अकाल है। हालात यह हैं कि यहां के बाशिंदे चंदे पर सफाई करवा रहे हैं। चौकीदार भी निजी खर्च पर रखा है। प्राधिकरण की ओर से रखरखाव के नाम पर शुल्क तो वसूला जा रहा है, लेकिन सुविधाओं के लिए नागरिक भटक रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने सेक्टर चार व नौ की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।

विज्ञापन


विज्ञापन


विकास प्राधिकरण की तरफ से बसाई गई कॉलोनियों में रहवासियों से चौकीदार, सड़क, बिजली, सीवर लाइन, पार्कों के रखरखाव, सफाई के नाम पर क्षेत्रफल के हिसाब से अनुरक्षण शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद सेक्टर एक सत्यम एन्क्लेव की सड़क टूटी है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। पार्क में झाड़ियां उग आई हैं। खंभे लटक रहे हैं। स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। वर्ष 2021 में कूड़ा उठाने के लिए दो रिक्शा गाड़ियां मंगाई गईं, लेकिन व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी। सेक्टर चार में भी जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। पार्क को घेरा तक नहीं गया है। वहां झाड़ियां उग आई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

Model colonies are being swept for donations with private watchmen responsible for security
अवधेश कुमार सिंह और शिखर सक्सेना - फोटो : अमर उजाला
नागरिकों ने गिनाईं समस्याएं
सेक्टर नौ के निवासी अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि बीडीए की कॉलोनी में रहने के बावजूद सीवर लाइन से नहीं जुड़ सका। पानी की टंकी तो बनाई गई है, लेकिन उसे चालू नहीं किया गया। सीवर टैंक पर ढक्कन नहीं है। सड़क धंस गई है। 

शिखर सक्सेना ने बताया कि 72 वर्गमीटर के भूखंड पर प्रतिमाह 500 रुपये अनुरक्षण शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं नदारद हैं। बिजली का खंभा टेढ़ा हो गया है। उसे तार से बांधकर रोका गया है। कभी भी हादसा हो सकता है। 

Model colonies are being swept for donations with private watchmen responsible for security
रामनिवास पाठक और शिवरतन सिंह आर्या - फोटो : अमर उजाला
रामनिवास पाठक ने कहा कि पार्क के सुंदरीकरण के लिए कितने का टेंडर हुआ है, इसकी जानकारी नहीं है। मेरे इलाके में लाइटें नहीं हैं, जबकि बगल के खाली वाले सेक्टरों में प्रकाश की व्यवस्था है। 

शिवरतन सिंह आर्या ने बताया कि पानी की निकासी नहीं हो रही है। ड्रेनेज सिस्टम ठीक हो जाए तो जलभराव की समस्या से निजात मिले। कॉलोनी की सीवर लाइन और बाहर के मुख्य नाले के नीचे होने के चलते समस्या है।  

इन सुविधाओं का भी अभाव
- पार्क बदहाल होने के कारण सड़क पर खेलते समय बच्चे घायल हो रहे हैं।
- नालों की सफाई न होने के कारण सड़कों पर जलभराव।
- सीवर लाइन न होने से जलनिकासी की समस्या।
- सड़कें टूटी हैं।

बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने कहा कि इन कॉलोनियों का मैं निरीक्षण कर चुकी हूं। जल्द ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed