{"_id":"6aa2849c4c067841430b52f5","slug":"delhi-court-orders-framing-of-charges-against-lalu-prasad-yadav-and-other-irctc-hotels-money-laundering-case-2026-09-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आईआरसीटीसी होटल मामला: लालू-राबड़ी और तेजस्वी पर आरोप तय, दिल्ली कोर्ट ने टेंडर में हेरफेर पर कही बड़ी बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईआरसीटीसी होटल मामला: लालू-राबड़ी और तेजस्वी पर आरोप तय, दिल्ली कोर्ट ने टेंडर में हेरफेर पर कही बड़ी बात
Thu, 10 Sep 2026 03:52 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Thu, 10 Sep 2026 03:52 PM IST
सार
आईआरसीटीसी होटल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, लारा प्रोजेक्ट्स समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया। कोर्ट ने लालू पर पद के दुरुपयोग का गहरा संदेह जताया।
विज्ञापन
लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी सहित और तेजस्वी यादव
- फोटो : अमर उजाला GFX
विस्तार
आईआरसीटीसी होटल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की एक अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया है। इस मामले में राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और लारा प्रोजेक्ट्स भी आरोपी हैं। अदालत ने इन सभी के साथ चार अन्य के खिलाफ भी आरोप तय करने की बात कही है।
अदालत ने लालू प्रसाद द्वारा अपने पद के दुरुपयोग का गहरा संदेह व्यक्त किया है। यह मामला उनके रेल मंत्री कार्यकाल से जुड़ा है। अदालत के अनुसार, रेलवे अधिकारियों ने निविदा प्रक्रिया में हेरफेर किया था। इस हेरफेर के जरिये रांची और पुणे में होटल लीज पर देने का रास्ता बनाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच की प्रकृति, समय और प्रक्रिया राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित नहीं थी।
पद के दुरुपयोग का संदेह
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद ने अपने पद का दुरुपयोग किया। उनके कार्यकाल के दौरान रेलवे अधिकारियों ने निविदाओं में गड़बड़ी की। रांची और पुणे में होटल लीज पर देने के लिए यह हेरफेर किया गया था। इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत ने लालू प्रसाद द्वारा अपने पद के दुरुपयोग का गहरा संदेह व्यक्त किया है। यह मामला उनके रेल मंत्री कार्यकाल से जुड़ा है। अदालत के अनुसार, रेलवे अधिकारियों ने निविदा प्रक्रिया में हेरफेर किया था। इस हेरफेर के जरिये रांची और पुणे में होटल लीज पर देने का रास्ता बनाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच की प्रकृति, समय और प्रक्रिया राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित नहीं थी।
विज्ञापन
पद के दुरुपयोग का संदेह
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद ने अपने पद का दुरुपयोग किया। उनके कार्यकाल के दौरान रेलवे अधिकारियों ने निविदाओं में गड़बड़ी की। रांची और पुणे में होटल लीज पर देने के लिए यह हेरफेर किया गया था। इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं।
विज्ञापन
क्या है आईआरसीटीसी घोटाला?
आईआरसीटीसी होटल घोटाले का यह मामला यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल का है। उस दौरान लालू यादव रेल मंत्री थे। इस दौरान इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन यानी आईआरसीटीसी ने पुरी और रांची के बीएनआर होटल के संचालन और रखरखाव का ठेका प्राइवेट कंपनियों को देने की प्रक्रिया शुरू की। सीबीआई का आरोप है कि टेंडर प्रोसेस में हेराफेरी की गई ताकि सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी को ठेका मिल सके। इसके बदले में इस होटल कंपनी ने लालू परिवार से जुड़ी एक बेनामी कंपनी को कीमत से कहीं कम रेट पर जमीन दी थी।
आईआरसीटीसी होटल घोटाले का यह मामला यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल का है। उस दौरान लालू यादव रेल मंत्री थे। इस दौरान इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन यानी आईआरसीटीसी ने पुरी और रांची के बीएनआर होटल के संचालन और रखरखाव का ठेका प्राइवेट कंपनियों को देने की प्रक्रिया शुरू की। सीबीआई का आरोप है कि टेंडर प्रोसेस में हेराफेरी की गई ताकि सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी को ठेका मिल सके। इसके बदले में इस होटल कंपनी ने लालू परिवार से जुड़ी एक बेनामी कंपनी को कीमत से कहीं कम रेट पर जमीन दी थी।