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रिहा किए गए आशुतोष रांका: सीजेपी नेता ने असम पुलिस की कार्रवाई को 'अवैध हिरासत' बताया, जानें और क्या कहा

Sun, 27 Sep 2026 11:25 PM IST
पवन पांडेय पीटीआई, गुवाहाटी
पीटीआई, गुवाहाटी Published by: पवन पांडेय Updated Sun, 27 Sep 2026 11:25 PM IST
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'Illegal detention' by Assam Police finally ended: CJP’s Ashutosh Ranka after release
रिहा किए गए आशुतोष रांका - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता आशुतोष रांका ने रविवार शाम दावा किया कि असम पुलिस की ओर से उन्हें और पार्टी के अन्य वॉलंटियर्स को हिरासत में रखने का सिलसिला आखिरकार खत्म हो गया है। रांका ने रिहाई के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर यह बात कही। रांका के मुताबिक, उन्हें और अन्य हिरासत में लिए गए लोगों को पुलिस ने रिहा कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस से उन्हें उसी जगह छोड़ने के लिए कहा है, जहां से उन्हें कथित तौर पर उठाया गया था।

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रांका ने पुलिस की कार्रवाई को ‘अवैध हिरासत’ बताया
सीजेपी नेता ने बताया कि वह बाद में पूरी घटना की जानकारी साझा करेंगे। उनके अनुसार, उन्हें चौधरी टिल्ला से हिरासत में लिया गया था। यह जगह दिसपुर इलाके में राज्य सचिवालय के सामने स्थित है। जानकारी के मुताबिक, रांका के साथ 40 से अधिक सीजेपी वॉलंटियर्स को पुलिस ने रविवार को विपक्षी असम जातीय परिषद (एजेपी) के नेता कुंकी चौधरी के आवास से उठाया था। बताया गया कि सभी लोग वहां एक बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। रांका ने पुलिस की कार्रवाई को ‘अवैध हिरासत’ बताया।
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पकड़े जाने के बाद पुलिस ने क्या किया?
दरअसल, असम पुलिस ने रांका और सीजेपी के 40 से अधिक वॉलंटियर्स को दिन में पहले उठाया था। यह कार्रवाई विपक्षी असम जातीय परिषद (AJP) के नेता कुंकी चौधरी के चौधरी टीला स्थित आवास से हुई। वे वहां एक बैठक से पहले एकत्र हुए थे। समूह को शहर के कहिलिपारा क्षेत्र में 10वीं असम पुलिस बटालियन मुख्यालय ले जाया गया। अधिकारियों ने इस मामले पर चुप्पी साधे रखी। अपनी रिहाई के बाद एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रांका ने कहा कि असम पुलिस ने उन्हें और उनके दल को अवैध रूप से हिरासत में लिया। उन्होंने पुलिस से हिरासत का आधार पूछा। पुलिस ने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं थी और उन्हें "ऊपर से आदेश" मिले थे। रांका ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कॉकरोच से डरे हुए हैं। उन्होंने अपनी पुलिस का इस्तेमाल उन्हें धमकी देने के लिए किया। रांका ने कहा कि सरमा ने दिल्ली में जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की "गलती दोहराई"। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठन का आंदोलन अब पूरे पूर्वोत्तर में और तेज होगा।
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सीजेपी की बैठक का उद्देश्य क्या था?
सीजेपी वॉलंटियर्स की निर्धारित बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा होनी थी। इनमें राज्य में विद्यालयों को कैसे सुधारा जा सकता है, इस पर बात होनी थी। काजीरंगा के स्वदेशी लोगों के अधिकारों को कैसे संरक्षित किया जा सकता है, यह भी एक मुद्दा था। रांका ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल ने अप्रैल के चुनाव में निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को अपने लाभ के लिए खींचा। इस विषय पर भी बैठक में चर्चा होनी थी। रांका ने कहा कि वे अपने बच्चों के लिए बेहतर विद्यालय और युवाओं के लिए नौकरियां चाहते हैं। उन्होंने जुबीन गर्ग की भूमि का भी उल्लेख किया, जिन्होंने सही के लिए लड़ाई लड़ी थी।

रांका ने मुख्यमंत्री पर क्या आरोप लगाए?
रांका ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सरमा लोगों के उजागर होने से डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर वे यहां के विद्यालयों की वास्तविकता दिखाएंगे, तो देश को सच्चाई पता चलेगी। रांका ने यह भी कहा कि सरमा इस बात से डरे हुए हैं कि काजीरंगा में कंपनियों के लाभ के लिए लोगों के अधिकार छीने जा रहे थे। उन्होंने मानव निर्मित बाढ़ों से कई जानें जाने का भी जिक्र किया। रांका ने दावा किया कि वे सरमा से डरे हुए नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरमा ने निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से खींचकर विधानसभा चुनाव जीता था। रांका के एक्स खाते पर अपलोड एक वीडियो में भी उन्हें हिरासत के दौरान सरमा पर आरोप लगाते सुना गया।


हिरासत को लेकर अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया क्या ?
एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने हिरासत के बाद पत्रकारों से बात की। उन्होंने दावा किया कि रांका और 41 अन्य को एक निजी आवास से "अवैध और असंवैधानिक रूप से हिरासत में लिया गया"। यह तब हुआ जब सीजेपी वॉलंटियर्स के साथ एक बैठक निर्धारित थी। गावंडे ने जोर देकर कहा कि उन्हें कोई कानूनी नोटिस नहीं दिया गया था। उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि उन पर कौन सी धाराएं लगाई गई थीं। गावंडे ने कहा कि मुख्यमंत्री सरमा के अधीन यह "जंगल राज से कम नहीं" है। उन्होंने कहा कि सरमा किसी भी तरह की असहमति से डरे हुए हैं।

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