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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Observing a waterless fast, married women sought the boon of enduring marital bliss from Lord Shiva and Goddess Parvati.

Ballia News: निर्जला व्रत रख सुहागिनों ने भगवान शिव-पार्वती से मांगा अखंड सौभाग्य का वरदान

Mon, 14 Sep 2026 11:43 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2026 11:43 PM IST
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Observing a waterless fast, married women sought the boon of enduring marital bliss from Lord Shiva and Goddess Parvati.
नगर के बाबा बालेश्वर मंदिर परिसर में हरितालिका तीज पर्व पर कथा श्रवण करती व्रती महिलाएं। संवाद
लिया। अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना का पावन पर्व सोमवार को हरतालिका तीज श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।
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भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व पर सुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने शिव-पार्वती से परिवार में सुख, शांति, समृद्धि एवं पति की दीर्घायु की कामना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। माता पार्वती के इसी तप, त्याग, अटूट संकल्प और शिव के प्रति समर्पण की स्मृति में हरतालिका तीज का व्रत रखने की परंपरा चली आ रही है।
इसी कारण यह पर्व नारी के संकल्प, प्रेम, समर्पण और आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस व्रत में महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए बिना अन्न- जल के पूरे दिन व्रत रखती हैं। उसके बाद शाम को भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा- अर्चन करती हैं। तत्पश्चात दूसरे दिन पति के आशीर्वाद के साथ व्रत का समापन करती हैं। व्रत रखने वाली महिलाओं ने बताया कि यह व्रत सिर्फ एक परंपरा नहीं है। यह आस्था, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।
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दिनभर निर्जला रहने के बाद शाम को कथा सुनने के बाद अगले दिन सुबह व्रत का पारण किया जाता है। बाबा बालेश्वर मंदिर में कथा सुनने वाली महिलाओं की भीड़ लगी रही। भगवान शिव-पार्वती का दर्शन-पूजन करने के साथ ही चूड़ी, सिंदूर, बेलपत्र, धतूरा और मिठाई चढ़ाई और कथा सुनी। ग्रामीण क्षेत्र के मंदिरों में भी महिलाओं को कथा सुनने की भीड़ देखी गई।
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व्रत का पारण समय---
-15 सितंबर दिन मंगलवार सूर्योदय के बाद व 07:58 बजे तक।
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हाथों में दिखी मेहंदी की अलग-अलग कलाकृति
हरितालिका तीज को लेकर महिलाओं में शृंगार को लेकर भी खास उत्साह दिखा। महिलाओं ने हाथों में अलग-अलग डिजाइन और कलाकृतियों वाली मेहंदी लगायी। कई महिलाओं ने घर पर ही मेहंदी लगायी, जबकि कई महिलाएं बाजार पहुंचकर मेहंदी की दुकानों पर हाथ सजवाती नजर आयीं।

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दोपहर बाद बारिश ने दी व्रती महिलाओं को राहत
सोमवार की सुबह आसमान में बादलों का जमघट लगा रहा। दिन चढ़ने के साथ ही धूप कड़क होती गई। उमस से व्रती महिलाओं को काफी दिक्कत हुई लेकिन दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में बादलों के डेरा के साथ तीन बजे करीब बारिश से मौसम पूरी तरह से सुहाना हो गया। इससे व्रती महिलाओं को थोड़ी राहत मिल गई।
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