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इंदौर :इंदौर जिले में निजी बोरिंग कराने पर अक्टूबर माह से ही रोक, पहले मार्च में आदेश जारी होते थे
Wed, 28 Oct 2026 06:01 AM IST
Abhishek Chendke
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Abhishek Chendke
Updated Wed, 28 Oct 2026 06:01 AM IST
सार
इंदौर में इस बार औसत से कम बारिश का असर अब दिखने लगा है। भूजल स्तर में तेजी से हो रही गिरावट और अगले साल संभावित पेयजल संकट को देखते हुए प्रशासन ने निजी बोरिंग पर रोक लगा दी है। इस आदेश का असर शहर के रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ सकता है।
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इंदौर में जलसंकट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इंदौर जिले में औसत से काफी कम वर्षा होने और भूजल के अत्यधिक दोहन के कारण पेयजल स्रोतों और नलकूपों का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। अगले साल संभावित पेयजल संकट को देखते हुए इंदौर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को जल-अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है।मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम, 1986 एवं संशोधन अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत जिले में निजी नलकूपों की खुदाई पर रोक लगा दी गई है।
आदेश के अनुसार, जिले में बिना अनुमति बोरिंग करने का प्रयास करने वाले वाहनों और मशीनों को जब्त किया जा सकेगा। पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों को मशीनें जब्त करने तथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम की धारा 3 या धारा 4 के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर दो हजार रुपये तक का जुर्माना, दो वर्ष तक का कारावास या दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।
शासकीय योजनाओं के अंतर्गत किए जाने वाले नलकूपों के उत्खनन पर यह आदेश लागू नहीं होगा। आवश्यकता पड़ने पर निजी जलकूपों एवं अन्य मौजूदा निजी जल स्रोतों का सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था के लिए मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत अधिग्रहण भी किया जा सकेगा। आने वाले दिनों में वॉशिंग सेंटरों पर वाहनों की धुलाई पर भी रोक लगाई जा सकती है।
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आदेश के अनुसार, जिले में बिना अनुमति बोरिंग करने का प्रयास करने वाले वाहनों और मशीनों को जब्त किया जा सकेगा। पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों को मशीनें जब्त करने तथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम की धारा 3 या धारा 4 के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर दो हजार रुपये तक का जुर्माना, दो वर्ष तक का कारावास या दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।
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शासकीय योजनाओं के अंतर्गत किए जाने वाले नलकूपों के उत्खनन पर यह आदेश लागू नहीं होगा। आवश्यकता पड़ने पर निजी जलकूपों एवं अन्य मौजूदा निजी जल स्रोतों का सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था के लिए मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत अधिग्रहण भी किया जा सकेगा। आने वाले दिनों में वॉशिंग सेंटरों पर वाहनों की धुलाई पर भी रोक लगाई जा सकती है।
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