{"_id":"6ade05318ac8fc53f505a8c4","slug":"fda-s-crackdown-ahead-of-diwali-adulterated-products-worth-rs-12-74-crores-seized-68-licenses-cancelled-2026-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र: दिवाली से पहले मिलावटखोरों पर कार्रवाई, 20 गिरफ्तार, 68 लाइसेंस रद्द; कितना सामान जब्त?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र: दिवाली से पहले मिलावटखोरों पर कार्रवाई, 20 गिरफ्तार, 68 लाइसेंस रद्द; कितना सामान जब्त?
Sun, 25 Oct 2026 07:03 PM IST
निर्मल कांत
आईएएनएस, मुंबई।
आईएएनएस, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 25 Oct 2026 07:03 PM IST
सार
दिवाली से पहले महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। करीब 12.74 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया गया और 20 लोग गिरफ्तार हुए। आखिर जांच में और क्या-क्या गड़बड़ियां मिलीं? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
विज्ञापन
त्योहार से पहले एफडीए की बड़ी कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
त्योहारों का महीना शुरू होने से पहले महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने जांच तेज कर दी है। विभाग घटिया और मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच कर रहा है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य आपूर्तिकर्ताओं और दुकानों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू की गई है।
कितने का सामान जब्त, कितने प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई?
पिछले कुछ दिनों में विभाग ने जांच अभियान के दौरान करीब 12.74 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया। सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले 68 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या पंजीकरण रद्द कर दिए गए। कुछ अन्य प्रतिष्ठानों को बंद करने के आदेश भी दिए गए।
प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और खुशबूदार तंबाकू के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब दो दर्जन प्राथमिकी दर्ज की गईं। इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।
विज्ञापन
राज्यभर में विशेष जांच और कार्रवाई अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन कराना था। यह अभियान नवरात्रि से लेकर दिवाली तक होने वाले कई त्योहारों को ध्यान में रखकर चलाया गया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे के मार्गदर्शन में राज्य के सात संभागों में यह अभियान चलाया गया। इनमें मुंबई, कोंकण, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और अमरावती शामिल हैं।
ठाणे और पुणे में क्या गड़बड़ी मिली?
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में ठाणे और पुणे जिलों में एक गंभीर मामला सामने आया। जांच में पता चला कि एक्सपायर हो चुके और खराब खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के लिए भेजा गया था। लेकिन इन्हें फिर से बाजार में बेचा जा रहा था। विभाग के अधिकारियों ने कुल 8,392 किलोग्राम सामान जब्त किया। इसकी कीमत 48.09 लाख रुपये बताई गई है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक बयान में कहा, जांच में सामान की आपूर्ति से जुड़ी एक पूरी व्यवस्था का पता चला। इसमें कंपनियों के गोदाम, सामान नष्ट करने वाले ठेकेदार, अनधिकृत निपटान केंद्र, बिचौलिये और खुदरा विक्रेता शामिल थे। कंपनियां सामान नष्ट करने की प्रक्रिया से जुड़े पूरे और सत्यापन योग्य रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा सकीं। पांच लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं और आपराधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं।
छत्रपति संभाजीनगर में कितना सामान जब्त हुआ?
विभाग ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर संभाग में एक ही दिन में दो कोल्ड स्टोरेज से 1,97,480 किलोग्राम सामान जब्त किया गया। इसमें मिर्च पाउडर, किशमिश, गुड़ और पाश्चुरीकृत मक्खन शामिल थे। जब्त सामान की कीमत 4.19 करोड़ रुपये थी। दोनों कोल्ड स्टोरेज के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
ये भी पढ़ें: कर्नाटक: 'कन्नड़ लोगों को नौकरी से दूर रखा तो होगी कार्रवाई', आईटी कंपनियों को सीएम की चेतावनी; क्या कहा?
पालघर-मनोर में एक ट्रक से 1.51 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया गया। इस कार्रवाई में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, जालना में 83.35 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया। मुंबई में 24.61 लाख रुपये के सामान से जुड़े चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए।
जांच में खाद्य प्रतिष्ठानों में क्या खामियां मिलीं?
