{"_id":"6ad85cd1fbf0b603b1062b0e","slug":"manipur-violence-sunulok-hill-attack-police-three-arrested-kangpokpi-bandh-2026-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"मणिपुर हिंसा: तीन मैतेई लोगों की हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई, तीन गिरफ्तार; कांगपोकपी में बंद का एलान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मणिपुर हिंसा: तीन मैतेई लोगों की हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई, तीन गिरफ्तार; कांगपोकपी में बंद का एलान
Wed, 21 Oct 2026 12:04 PM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, इंफाल
पीटीआई, इंफाल
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Wed, 21 Oct 2026 12:04 PM IST
सार
मणिपुर के इंफाल पूर्वी और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर सुनुलोक पहाड़ी के पास हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई थी और तीन अन्य घायल हुए थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।
विज्ञापन
मणिपुर हिंसा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मणिपुर के इंफाल में सुनुलोक पहाड़ी पर हुए हमले के मामले में तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य घायल हुए थे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक लहरी दोर्जी खाटू ने बताया कि आरोपियों के पास से हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार को मणिपुर के एक जंगल में जलावन की लकड़ियां इकट्ठा कर रहे तीन लोगों की कथित तौर पर उग्रवादियों ने हत्या कर दी थी। इंफाल पूर्वी और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर लकड़ियां इकट्ठा कर रहे लोगों के एक समूह पर उग्रवादियों ने गोलीबारी की थी। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।
मणिपुर के खाली पड़े गांव में कई घरों में लगाई गई आग
मणिपुर के कामजोंग जिले के एक खाली पड़े गांव में बुधवार सुबह कई घरों में आग लगा दी गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फिर बढ़ गया। पुलिस के मुताबिक, चस्साद गांव के पास स्थित खोइखाई कुकी गांव में सुबह करीब 5:30 बजे संदिग्ध उग्रवादियों ने आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि कुकी और नागा समुदायों के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण ग्रामीण अपना घर छोड़कर चले गए थे। इसके बाद से गांव खाली पड़ा था।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बताया कि आग से हुए नुकसान और घटना में शामिल लोगों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। इस साल की शुरुआत से मणिपुर में दोनों आदिवासी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों घर जला दिए गए हैं। हिंसा से प्रभावित जिलों में तमेंगलोंग, नोनी, कांगपोकपी, उखरुल और कामजोंग शामिल हैं।
कुकी-जो बहुल कांगपोकपी जिले में 24 घंटे के बंद का एलान
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में कुकी-जो समुदाय से जुड़े संगठन कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (सीओटीयू) ने 24 घंटे के पूर्ण बंद का एलान किया है। संगठन के अनुसार, बंद 20 अक्टूबर की आधी रात से 21 अक्टूबर की आधी रात तक लागू रहेगा। इस दौरान आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और जीवनरक्षक आपात स्थितियों को छूट दी गई है।
सीओटीयू के सूचना एवं प्रचार प्रभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कुकी-जो समुदाय के लोगों को लगातार जानमाल के नुकसान, घरों के विनाश, जबरन विस्थापन और असुरक्षा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने कहा कि समुदाय के लोगों की कठिनाइयों के बावजूद न्याय सुनिश्चित करने, सुरक्षा बहाल करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।
समुदायों में बढ़ रही चिंताएं
बयान में तीन मैतेई नागरिकों की हत्या के मामले में कुकी-जो समुदाय के लोगों की कथित तौर पर अंधाधुंध गिरफ्तारी पर भी चिंता जताई गई है। संगठन का कहना है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के जरिए उनकी संलिप्तता स्थापित किए बिना इस तरह की गिरफ्तारियां चिंताजनक हैं। इसके अलावा, सीओटीयू ने एनएससीएन-आईएम द्वारा पाओलेनमुंग थांगेओ की हत्या का भी उल्लेख किया और कहा कि इस घटना ने समुदाय के लोगों के बीच दर्द और असुरक्षा को और बढ़ा दिया है।
संगठन ने अपने बयान में नुकसान के आंकड़े देते हुए दावा किया कि हिंसा में कुकी-जो समुदाय के 32 लोगों की जान गई, 30 गांव जला दिए गए, 271 मकान नष्ट हुए और 2,516 लोग जबरन विस्थापित हुए। सीओटीयू ने कहा कि ये आंकड़े उन परिवारों और समुदायों की पीड़ा को दर्शाते हैं, जो अब भी अपने जीवन को दोबारा पटरी पर लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
