व्हाट्सएप यूजर्स सावधान: प्ले स्टोर पर पांच लाख से ज्यादा बार डाउनलोड हुआ फर्जी एप, कैसे करें असली की पहचान?
अगर आपके फोन में भी व्हाट्सएप है, तो सावधान होने की जरुरत है। गूगल प्ले स्टोर पर एक ऐसा फर्जी व्हाट्सएप एक्टिव है, जो बिल्कुल असली जैसा दिखता है। जालसाजों ने असली एप का नाम, लोगो और डिस्क्रिप्शन कॉपी करके एक नकली एप तैयार किया है, जिसे अब तक लाखों लोग डाउनलोड कर चुके हैं। आइए जानते हैं कि यह पूरा फ्रॉड क्या है और आप अपने फोन को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं...

विस्तार
दुनियाभर में करीब 180 देशों के दो अरब से ज्यादा लोग व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं, जिसे डाउनलोड करने के लिए अमूमन लोग गूगल के ऑफिशियल प्ले स्टोर को सुरक्षित मानते हैं, लेकिन अगर आपने हाल ही में अपने फोन में व्हाट्सएप डाउनलोड या अपडेट किया है, तो यह खबर आपके लिए जरूरी हो सकती है। सितंबर से ही प्ले स्टोर पर असली व्हाट्सएप जैसा दिखने वाला एक फर्जी एप लाइव है, जिसे अब तक पांच लाख से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं।
कैसे पता चला कि व्हाट्सएप नकली है?
एंड्राॅयड एथॉरिटी की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला रेडिट यूजर की मदद से सामने आया। इससे पहले प्ले स्टोर पर एक फर्जी गूगल क्रोम एप भी पकड़ में आया था, जिसे गूगल की ओर से हटाए जाने से पहले एक लाख से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके थे। अगर आप इसे पहचानना चाहते हैं, तो इसके संकेत कुछ इस प्रकार हैं...
- स्पॉन्सर्ड के तरह विज्ञापन: फ्रॉड करने वाले डेवलपर ने ज्यादा से ज्यादा लोगों को जाल में फंसाने के लिए इसे स्पॉन्सर्ड सजेशन (विज्ञापन) के तौर पर बूस्ट किया है, जिससे सर्च करते ही यह ऊपर दिखाई दे सकता है।
- साइज:साथ ही इस नकली एप का डाउनलोड साइज भी 42MB ही है।
- यूजर रिव्यू:यहां पर काफी शातिरता दिखाते हुए, फर्जी एप पब्लिश करने के लिए गूगल प्ले की अर्ली एक्सेस सुविधा का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। जिससे यूजर्स इस पर अपने रिव्यू और रेटिंग न दे सकें, जिससे लोगों के सामने पोल न खुले।
असली और नकली व्हाट्सएप की पहचान कैसे करें?
यूजर्स को अपने जाल में फंसाने के लिए स्कैमर्स ने असली एप के डिस्क्रिप्शन टेक्स्ट, पैराग्राफ्स और स्क्रीनशॉट्स को हूबहू कॉपी किया है, जिसमें एक ही स्क्रीनशॉट दो बार चिपकाया गया है। लेकिन कुछ चीजें देखकर आप इसे आसानी से पकड़ सकते हैं, जैसे की...
- डेवलपर का नाम:असली व्हाट्सएप का डेवलपर हमेशा व्हाट्सएप एलएलसी होता है। जबकि इस नकली एप को एजमेंट असेट्स सल्लू नाम के डेवलपर ने पब्लिश किया है।
- अधूरी जानकारी:इस फर्जी लिस्टिंग के डिस्क्रिप्शन में स्पेसिंग की गलतिया हैं और आधिकारिक लिंक्स जैसे टर्म्स ऑफ सर्विस और लर्न मार यानी की अधिक जानें गायब हैं।
- डेटा सेफ्टी का झूठा दावा:लिस्टिंग में एप को डेवलपमेंट में दिखाया गया है और दावा किया गया है कि यह डेटा कलेक्ट या शेयर नहीं करता, जो कि पूरी तरह से भ्रामक है।
नकली व्हाट्सएप से क्या खतरा है?
जब आप ऐसा कोई थर्ड-पार्टी फर्जी एप अपने स्मार्टफोन में इंस्टॉल कर लेते हैं, तो वह आपके मैसेज, कॉन्टैक्ट्स और पर्सनल डेटा का एक्सेस चुरा सकता है। इसके अलावा, बैंकिंग एप्स के ओटीपी और प्राइवेसी पर भी साइबर हमले का खतरा मंडराने लगता है।
कैसे रहें सुरक्षित?
अगर आप कभी भी ऐसे स्कैम से बचना चाहते हैं, तो इन बातों की गांठ बांध लीजिए...
- अपने फोन की सेटिंग्स या प्ले स्टोर में जाकर देखें कि आपका व्हाट्सएप किस डेवलपर नाम के तहत दिख रहा है।
- अगर डेवलपर नाम व्हाट्सएप एलएलसी के अलावा कुछ और लिखा आ रहा है, तो उसे फौरन डिलीट करें।
- हमेशा एप डाउनलोड करते समय डेवलपर का नाम, टोटल डाउनलोड्स और यूजर रिव्यूज जरूर चेक करें।