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पूर्वी एमपी में आज भी बारिश के आसार: भोपाल-इंदौर में तेज धूप, पचमढ़ी में रात का पारा 16.4 डिग्री
Sat, 10 Oct 2026 07:11 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sat, 10 Oct 2026 07:11 AM IST
सार
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में शनिवार को भी रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में हल्की बारिश के आसार हैं। इसके बाद अगले तीन दिन मौसम साफ रहेगा। पचमढ़ी 16.4 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जबकि बड़वानी में दिन का पारा 37 डिग्री दर्ज हुआ। मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। पूर्वी हिस्से में आंधी और हल्की बारिश का दौर जारी है, जबकि भोपाल, इंदौर समेत पश्चिमी और मध्य क्षेत्र के शहरों में तेज धूप निकल रही है। शनिवार को रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश की संभावना है। इसके बाद अगले तीन दिन प्रदेशभर में मौसम साफ रहने का अनुमान है।मौसम में इस बदलाव के बीच रातें ठंडी होने लगी हैं। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं, दिन में बड़वानी के तालुन में तापमान 37 डिग्री तक पहुंच गया। यानी प्रदेश में कहीं धूप से गर्मी का असर है तो कहीं बारिश के बीच रात में ठंडक बढ़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ सक्रिय होने से पूर्वी हिस्से में बारिश हो रही है। पिछले दिनों जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में इसका असर देखने को मिला। अनूपपुर के अमरकंटक में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। शनिवार को कुछ जिलों में हल्की बारिश के बाद मौसम के शुष्क होने की संभावना है।
रात में ठंडक, दिन में गर्मी का असर
प्रदेश में दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने लगा है। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री रहा, जबकि अमरकंटक और इंदौर में 17.9 डिग्री दर्ज किया गया। छिंदवाड़ा में रात का तापमान 18.1 डिग्री, कटनी के करौंदी में 18.8 डिग्री और शाजापुर में 19 डिग्री रहा। दूसरी ओर, कई शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच रहा है। बड़वानी के तालुन में अधिकतम तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में शुक्रवार को तेज धूप रही, हालांकि शाम के समय मौसम में ठंडक महसूस हुई। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के मुताबिक, अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का एक साथ असर दिखना असामान्य नहीं है। पिछले 10 साल के आंकड़ों में भी इस महीने मौसम के ऐसे बदलाव देखने को मिले हैं।
3 अक्टूबर को लौट चुका है मानसून
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को विदा हो चुका है। इस बार मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। इसके बावजूद प्रदेश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। मानसून की विदाई के बाद पूर्वी हिस्से में सक्रिय मौसमी परिस्थितियों के कारण बारिश का दौर जारी है। जून से सितंबर तक प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश हुई। सामान्य आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है। इस तरह पूरे प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।
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पूर्वी एमपी में ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में कम बारिश
पूरे मानसून सीजन में पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत की कमी रही। हालांकि, पूर्वी क्षेत्र के सभी जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से अधिक नहीं रहा। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, बड़वानी, झाबुआ, इंदौर, धार, देवास, खंडवा, मंदसौर, नीमच, उज्जैन और रतलाम सहित कई जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा। कुछ जिलों में यह कमी 9 से 51 प्रतिशत तक रही।
यह भी पढें-बीयू गेस्ट हाउस के बाहर एनएसयूआई का प्रदर्शन: पुलिस से धक्का-मुक्की, दिल्ली जा रहे युवाओं को रोकने का आरोप
25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
इस मानसून सीजन में प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं। इसके विपरीत 30 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही। इनमें पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिले शामिल हैं। इस बार जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन बाद में मानसून के दो बार कमजोर पड़ने से बारिश का क्रम प्रभावित हुआ। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश के आंकड़े बेहतर रहने के बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी।
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रात में ठंडक, दिन में गर्मी का असर
प्रदेश में दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने लगा है। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री रहा, जबकि अमरकंटक और इंदौर में 17.9 डिग्री दर्ज किया गया। छिंदवाड़ा में रात का तापमान 18.1 डिग्री, कटनी के करौंदी में 18.8 डिग्री और शाजापुर में 19 डिग्री रहा। दूसरी ओर, कई शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच रहा है। बड़वानी के तालुन में अधिकतम तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में शुक्रवार को तेज धूप रही, हालांकि शाम के समय मौसम में ठंडक महसूस हुई। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के मुताबिक, अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का एक साथ असर दिखना असामान्य नहीं है। पिछले 10 साल के आंकड़ों में भी इस महीने मौसम के ऐसे बदलाव देखने को मिले हैं।
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3 अक्टूबर को लौट चुका है मानसून
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को विदा हो चुका है। इस बार मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। इसके बावजूद प्रदेश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। मानसून की विदाई के बाद पूर्वी हिस्से में सक्रिय मौसमी परिस्थितियों के कारण बारिश का दौर जारी है। जून से सितंबर तक प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश हुई। सामान्य आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है। इस तरह पूरे प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।
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पूर्वी एमपी में ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में कम बारिश
पूरे मानसून सीजन में पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत की कमी रही। हालांकि, पूर्वी क्षेत्र के सभी जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से अधिक नहीं रहा। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, बड़वानी, झाबुआ, इंदौर, धार, देवास, खंडवा, मंदसौर, नीमच, उज्जैन और रतलाम सहित कई जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा। कुछ जिलों में यह कमी 9 से 51 प्रतिशत तक रही।
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25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
इस मानसून सीजन में प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं। इसके विपरीत 30 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही। इनमें पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिले शामिल हैं। इस बार जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन बाद में मानसून के दो बार कमजोर पड़ने से बारिश का क्रम प्रभावित हुआ। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश के आंकड़े बेहतर रहने के बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी।
