'साला ये दुख काहे खत्म नहीं होता बे'... नाना पाटेकर सिर्फ अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए नहीं जाने जाते थे। बल्कि, उनके बोलने का अंदाज भी लोगों को काफी पसंद आता था। यही वजह थी कि जब वह अपनी फिल्मों में किसी डायलॉग को बोलते थे, तो वह छा जाता था। अभिनेता ने कभी गुस्से में बोलकर तालियां बटोरीं, तो कभी एक साधारण-सी बात को अपने अंदाज से ऐसा बना दिया कि वह वर्षों तक याद रही।
'क्रांतिवीर' से लेकर 'वेलकम' तक उनके संवादों ने उनके किरदारों को अलग पहचान दी। खास बात यह रही कि नाना की संवाद अदायगी में अभिनय और वास्तविकता के बीच की दूरी लगभग खत्म हो जाती थी। आइए नजर डालते हैं उनके 10 ऐसे संवादों पर, जिनका असर फिल्मों के बाहर भी दिखाई दिया।
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नाना पाटेकर
- फोटो : सोशल मीडिया
1. 'आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने?'- क्रांतिवीर
यह शायद नाना पाटेकर के करियर का सबसे पहचाना जाने वाला संवाद है। 'क्रांतिवीर' के एक सीन में बोले गए इस डायलॉग में गुस्सा, चुनौती और व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह तीनों दिखाई देते हैं। नाना की आवाज और चेहरे के भाव ने इसे महज एक फिल्मी लाइन नहीं रहने दिया। आज भी यह डायलॉग उनके नाम के साथ सबसे पहले याद किया जाता है।
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2. 'ये मुसलमान का खून, ये हिंदू का खून... बता इसमें मुसलमान का कौन सा, हिंदू का कौन सा?'- क्रांतिवीर
अभिनेता का दूसरा डायलॉग भी फिल्म 'क्रांतिवीर' से ही है। इसका असर सिर्फ सिनेमाई नहीं था। नाना का किरदार धर्म के नाम पर होने वाली हिंसा पर सीधा सवाल खड़ा करता है। सवाल बेहद सरल था, लेकिन उसकी ताकत इसी सादगी में थी। खून का रंग एक है तो इंसानों को धर्म के नाम पर अलग क्यों किया जाए? यह संवाद आज भी 'क्रांतिवीर' के सबसे प्रभावशाली दृश्यों में गिना जाता है।
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3. 'सौ में से अस्सी बेईमान, फिर भी मेरा भारत महान'- यशवंत
यह डायलॉग व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर नाना के किरदार की नाराजगी को सामने रखता है। व्यंग्य के अंदाज में कही गई यह लाइन इतनी लोकप्रिय हुई कि लंबे समय तक भ्रष्ट व्यवस्था पर टिप्पणी करते समय इसे दोहराया जाता रहा। नाना की आवाज ने इस व्यंग्य को और धार दी।
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4. 'एक मच्छर साला आदमी को हिजड़ा बना देता है'- यशवंत
'यशवंत' का यह डायलॉग नाना की आक्रामक संवाद अदायगी का बेहतरीन उदाहरण है। लाइन के शब्द भले ही तीखे हों, लेकिन इसे लोकप्रिय बनाने में नाना की प्रस्तुति का बड़ा योगदान रहा। यह उन डायलॉग में शामिल हो गया, जिनका जिक्र नाना पाटेकर के नाम के साथ आज भी तुरंत होता है।