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उज्जैन: भस्म आरती में अर्धचंद्राकार स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, ज्योतिर्लिंग पर बना मुखारविंद, गूंजा जय महाकाल
Sat, 19 Sep 2026 07:46 AM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
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Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2026 07:46 AM IST
सार
आज भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का भव्य शृंगार किया गया। भांग, चंदन और भस्म से ज्योतिर्लिंग पर भगवान शिव का मुखारविंद बनाया गया, जिसके दिव्य दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
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भस्म आरती में ऐसे सजे बाबा महाकाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
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श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि शनिवार को सुबह 4 बजे हुई भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर आकर्षक शृंगार किया गया। शृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। इस दौरान भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया और जय श्री महाकाल के उद्घोष से मंदिर परिसर गूंज उठा।
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विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि शनिवार पर आज श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष शृंगार किया गया। इस दौरान भस्म आरती के लिए सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पण्डे पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत को अर्पित कर किया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और मुंड माला धारण करवाई गई।
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आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आज बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग पर भांग, चंदन और भस्म के माध्यम से भगवान शिव का सुंदर मुखारविंद बनाया गया है, जिसमें उनकी आँखें, मूंछें और नथुने स्पष्ट रूप से सुशोभित हैं। मस्तक पर चांदी का 'ॐ' और त्रिपुंड सुशोभित है, साथ ही अर्धचंद्राकार आकृति में केसर-चंदन का तिलक लगाया गया है। साथ ही शिवलिंग के शीर्ष पर लाल रंग का गोटा-पट्टी लगा वस्त्र (मुकुट स्वरूप) और उस पर सुनहरे अक्षरों में ॐ लिखा हुआ है। इसके साथ ही बिल्वपत्र भी अर्पित किए गए हैं।
शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म अर्पित की गई और फिर कपूर आरती कर भोग भी लगाया गया। आज भस्म आरती में बड़ी संख्या मे श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन होकर जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं।
आरती का समय
• भस्म आरती : सुबह 4:00 से 6:00 बजे तक
• दद्योदक आरती : सुबह 7:00 से 7:45 बजे तक
• भोग आरती : सुबह 10:00 से 10:45 बजे तक
• संध्या पूजन : शाम 5:00 से 5:45 बजे तक
• संध्या आरती : शाम 7:00 से 7:45 बजे तक
• शयन आरती : रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक
महाकालेश्वर मंदिर में आरतियों का यह संशोधित समय आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक प्रभावी रहेगा।
श्री महाकालेश्वर मंदिर संबंधी जानकारी के लिए ये हैं टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18002331008
श्री महाकालेश्वर मंदिर से संबंधित महाकाल दर्शन आरती पूजन दान सहित सभी जानकारी 24×7 निम्न नंबरों पर प्राप्त कर सकते हैं।
0734-2559272
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