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Hamirpur (Himachal) News: सहकारी सभा संगरोह कमेटी का इस्तीफा, विभाग और पूर्व सचिव पर ऑडिट न करवाने के आरोप
Sun, 20 Sep 2026 01:58 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 20 Sep 2026 01:58 AM IST
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हमीरपुर। कथित फर्जी ऋण आवंटन और करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विवादों में चल रही कृषि सहकारी सभा संगरोह की प्रबंधन कमेटी ने इस्तीफा दे दिया है। कमेटी के प्रधान रमेश, उपप्रधान कुलदीप समेत सदस्यों ने 14 सितंबर को अपना सामूहिक इस्तीफा विभाग को सौंपा हैं।
कमेटी ने सहकारिता विभाग और सभा के पूर्व सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, विभाग ने कमेटी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए जल्द ही सभा में प्रशासक नियुक्त करने की बात कही है।
कमेटी का आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से सभा का ऑडिट नहीं करवाया गया। तर्क है कि वर्तमान कमेटी का गठन दो साल पहले हुआ था, जबकि गठन से पहले के करीब चार वर्षों का ऑडिट भी नहीं हुआ।
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कमेटी ने सवाल उठाया है कि वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच ऑडिट और अन्य प्रक्रियाओं को समय पर पूरा क्यों नहीं करवाया गया। वहीं, सहकारिता विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि सभा की कमेटी को सचिव की तैनाती के लिए कई बार निर्देश दिए गए थे।
विभाग के अनुसार सभा को ऑडिट करवाने के लिए रिकाॅर्ड उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन कमेटी ने इस दिशा में लापरवाही बरती। अब इस्तीफे के बाद सभा के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त किया जाएगा।
सहकारिता विभाग पहले ही धारा 69(2) के तहत जांच आगे बढ़ा चुका है। विभागीय जांच में ऑडिट पैरा से जुड़ी कई खामियों समेत कथित फर्जी ऋण आवंटन और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े 10 बिंदु सामने आए थे।
जांच अधिकारी ने 18 मार्च 2025 को रिपोर्ट विभाग को सौंपी थी। इसके बाद प्रबंधन कमेटी को पूर्व सचिव के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और गबन व धोखाधड़ी के पहलुओं की पुलिस जांच के लिए शिकायत करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि इसी बीच पूर्व सचिव सेवानिवृत्त हो गए।
दो वर्षों से चल रही जांच
सभा के मामले की जांच पिछले डेढ़-दो साल से चल रही है। तत्कालीन सहायक पंजीयक वीना धीमान ने जांच शुरू की थी, लेकिन उनके सेवानिवृत्त होने के बाद अब सहायक पंजीयक रवि कुमार मामले को देख रहे हैं। विजिलेंस भी मामले की जांच कर रही है। भोरंज थाना में निवेशक की शिकायत पर मामला दर्ज है, जबकि चेक बाउंस के कुछ मामले अदालत और उपभोक्ता अदालत तक पहुंच चुके हैं। निवेशकों की जमा राशि वापस नहीं मिलने के आरोप भी सामने आए हैं।
प्रशासक की नियुक्ति पर सभा में लगे थे ताले
27 अप्रैल 2024 को विभाग ने यहां पर प्रशासक नियुक्त किया था। उस वक्त सभा कार्यकारिणी को भंग कर विभाग के नियंत्रण में ले लिया गया है। 27 अप्रैल को सहकारी सभाएं हमीरपुर की ओर से मामले की आगामी जांच पूरा होने तक प्रशासक की नियुक्ति की गई थी, लेकिन उस वक्त विभाग ने दावा किया था कि सभा सचिव जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। यहां पर सचिव और विभाग दोनों की तरफ से सभा कार्यालय में अलग-अलग ताले जड़ दिए गए थे। बाद में यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा।
कोट
कृषि सहकारी सभा संगरोह को एक नहीं, बल्कि कई बार सचिव की तैनाती के निर्देश दिए गए थे। कमेटी ने इसमें लापरवाही की है। अब आधारहीन आरोप लगाए जा रहे हैं। समस्त कमेटी का इस्तीफा प्राप्त हुआ है। जल्द ही सभा में विभाग की ओर से प्रशासक की नियुक्ति की जाएगी। -रवि कुमार, सहायक पंजीयक, सहकारिता विभाग हमीरपुर
