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दिवाली वीडियो पर विवाद: मुंबई की मेयर बोलीं- दीया मिर्जा हिंदू और मोदी विरोधी हैं, हमें त्योहार मनाना न सिखाएं
Mon, 02 Nov 2026 04:09 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Mon, 02 Nov 2026 04:09 PM IST
सार
मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने प्रदूषण मुक्त दिवाली अभियान से अभिनेत्री दीया मिर्जा का वीडियो हटाने के बीएमसी के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को दिवाली मनाने का तरीका सिखाने के लिए दीया मिर्जा की जरूरत नहीं है। तावड़े ने मिर्जा पर हिंदुत्व और प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करने का आरोप भी लगाया। आइए जानते हैं क्या है पूरा विवाद?
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दीया के दिवाली वीडियो पर बवाल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने सोमवार को बीएमसी के एक कदम का समर्थन किया। जिसमें 'प्रदूषण मुक्त दिवाली' अभियान से अभिनेत्री दीया मिर्जा वाला वीडियो हटा दिया गया था। उन्होंने कहा, 'हमें यह सिखाने के लिए दीया मिर्जा की जरूरत नहीं है कि हिंदुओं को दिवाली कैसे मनानी चाहिए।'
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, तावड़े ने मिर्जा पर हिंदुत्व का लगातार विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मिर्जा ने गुजरात में नर्मदा परियोजना, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी बयान दिए हैं।
तावड़े ने क्या कहा?
तावड़े ने कहा, 'हमें यह सिखाने के लिए दीया मिर्जा की जरूरत नहीं है कि हिंदुओं को दिवाली कैसे मनानी चाहिए। हम जानते हैं कि अपनी दिवाली कैसे मनानी है। आप (मिर्जा) अपना खुद का एजेंडा चला रही हैं, एक चुनिंदा एजेंडा, और आपका रुख बिल्कुल साफ है। इससे पता चलता है कि आप हिंदुत्व के खिलाफ हैं। इसीलिए हमने इस वीडियो का कड़ा विरोध किया है।"
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'पीएम मोदी के बयानों का भी विरोध किया'
मेयर ने आगे कहा, 'अगर हम दीया मिर्जा की पूरी प्रोफाइल देखें, तो पता चलता है कि उन्होंने नर्मदा परियोजना और समान नागरिक संहिता का विरोध किया है। उन्होंने उन पर्यावरणीय मुद्दों के खिलाफ भी बात की है, जिन पर हम काम कर रहे थे, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों का भी विरोध किया है। हमने लगातार देखा है कि उनका विरोध हिंदुत्व और इसके लिए काम करने वालों के खिलाफ रहा है।'
तावड़े ने इस बात पर भी जोर दिया कि बीएमसी को मेयर कार्यालय की मंजूरी के बिना अपने अभियानों में किसी को भी शामिल नहीं करना चाहिए। भाजपा नेता ने कहा कि मिर्जा अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए अपने विचार रखने के लिए स्वतंत्र हैं।
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने अभिनेत्री दीया मिर्जा के वीडियो पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण संरक्षण के नाम पर हिंदू त्योहारों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
क्या सिर्फ दिवाली और होली से ही पर्यावरण को नुकसान?
पत्रकारों से बात करते हुए, राणे ने सवाल उठाया कि क्या केवल दिवाली और होली जैसे हिंदू त्योहारों से ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने दावा किया कि अन्य धार्मिक मौकों पर ऐसी चिंताएं नहीं जताई जाती हैं।
उन्होंने कहा, 'मुहर्रम या ईद के दौरान जब जानवरों को नुकसान पहुंचाया जाता है, तब कोई चिंता नहीं जताई जाती। रमजानन के समय हर जगह गंदगी फैल जाती है, लेकिन कोई कुछ नहीं कहता। उन्हें पर्यावरण संरक्षण पर हमें उपदेश देने के लिए केवल हिंदू त्योहार ही मिलते हैं।'
केंद्रीय मंत्री अठावले ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा कि पटाखों के बिना दिवाली का जश्न अपना महत्व खो देगा, साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रदूषण से बचना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'अगर लोग पटाखे नहीं जलाते हैं, तो दिवाली का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। प्रदूषण नहीं होना चाहिए। दीया मिर्जा का इस तरह के बयान देना और हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाना अनुचित था।'
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मिर्जा का वह वीडियो, जिसमें उन्होंने लोगों से शोर और वायु प्रदूषण से बचने की अपील की थी, रविवार को हटा दिया गया। मुंबई भाजपा प्रमुख अमित सातम ने एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट में इस पर आपत्ति जताई थी और बीएमसी के आधिकारिक अकाउंट को टैग किया था।
भाजपा विधायक ने लिखा, 'हमें दीया मिर्जा से यह सीखने की जरूरत नहीं है कि दिवाली कैसे मनानी चाहिए। हमारी परंपराएं हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं।' हालांकि, बीएमसी के एक्स और इंस्टाग्राम पेज पर अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे वाले अभियान वीडियो अभी भी मौजूद हैं।
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बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, तावड़े ने मिर्जा पर हिंदुत्व का लगातार विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मिर्जा ने गुजरात में नर्मदा परियोजना, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी बयान दिए हैं।
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तावड़े ने क्या कहा?
