फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Administration news

Jammu News: पुरानी पेंशन के पात्र कर्मचारियों का पैसा जीपीएफ में पहुंचाने की तैयारी

विज्ञापन
Administration news
- लंबित मामलों को निपटाने के लिए वित्त विभाग ने बनाई समिति
विज्ञापन


- विज्ञापन और नियुक्ति के रिकॉर्ड की जांच कर तय होगी कर्मचारियों की पात्रता

अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के पात्र सरकारी कर्मचारियों के मामलों को आगे बढ़ाने और नई पेंशन योजना (एनपीएस) में जमा राशि को उनके सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते में पहुंचाने की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी है। वित्त विभाग ने इसके लिए समिति बनाई है। लेखा एवं कोषागार महानिदेशक की अध्यक्षता में बनी समिति लंबित मामलों को निपटाने के लिए संबंधित विभागों के साथ तालमेल करेगी। साथ ही पात्र कर्मचारियों के जीपीएफ खाते खुलवाने और खाता संख्या जारी कराने के काम पर भी नजर रखेगी।

यह व्यवस्था उन सरकारी कर्मचारियों से जुड़े मामलों के लिए है, जिनके पदों या रिक्तियों का विज्ञापन नई पेंशन योजना लागू करने के आदेश एसआरओ-400 के जारी होने से पहले निकाला गया था। यह आदेश 24 दिसंबर 2009 को जारी हुआ था। कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने के लिए संबंधित विभाग उनके भर्ती विज्ञापन, नियुक्ति पत्र और सेवा रिकॉर्ड की जांच करेंगे। इसके आधार पर पात्रता तय करने के आदेश जारी किए जाएंगे। पूरे दस्तावेजों वाले मामले वित्त विभाग को भेजे जाएंगे।
विज्ञापन

---

एनपीएस में जमा राशि के हस्तांतरण पर भी नजर

समिति नई पेंशन योजना में जमा राशि को तय प्रक्रिया के तहत सरकारी खजाने और संबंधित कर्मचारी के जीपीएफ खाते में स्थानांतरित कराने से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए भी काम करेगी। इसके लिए जम्मू-कश्मीर निधि संगठन, पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण और रिकॉर्ड रखने वाली एजेंसी प्रोटीन ई-गव टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के साथ तालमेल किया जाएगा। पात्रता को मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों को जीपीएफ खाता संख्या जारी कराने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


---

हर चरण की जानकारी वित्त विभाग को देनी होगी
समिति वित्त विभाग के प्रशासनिक सचिव को नियमित रिपोर्ट देगी। इसमें मिले मामलों, जांच में पूरे पाए गए दस्तावेजों, मंजूरी के लिए भेजे गए और मंजूर हुए मामलों का ब्योरा होगा। कितने कर्मचारियों को जीपीएफ खाता संख्या मिली और कितने मामले अलग-अलग स्तर पर लंबित हैं, इसकी जानकारी भी देनी होगी। रिपोर्ट में देरी के कारण और उन्हें दूर करने के लिए जरूरी कदम भी बताए जाएंगे। संबंधित विभागों की जिम्मेदारी होगी कि वे कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड और भर्ती से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर उनकी पात्रता की पुष्टि करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed