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Shimla News: आक्रामक कुत्ते हमेशा के लिए होंगे बंद, हाईकोर्ट से ली जाएगी अनुमति
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लावारिस कुत्तों के मामले पर अक्तूबर में होगी सुनवाई
अभी चार दिन बाद वापस छोड़ने पड़ते हैं पकड़े गए कुत्ते
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को आक्रामक हो चुके लावारिस कुत्तों से राहत दिलाने के लिए नगर निगम अब इन्हें हमेशा के लिए डॉग हट में बंद रखने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए प्रदेश हाईकोर्ट से विशेष अनुमति ली जाएगी। अक्तूबर में होने वाली सुनवाई में नगर निगम अपना पक्ष रखेगा।
इसमें बार-बार लोगों को काटने वाले कुत्तों को हमेशा के लिए डॉग हट में बंद करने की अनुमति मांगी जाएगी। अभी लोगों की शिकायतों के बाद नगर निगम काटने वाले लावारिस कुत्तों को पकड़ता तो है, लेकिन चार दिन डॉग हट में रखने के बाद उन्हें वापस उसी जगह छोड़ देता है। निगम का कहना है कि डॉग रूल्स 2026 के अनुसार ऐसा करना जरूरी है। निगम नसबंदी के बाद भी चार दिन के भीतर कुत्तों को उसी जगह वापस छोड़ देता है, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। नगर निगम हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की ओर से लावारिस कुत्तों को लेकर जारी किए गए आदेशों का भी अध्ययन कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों से लावारिस कुत्तों को हटाने और बार-बार हमला करने वाले कुत्तों को पकड़ने को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हालांकि इस बारे में अभी स्पष्ट लिखित आदेश नहीं आए हैं। इसके चलते नगर निगम अब प्रदेश हाईकोर्ट से ही इस बारे में अनुमति लेने जा रहा है।
महापौर ने विधि अधिकारियों से ली कानूनी सलाह
महापौर सुरेंद्र चौहान ने मंगलवार को नगर निगम के विधि अधिकारियों से भी इस बारे में कानूनी राय ली है। अक्तूबर में प्रदेश हाईकोर्ट में लावारिस कुत्तों से जुड़े एक मामले पर सुनवाई होनी है। इसी दौरान नगर निगम भी अपना पक्ष रखेगा। इसमें निगम शहर में लावारिस कुत्तों के लिए बनाए गए डॉग हट और इसकी क्षमता आदि को लेकर अपना पक्ष रखने जा रहा है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शहर की जनता लावारिस कुत्तों के आतंक से परेशान है। जनता को राहत दिलाना जरूरी है। अभी निगम नियमों में बंधा है और आक्रामक हो चुके कुत्तों को भी चार दिन से ज्यादा समय तक बंद नहीं रख सकता। अब इसकी विशेष अनुमति हाईकोर्ट से मांगी जाएगी। महापौर ने आईजीएमसी पहुंचकर कुत्तों के हमले में घायल हुई बच्ची का हाल जाना और हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया।
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शहर में 3,500 कुत्ते, डॉग हट 30 के लिए
शिमला शहर में 3,500 से ज्यादा लावारिस कुत्ते हैं। इनमें 120 से ज्यादा बेहद आक्रामक हो चुके हैं। यह बार-बार लोगों को काट चुके हैं। अब यदि नगर निगम इन्हें हमेशा के लिए बंद करने की योजना बनाता है तो इसके लिए पहले डॉग हट का निर्माण करना होगा। अभी सिर्फ 30 कुत्तों के लिए ही हट बनी है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि टुटीकंडी में बनी डॉग हट का विस्तार करने के निर्देश दे दिए हैं। एक सप्ताह के भीतर नसबंदी और टीकाकरण अभियान शुरू करने को भी कहा गया है।
आक्रमक कुत्तों को रेड कॉलर लगाने के दावे फेल
नगर निगम ने शहर में लावारिस कुत्तों की गणना के बाद इन्हें क्यूआर कोड वाले कॉलर लगाने की भी योजना बनाई थी। चंद कुत्तों में ही यह कॉलर लग पाया। आक्रामक कुत्तों को रेड कॉलर लगना था, लेकिन आज तक एक भी कुत्ते को यह कॉलर नहीं लगाया गया। रेड कॉलर लगने से लोगों को पता चलना था कि संबंधित कुत्ता आक्रामक है और उससे बचाव करना है। निगम की यह पूरी योजना ठप हो गई। इसमें पैसों की बर्बादी का भी अंदेशा है।
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अभी चार दिन बाद वापस छोड़ने पड़ते हैं पकड़े गए कुत्ते
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को आक्रामक हो चुके लावारिस कुत्तों से राहत दिलाने के लिए नगर निगम अब इन्हें हमेशा के लिए डॉग हट में बंद रखने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए प्रदेश हाईकोर्ट से विशेष अनुमति ली जाएगी। अक्तूबर में होने वाली सुनवाई में नगर निगम अपना पक्ष रखेगा।
इसमें बार-बार लोगों को काटने वाले कुत्तों को हमेशा के लिए डॉग हट में बंद करने की अनुमति मांगी जाएगी। अभी लोगों की शिकायतों के बाद नगर निगम काटने वाले लावारिस कुत्तों को पकड़ता तो है, लेकिन चार दिन डॉग हट में रखने के बाद उन्हें वापस उसी जगह छोड़ देता है। निगम का कहना है कि डॉग रूल्स 2026 के अनुसार ऐसा करना जरूरी है। निगम नसबंदी के बाद भी चार दिन के भीतर कुत्तों को उसी जगह वापस छोड़ देता है, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। नगर निगम हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की ओर से लावारिस कुत्तों को लेकर जारी किए गए आदेशों का भी अध्ययन कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों से लावारिस कुत्तों को हटाने और बार-बार हमला करने वाले कुत्तों को पकड़ने को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हालांकि इस बारे में अभी स्पष्ट लिखित आदेश नहीं आए हैं। इसके चलते नगर निगम अब प्रदेश हाईकोर्ट से ही इस बारे में अनुमति लेने जा रहा है।
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महापौर ने विधि अधिकारियों से ली कानूनी सलाह
महापौर सुरेंद्र चौहान ने मंगलवार को नगर निगम के विधि अधिकारियों से भी इस बारे में कानूनी राय ली है। अक्तूबर में प्रदेश हाईकोर्ट में लावारिस कुत्तों से जुड़े एक मामले पर सुनवाई होनी है। इसी दौरान नगर निगम भी अपना पक्ष रखेगा। इसमें निगम शहर में लावारिस कुत्तों के लिए बनाए गए डॉग हट और इसकी क्षमता आदि को लेकर अपना पक्ष रखने जा रहा है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शहर की जनता लावारिस कुत्तों के आतंक से परेशान है। जनता को राहत दिलाना जरूरी है। अभी निगम नियमों में बंधा है और आक्रामक हो चुके कुत्तों को भी चार दिन से ज्यादा समय तक बंद नहीं रख सकता। अब इसकी विशेष अनुमति हाईकोर्ट से मांगी जाएगी। महापौर ने आईजीएमसी पहुंचकर कुत्तों के हमले में घायल हुई बच्ची का हाल जाना और हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया।
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शहर में 3,500 कुत्ते, डॉग हट 30 के लिए
शिमला शहर में 3,500 से ज्यादा लावारिस कुत्ते हैं। इनमें 120 से ज्यादा बेहद आक्रामक हो चुके हैं। यह बार-बार लोगों को काट चुके हैं। अब यदि नगर निगम इन्हें हमेशा के लिए बंद करने की योजना बनाता है तो इसके लिए पहले डॉग हट का निर्माण करना होगा। अभी सिर्फ 30 कुत्तों के लिए ही हट बनी है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि टुटीकंडी में बनी डॉग हट का विस्तार करने के निर्देश दे दिए हैं। एक सप्ताह के भीतर नसबंदी और टीकाकरण अभियान शुरू करने को भी कहा गया है।
आक्रमक कुत्तों को रेड कॉलर लगाने के दावे फेल
नगर निगम ने शहर में लावारिस कुत्तों की गणना के बाद इन्हें क्यूआर कोड वाले कॉलर लगाने की भी योजना बनाई थी। चंद कुत्तों में ही यह कॉलर लग पाया। आक्रामक कुत्तों को रेड कॉलर लगना था, लेकिन आज तक एक भी कुत्ते को यह कॉलर नहीं लगाया गया। रेड कॉलर लगने से लोगों को पता चलना था कि संबंधित कुत्ता आक्रामक है और उससे बचाव करना है। निगम की यह पूरी योजना ठप हो गई। इसमें पैसों की बर्बादी का भी अंदेशा है।