तावड़े ने कहा, 'हमें यह सिखाने के लिए दीया मिर्जा की जरूरत नहीं है कि हिंदुओं को दिवाली कैसे मनानी चाहिए। हम जानते हैं कि अपनी दिवाली कैसे मनानी है। आप (मिर्जा) अपना खुद का एजेंडा चला रही हैं, एक चुनिंदा एजेंडा, और आपका रुख बिल्कुल साफ है। इससे पता चलता है कि आप हिंदुत्व के खिलाफ हैं। इसीलिए हमने इस वीडियो का कड़ा विरोध किया है।"
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'पीएम मोदी के बयानों का भी विरोध किया'
मेयर ने आगे कहा, 'अगर हम दीया मिर्जा की पूरी प्रोफाइल देखें, तो पता चलता है कि उन्होंने नर्मदा परियोजना और समान नागरिक संहिता का विरोध किया है। उन्होंने उन पर्यावरणीय मुद्दों के खिलाफ भी बात की है, जिन पर हम काम कर रहे थे, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयानों का भी विरोध किया है। हमने लगातार देखा है कि उनका विरोध हिंदुत्व और इसके लिए काम करने वालों के खिलाफ रहा है।'
तावड़े ने इस बात पर भी जोर दिया कि बीएमसी को मेयर कार्यालय की मंजूरी के बिना अपने अभियानों में किसी को भी शामिल नहीं करना चाहिए। भाजपा नेता ने कहा कि मिर्जा अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए अपने विचार रखने के लिए स्वतंत्र हैं।
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने अभिनेत्री दीया मिर्जा के वीडियो पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण संरक्षण के नाम पर हिंदू त्योहारों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
क्या सिर्फ दिवाली और होली से ही पर्यावरण को नुकसान?
पत्रकारों से बात करते हुए, राणे ने सवाल उठाया कि क्या केवल दिवाली और होली जैसे हिंदू त्योहारों से ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने दावा किया कि अन्य धार्मिक मौकों पर ऐसी चिंताएं नहीं जताई जाती हैं।
उन्होंने कहा, 'मुहर्रम या ईद के दौरान जब जानवरों को नुकसान पहुंचाया जाता है, तब कोई चिंता नहीं जताई जाती। रमजानन के समय हर जगह गंदगी फैल जाती है, लेकिन कोई कुछ नहीं कहता। उन्हें पर्यावरण संरक्षण पर हमें उपदेश देने के लिए केवल हिंदू त्योहार ही मिलते हैं।'
केंद्रीय मंत्री अठावले ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा कि पटाखों के बिना दिवाली का जश्न अपना महत्व खो देगा, साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रदूषण से बचना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'अगर लोग पटाखे नहीं जलाते हैं, तो दिवाली का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। प्रदूषण नहीं होना चाहिए। दीया मिर्जा का इस तरह के बयान देना और हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाना अनुचित था।'
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मिर्जा का वह वीडियो, जिसमें उन्होंने लोगों से शोर और वायु प्रदूषण से बचने की अपील की थी, रविवार को हटा दिया गया। मुंबई भाजपा प्रमुख अमित सातम ने एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट में इस पर आपत्ति जताई थी और बीएमसी के आधिकारिक अकाउंट को टैग किया था।
भाजपा विधायक ने लिखा, 'हमें दीया मिर्जा से यह सीखने की जरूरत नहीं है कि दिवाली कैसे मनानी चाहिए। हमारी परंपराएं हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं।' हालांकि, बीएमसी के एक्स और इंस्टाग्राम पेज पर अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे वाले अभियान वीडियो अभी भी मौजूद हैं।