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करोड़ों की अनियमितताओं के बीच कमेटी ने छोड़ा ‘मैदान’
कथित फर्जी ऋण आवंटन को लेकर घिरी कृषि सहकारी सभा संगरोह की प्रबंधन कमेटी का सामूहिक इस्तीफा, विभाग ने आरोप नकारे
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कमेटी ने सहकारिता विभाग और सभा के पूर्व सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, विभाग ने कमेटी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए जल्द ही सभा में प्रशासक नियुक्त करने की बात कही है।
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कमेटी का आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से सभा का ऑडिट नहीं करवाया गया। तर्क है कि वर्तमान कमेटी का गठन दो साल पहले हुआ था, जबकि गठन से पहले के करीब चार वर्षों का ऑडिट भी नहीं हुआ।
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कमेटी ने सवाल उठाया है कि वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच ऑडिट और अन्य प्रक्रियाओं को समय पर पूरा क्यों नहीं करवाया गया। वहीं, सहकारिता विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि सभा की कमेटी को सचिव की तैनाती के लिए कई बार निर्देश दिए गए थे।
विभाग के अनुसार सभा को ऑडिट करवाने के लिए रिकाॅर्ड उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन कमेटी ने इस दिशा में लापरवाही बरती। अब इस्तीफे के बाद सभा के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त किया जाएगा।
सहकारिता विभाग पहले ही धारा 69(2) के तहत जांच आगे बढ़ा चुका है। विभागीय जांच में ऑडिट पैरा से जुड़ी कई खामियों समेत कथित फर्जी ऋण आवंटन और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े 10 बिंदु सामने आए थे।
जांच अधिकारी ने 18 मार्च 2025 को रिपोर्ट विभाग को सौंपी थी। इसके बाद प्रबंधन कमेटी को पूर्व सचिव के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और गबन व धोखाधड़ी के पहलुओं की पुलिस जांच के लिए शिकायत करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि इसी बीच पूर्व सचिव सेवानिवृत्त हो गए।
दो वर्षों से चल रही जांच
सभा के मामले की जांच पिछले डेढ़-दो साल से चल रही है। तत्कालीन सहायक पंजीयक वीना धीमान ने जांच शुरू की थी, लेकिन उनके सेवानिवृत्त होने के बाद अब सहायक पंजीयक रवि कुमार मामले को देख रहे हैं। विजिलेंस भी मामले की जांच कर रही है। भोरंज थाना में निवेशक की शिकायत पर मामला दर्ज है, जबकि चेक बाउंस के कुछ मामले अदालत और उपभोक्ता अदालत तक पहुंच चुके हैं। निवेशकों की जमा राशि वापस नहीं मिलने के आरोप भी सामने आए हैं।
प्रशासक की नियुक्ति पर सभा में लगे थे ताले
27 अप्रैल 2024 को विभाग ने यहां पर प्रशासक नियुक्त किया था। उस वक्त सभा कार्यकारिणी को भंग कर विभाग के नियंत्रण में ले लिया गया है। 27 अप्रैल को सहकारी सभाएं हमीरपुर की ओर से मामले की आगामी जांच पूरा होने तक प्रशासक की नियुक्ति की गई थी, लेकिन उस वक्त विभाग ने दावा किया था कि सभा सचिव जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। यहां पर सचिव और विभाग दोनों की तरफ से सभा कार्यालय में अलग-अलग ताले जड़ दिए गए थे। बाद में यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा।
कोट
कृषि सहकारी सभा संगरोह को एक नहीं, बल्कि कई बार सचिव की तैनाती के निर्देश दिए गए थे। कमेटी ने इसमें लापरवाही की है। अब आधारहीन आरोप लगाए जा रहे हैं। समस्त कमेटी का इस्तीफा प्राप्त हुआ है। जल्द ही सभा में विभाग की ओर से प्रशासक की नियुक्ति की जाएगी। -रवि कुमार, सहायक पंजीयक, सहकारिता विभाग हमीरपुर
करोड़ों की अनियमितताओं के बीच कमेटी ने छोड़ा ‘मैदान’
कथित फर्जी ऋण आवंटन को लेकर घिरी कृषि सहकारी सभा संगरोह की प्रबंधन कमेटी का सामूहिक इस्तीफा, विभाग ने आरोप नकारे