सीओटीयू ने बंद को न्याय, जवाबदेही, समुदाय के लोगों की सुरक्षा और प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सामूहिक विरोध बताया है। संगठन ने कुकी-जो समुदाय के लोगों से एकजुटता और अनुशासन के साथ बंद का पालन करने की अपील की है। बयान में स्पष्ट किया गया है कि बंद शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं सहित जीवन बचाने के लिए जरूरी आपात स्थितियों में छूट रहेगी।
विज्ञापन
अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार को मणिपुर के एक जंगल में जलावन की लकड़ियां इकट्ठा कर रहे तीन लोगों की कथित तौर पर उग्रवादियों ने हत्या कर दी थी। इंफाल पूर्वी और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर लकड़ियां इकट्ठा कर रहे लोगों के एक समूह पर उग्रवादियों ने गोलीबारी की थी। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।
विज्ञापन
मणिपुर के खाली पड़े गांव में कई घरों में लगाई गई आग
मणिपुर के कामजोंग जिले के एक खाली पड़े गांव में बुधवार सुबह कई घरों में आग लगा दी गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फिर बढ़ गया। पुलिस के मुताबिक, चस्साद गांव के पास स्थित खोइखाई कुकी गांव में सुबह करीब 5:30 बजे संदिग्ध उग्रवादियों ने आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि कुकी और नागा समुदायों के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण ग्रामीण अपना घर छोड़कर चले गए थे। इसके बाद से गांव खाली पड़ा था।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बताया कि आग से हुए नुकसान और घटना में शामिल लोगों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। इस साल की शुरुआत से मणिपुर में दोनों आदिवासी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों घर जला दिए गए हैं। हिंसा से प्रभावित जिलों में तमेंगलोंग, नोनी, कांगपोकपी, उखरुल और कामजोंग शामिल हैं।
कुकी-जो बहुल कांगपोकपी जिले में 24 घंटे के बंद का एलान
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में कुकी-जो समुदाय से जुड़े संगठन कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (सीओटीयू) ने 24 घंटे के पूर्ण बंद का एलान किया है। संगठन के अनुसार, बंद 20 अक्टूबर की आधी रात से 21 अक्टूबर की आधी रात तक लागू रहेगा। इस दौरान आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और जीवनरक्षक आपात स्थितियों को छूट दी गई है।
VIDEO | Imphal, Manipur: Three arrested in Sunulok Hill attack that killed three, injured three; arms and explosives seized, ADGP Lhari Dorjee Khatoo said. Three people collecting firewood in a forest were killed allegedly by militants in Manipur on Monday. Three others were also injured as militants opened fire on a group of firewood collectors on the border of Imphal East and Kangpokpi districts, officials said. #ManipurViolence #ManipurPolice (Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTeOLF)
— Press Trust of India (@PTI_News) October 21, 2026
सीओटीयू के सूचना एवं प्रचार प्रभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कुकी-जो समुदाय के लोगों को लगातार जानमाल के नुकसान, घरों के विनाश, जबरन विस्थापन और असुरक्षा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने कहा कि समुदाय के लोगों की कठिनाइयों के बावजूद न्याय सुनिश्चित करने, सुरक्षा बहाल करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।
समुदायों में बढ़ रही चिंताएं
बयान में तीन मैतेई नागरिकों की हत्या के मामले में कुकी-जो समुदाय के लोगों की कथित तौर पर अंधाधुंध गिरफ्तारी पर भी चिंता जताई गई है। संगठन का कहना है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के जरिए उनकी संलिप्तता स्थापित किए बिना इस तरह की गिरफ्तारियां चिंताजनक हैं। इसके अलावा, सीओटीयू ने एनएससीएन-आईएम द्वारा पाओलेनमुंग थांगेओ की हत्या का भी उल्लेख किया और कहा कि इस घटना ने समुदाय के लोगों के बीच दर्द और असुरक्षा को और बढ़ा दिया है।
संगठन ने अपने बयान में नुकसान के आंकड़े देते हुए दावा किया कि हिंसा में कुकी-जो समुदाय के 32 लोगों की जान गई, 30 गांव जला दिए गए, 271 मकान नष्ट हुए और 2,516 लोग जबरन विस्थापित हुए। सीओटीयू ने कहा कि ये आंकड़े उन परिवारों और समुदायों की पीड़ा को दर्शाते हैं, जो अब भी अपने जीवन को दोबारा पटरी पर लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
सीओटीयू ने बंद को न्याय, जवाबदेही, समुदाय के लोगों की सुरक्षा और प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सामूहिक विरोध बताया है। संगठन ने कुकी-जो समुदाय के लोगों से एकजुटता और अनुशासन के साथ बंद का पालन करने की अपील की है। बयान में स्पष्ट किया गया है कि बंद शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं सहित जीवन बचाने के लिए जरूरी आपात स्थितियों में छूट रहेगी।