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Shimla News: जीवित और मृत्यु के बाद किया जा सकता है अंगदान
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सोटो ने किया अंगदान पर किया जागरूक
मीडिया कंसल्टेंट रामेश्वरी ने दी अंगदान की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्टेट ऑर्गन एवं टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) ने लोगों को रिज मैदान में अंगदान के महत्व के बारे में जागरूक किया। लोगों को बताया कि जीवित और मृत्यु के बाद अंगदान किया जा सकता है।
जीवित व्यक्ति निर्धारित चिकित्सकीय एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत किडनी या लीवर के एक हिस्से समेत कुछ अंगों का दान कर सकता है जबकि मृत्यु के बाद चिकित्सकीय परिस्थितियों के अनुसार हृदय, फेफड़े, लीवर, किडनी, पैंक्रियाज सहित विभिन्न अंग तथा कॉर्निया, त्वचा तथा हड्डी जैसे ऊतक दान किए जा सकते हैं। कार्यक्रम में लोगों को अंगदान की शपथ दिलवाने के साथ फॉर्म भी भरवाए गए। लोगों को बताया कि अंगदान से किसी के जीवन को सुरक्षित किया जा रहा है। सोटो की मीडिया कंसल्टेंट रामेश्वरी ने बताया कि लोगों को अंगदान के महत्व, इसकी प्रक्रिया तथा इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंगदान दो प्रकार से किया जा सकता है, लोगों को ब्रेन स्टेम डेथ और अंगदान के संबंध में भी जागरूक किया गया। ब्रेन स्टेम डेथ की स्थिति में निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत इसकी पुष्टि के बाद, परिवार की सहमति से अंगदान संभव हो सकता है।
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मीडिया कंसल्टेंट रामेश्वरी ने दी अंगदान की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्टेट ऑर्गन एवं टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) ने लोगों को रिज मैदान में अंगदान के महत्व के बारे में जागरूक किया। लोगों को बताया कि जीवित और मृत्यु के बाद अंगदान किया जा सकता है।
जीवित व्यक्ति निर्धारित चिकित्सकीय एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत किडनी या लीवर के एक हिस्से समेत कुछ अंगों का दान कर सकता है जबकि मृत्यु के बाद चिकित्सकीय परिस्थितियों के अनुसार हृदय, फेफड़े, लीवर, किडनी, पैंक्रियाज सहित विभिन्न अंग तथा कॉर्निया, त्वचा तथा हड्डी जैसे ऊतक दान किए जा सकते हैं। कार्यक्रम में लोगों को अंगदान की शपथ दिलवाने के साथ फॉर्म भी भरवाए गए। लोगों को बताया कि अंगदान से किसी के जीवन को सुरक्षित किया जा रहा है। सोटो की मीडिया कंसल्टेंट रामेश्वरी ने बताया कि लोगों को अंगदान के महत्व, इसकी प्रक्रिया तथा इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंगदान दो प्रकार से किया जा सकता है, लोगों को ब्रेन स्टेम डेथ और अंगदान के संबंध में भी जागरूक किया गया। ब्रेन स्टेम डेथ की स्थिति में निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत इसकी पुष्टि के बाद, परिवार की सहमति से अंगदान संभव हो सकता है।
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