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ब्रिक्स: दिल्ली पुलिस को क्यों पसंद नहीं आया केंद्रीय अर्धसैनिक बलों का ड्यूटी पैटर्न, पांच बलों की शिकायत

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 11 Sep 2026 03:51 PM IST
सार

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी और आईटीबीपी के ड्यूटी पैटर्न पर दिल्ली पुलिस ने आपत्ति जताई है। पुलिस ने पांचों बलों के आईजी/डीआईजी को पत्र भेजकर जवानों को निर्धारित पैटर्न के अनुसार ड्यूटी करने के निर्देश देने को कहा है। इसमें वर्दी, हथियार और सुरक्षा उपकरण शामिल हैं।

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BRICS: Why Delhi Police Disliked the Central Paramilitary Forces' Duty Pattern; Complaints from Five Forces
दिल्ली पुलिस ने क्यों की केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की शिकायत? - फोटो : ANI

विस्तार

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सुरक्षा तैनात पांच केंद्रीय अर्धसैनिक बलों 'सीएपीएफ', जिनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी और आईटीबीपी शामिल हैं, दिल्ली पुलिस को इनका ड्यूटी पैटर्न पसंद नहीं आया। दिल्ली पुलिस द्वारा इन पांच केंद्रीय बलों के आईजी/डीआईजी को शिकायत भेजी गई। उसमें कहा गया है कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान, ब्रिक्स की ड्यूटी को उस तरीके से नहीं कर रहे हैं, जो उन्हें दिल्ली पुलिस ने बताया है। 
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बता दें कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई है। दिल्ली में किसी भी तरह की ड्यूटी के लिए केंद्रीय बल, दिल्ली पुलिस के तहत काम करते हैं। उन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा जो ड्यूटी दी जाती है, वे उसे पूरा करते हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है। कई दिनों से तैनाती वाले स्थानों पर रिहर्सल भी हो चुकी है। इसके बावजूद दिल्ली पुलिस को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों का ड्यूटी पैटर्न पसंद नहीं आया।
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दिल्ली पुलिस के डीसीपी/प्रथम बटालियन डीएपी की तरफ से स्पेशल सीपी 'ऑपरेशन'/एपी डिवीजन, ज्वाइंट सीएसपी/'ऑपरेशन', एडीशनल सीएसपी/एपी और इंचार्ज ब्रिक्स सैल पुलिस मुख्यालय को मैसेज भेजा गया है।  इसकी प्रति आईजी/डीआईजी सीआरपीएफ, आईजी/डीआईजी बीएसएफ, आईजी/डीआईजी सीआईएसएफ, आईजी/डीआईजी आईटीबीपी और आईजी/डीआईजी एसएसबी को प्रेषित की गई है। मैसेज में कहा गया है, यह बात नोटिस में आई है कि सीएपीएफ की कंपनियां, सी/डब्लू ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में उस ड्यूटी पैटर्न को फॉलो नहीं कर रही हैं, जो उन्हें संबंधित जिला/यूनिट द्वारा बताया गया है। ऐसे में सीएपीएफ अफसरों से आग्रह किया गया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में स्टाफ को ड्यूटी पैटर्न के बारे में अवगत कराएं। 

इसमें पैटर्न में वर्दी, हथियार, गोला बारूद, दंगारोधी उपकरण और बैटन आदि शामिल हैं। सीएपीएफ को वही ड्यूटी पैटर्न फॉलो करना चाहिए जो उन्हें दिल्ली पुलिस की संबंधित जिला/यूनिट द्वारा कहा गया है। इससे पहले जब 'जी20' शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ था तो उसमें भी केंद्रीय बलों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। क्लोज प्रोटेक्शन टीम और यहां तक कि विभिन्न देशों के राष्ट्रध्यक्षों को एयरपोर्ट से होटल तक लाने और वहां से बैठक स्थल यानी भारत मंडपम ले जाने में भी केंद्रीय बलों के जवानों ने अहम भूमिका निभाई थी। 


कारकेड के दौरान 14 देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की हिफाजत की जिम्मेदारी सीआरपीएफ के जांबाज कमांडो ने संभाली थी। सीआरपीएफ द्वारा ग्रेटर नोएडा स्थित, वीआईपी सिक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर में लगभग 950 सूट बूट वाले 'रक्षकों' का विशेष दस्ता तैयार किया गया। सीआरपीएफ के 50 ट्रेनरों ने विदेशी मेहमानों की अचूक सुरक्षा के लिए 'रक्षकों को ट्रेनिंग दी। रक्षकों और ड्राइवरों की लगभग 48 टीमें बनाई गई। सौ से ज्यादा बुलेटप्रूफ वाहनों का इंतजाम किया गया। तब सीआरपीएफ के दस्ते ने विदेशी मेहमानों के कारकेड की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी संभाली थी। 

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इसके अलावा सुरक्षा के सबसे निकटतम घेरे में भी सीआरपीएफ के जांबाज कमांडो तैनात किए गए थे। चूंकि अनेक देशों में लेफ्ट हैंड ड्राइविंग होती है, ऐसे में सीआरपीएफ ने करीब 120 ऐसे ड्राइवर ट्रेंड किए थे, जो बिना किसी दिक्कत के लेफ्ट हैंड वाली गाड़ियां चला सकें। इसके साथ ही लेफ्ट हैंड गाड़ियों में सवार होने वाले मेहमानों का सुरक्षा घेरा भी बदल जाता है। इसके लिए भी जवानों को खास ट्रेनिंग दी गई। 
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