जांच के दौरान कई गंभीर खामियां भी सामने आईं। इनमें रसोई में साफ-सफाई की कमी, नालियों से जुड़ी समस्याएं, कॉकरोच और चूहों का प्रकोप शामिल था। शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को एक साथ रखा जा रहा था। खाद्य पदार्थों में बिना अनुमति वाले रंगों का इस्तेमाल भी पाया गया। इसके अलावा, कर्मचारियों के पास जरूरी चिकित्सा प्रमाणपत्र नहीं थे।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बयान में कहा, इन कमियों के सामने आने के बाद 68 लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। सात प्रतिष्ठानों को बंद करने का आदेश दिया गया है। वहीं, चार दुकानों पर कुल 1.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन
कितने का सामान जब्त, कितने प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई?
पिछले कुछ दिनों में विभाग ने जांच अभियान के दौरान करीब 12.74 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया। सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले 68 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या पंजीकरण रद्द कर दिए गए। कुछ अन्य प्रतिष्ठानों को बंद करने के आदेश भी दिए गए।
विज्ञापन
प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और खुशबूदार तंबाकू के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब दो दर्जन प्राथमिकी दर्ज की गईं। इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।
विज्ञापन
राज्यभर में विशेष जांच और कार्रवाई अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन कराना था। यह अभियान नवरात्रि से लेकर दिवाली तक होने वाले कई त्योहारों को ध्यान में रखकर चलाया गया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त तुकाराम मुंढे के मार्गदर्शन में राज्य के सात संभागों में यह अभियान चलाया गया। इनमें मुंबई, कोंकण, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और अमरावती शामिल हैं।
ठाणे और पुणे में क्या गड़बड़ी मिली?
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में ठाणे और पुणे जिलों में एक गंभीर मामला सामने आया। जांच में पता चला कि एक्सपायर हो चुके और खराब खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के लिए भेजा गया था। लेकिन इन्हें फिर से बाजार में बेचा जा रहा था। विभाग के अधिकारियों ने कुल 8,392 किलोग्राम सामान जब्त किया। इसकी कीमत 48.09 लाख रुपये बताई गई है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक बयान में कहा, जांच में सामान की आपूर्ति से जुड़ी एक पूरी व्यवस्था का पता चला। इसमें कंपनियों के गोदाम, सामान नष्ट करने वाले ठेकेदार, अनधिकृत निपटान केंद्र, बिचौलिये और खुदरा विक्रेता शामिल थे। कंपनियां सामान नष्ट करने की प्रक्रिया से जुड़े पूरे और सत्यापन योग्य रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा सकीं। पांच लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं और आपराधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं।
छत्रपति संभाजीनगर में कितना सामान जब्त हुआ?
विभाग ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर संभाग में एक ही दिन में दो कोल्ड स्टोरेज से 1,97,480 किलोग्राम सामान जब्त किया गया। इसमें मिर्च पाउडर, किशमिश, गुड़ और पाश्चुरीकृत मक्खन शामिल थे। जब्त सामान की कीमत 4.19 करोड़ रुपये थी। दोनों कोल्ड स्टोरेज के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
ये भी पढ़ें: कर्नाटक: 'कन्नड़ लोगों को नौकरी से दूर रखा तो होगी कार्रवाई', आईटी कंपनियों को सीएम की चेतावनी; क्या कहा?
पालघर-मनोर में एक ट्रक से 1.51 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया गया। इस कार्रवाई में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, जालना में 83.35 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया। मुंबई में 24.61 लाख रुपये के सामान से जुड़े चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए।
जांच में खाद्य प्रतिष्ठानों में क्या खामियां मिलीं?
जांच के दौरान कई गंभीर खामियां भी सामने आईं। इनमें रसोई में साफ-सफाई की कमी, नालियों से जुड़ी समस्याएं, कॉकरोच और चूहों का प्रकोप शामिल था। शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को एक साथ रखा जा रहा था। खाद्य पदार्थों में बिना अनुमति वाले रंगों का इस्तेमाल भी पाया गया। इसके अलावा, कर्मचारियों के पास जरूरी चिकित्सा प्रमाणपत्र नहीं थे।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बयान में कहा, इन कमियों के सामने आने के बाद 68 लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। सात प्रतिष्ठानों को बंद करने का आदेश दिया गया है। वहीं, चार दुकानों पर कुल 1.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।