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Delhi NCR News: छोटे गड्ढे ने खोली एलिवेटेड रोड की बड़ी पोल, 10 फीट तक खोखली मिली सड़क
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हादसा तो बचा...लेकिन कई सवाल छोड़ गया
सेक्टर-28 के सामने उतरने वाले रैंप का छोटा गड्ढा भरने पहुंचे प्राधिकरण के इंजीनियर तो सामने आई भयावह स्थिति
करीब 12 फीट गहराई तक मिट्टी बह चुकी थी, इस रूट पर तेज रफ्तार वाहन गुजरते हैं, गनीमत रही कि समय रहते पता चल गया
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा एलिवेटेड रोड पर मंगलवार को बड़ा हादसा टल गया। सेक्टर-28 में विश्वभारती पब्लिक स्कूल के सामने रैंप की सड़क का छोटा हिस्सा धंसने पर नोएडा प्राधिकरण की टीम गड्ढा भरने पहुंची थी। सड़क की ऊपरी परत हटाकर मरम्मत शुरू की गई तो नीचे करीब 10 फीट के दायरे में 12 फीट से अधिक गहराई तक सड़क का आधार खोखला मिला। यानी ऊपर सड़क और नीचे खाली हिस्सा था। स्थिति सामने आते ही प्राधिकरण ने बैरिकेडिंग कराकर यातायात नियंत्रित किया और बड़े पैमाने पर मरम्मत शुरू कराई।
एलिवेटेड रोड पर हर समय तेज रफ्तार में बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में यदि छोटा गड्ढा समय पर नजर नहीं आता और कमजोर हिस्सा अचानक धंस जाता तो गंभीर हादसा हो सकता था। प्रारंभिक जांच में प्राधिकरण ने पानी की पाइपलाइन या सीवर लाइन से लीकेज के कारण मिट्टी बहने की आशंका जताई है। हालांकि, मौके पर जांच के दौरान संबंधित पानी या सीवर लाइन में कोई लीकेज नहीं मिला।
मामला सोमवार को सामने आया था। इस स्थान पर करीब एक फीट के दायरे में सड़क धंसी थी। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे गड्ढा दिखाई देने के बाद वर्क सर्कल-2 की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कराई। इसके बाद जब गड्ढा भरने के लिए सड़क की ऊपरी परत हटाई गई तो नीचे का बड़ा हिस्सा खोखला मिला। इससे अधिकारियों में भी चिंता बढ़ गई।
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14 फीट तक ढलान के लिए भरी गई है मिट्टी.... बड़ा हिस्सा बहा
एलिवेटेड रोड के इस रैंप के नीचे करीब 14 फीट तक ढलान के रूप में मिट्टी भरी गई है। जांच में पाया गया कि मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा नीचे से बह चुका था। इसी कारण सड़क का आधार कमजोर होकर खोखला हो गया। प्राधिकरण की सिविल और जल विभाग की टीमों ने मौके पर करीब सात घंटे तक मरम्मत कराई। खोखले हिस्से की बिटुमिन-कंक्रीट परत हटाने के बाद खाली हिस्से में मिट्टी और कंक्रीट भरकर उसे मजबूत किया गया। शाम करीब पांच बजे तक भराव का काम पूरा कराया गया। इसके बाद रात में बिटुमिन-कंक्रीट की नई परत बिछाकर सड़क को समतल किया गया।
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बड़ा सवाल : जब वॉटर और सीवर लाइन में लीकेज नहीं तो पानी आया कहां से
सबसे बड़ा सवाल यह है कि मिट्टी बहने के लिए पानी आया कहां से। सेक्टर-27 से सेक्टर-28 की ओर जाने वाली पानी की लाइन और सीवर लाइन की मौके पर जांच की गई, लेकिन कोई लीकेज नहीं मिला।
आशंका : बारिश का पानी रिसकर नीचे पहुंच रहा है
इंजीनियरों को आशंका है कि बारिश का पानी किसी स्थान से रिसकर लंबे समय से नीचे पहुंच रहा हो और लगातार पानी के कारण मिट्टी का कटान हुआ हो। ऐसे में प्राधिकरण अब पानी के संभावित स्रोत की निगरानी करेगा। पर, बारिश जब तेज थी तो कटान नहीं सामने आया। सोमवार को भी बूंदाबांदी हुई। खोदाई में पानी नहीं मिला।
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यातायात हुआ प्रभावित
मरम्मत के कारण सेक्टर-33 के सामने से सेक्टर-18 अंडरपास तक एलिवेटेड रोड पर यातायात प्रभावित रहा। वाहन धीमी गति से चलते रहे और पीक समय में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
480 करोड़ रुपये से बनी है एलिवेटेड रोड
करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से 4.8 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड का निर्माण हुआ। 15 अक्तूबर 2014 को इसका शुरू हुआ था। परियोजना को 14 अक्तूबर 2017 तक पूरा किया जाना था और वर्ष 2017-18 में इसे यातायात के लिए खोल दिया गया। वर्ष 2024 में प्राधिकरण ने इसकी रिसर्फेसिंग भी कराई थी।
कोट
एलिवेटेड रोड के उतरने वाली जगह पर सड़क धंसी थी। मैंने सिविल और जल विभाग की टीमों को मौके पर भेजकर मरम्मत करवाई है। नीचे जिस तरह से मिट्टी नहीं मिली है, उससे पानी के लीकेज के कारण कटान होने की आशंका है। मैंने संबंधित अधिकारियों को इस स्थान की निगरानी के निर्देश दिए हैं।-वंदना त्रिपाठी, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण
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सेक्टर-28 के सामने उतरने वाले रैंप का छोटा गड्ढा भरने पहुंचे प्राधिकरण के इंजीनियर तो सामने आई भयावह स्थिति
करीब 12 फीट गहराई तक मिट्टी बह चुकी थी, इस रूट पर तेज रफ्तार वाहन गुजरते हैं, गनीमत रही कि समय रहते पता चल गया
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा एलिवेटेड रोड पर मंगलवार को बड़ा हादसा टल गया। सेक्टर-28 में विश्वभारती पब्लिक स्कूल के सामने रैंप की सड़क का छोटा हिस्सा धंसने पर नोएडा प्राधिकरण की टीम गड्ढा भरने पहुंची थी। सड़क की ऊपरी परत हटाकर मरम्मत शुरू की गई तो नीचे करीब 10 फीट के दायरे में 12 फीट से अधिक गहराई तक सड़क का आधार खोखला मिला। यानी ऊपर सड़क और नीचे खाली हिस्सा था। स्थिति सामने आते ही प्राधिकरण ने बैरिकेडिंग कराकर यातायात नियंत्रित किया और बड़े पैमाने पर मरम्मत शुरू कराई।
एलिवेटेड रोड पर हर समय तेज रफ्तार में बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में यदि छोटा गड्ढा समय पर नजर नहीं आता और कमजोर हिस्सा अचानक धंस जाता तो गंभीर हादसा हो सकता था। प्रारंभिक जांच में प्राधिकरण ने पानी की पाइपलाइन या सीवर लाइन से लीकेज के कारण मिट्टी बहने की आशंका जताई है। हालांकि, मौके पर जांच के दौरान संबंधित पानी या सीवर लाइन में कोई लीकेज नहीं मिला।
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मामला सोमवार को सामने आया था। इस स्थान पर करीब एक फीट के दायरे में सड़क धंसी थी। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे गड्ढा दिखाई देने के बाद वर्क सर्कल-2 की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कराई। इसके बाद जब गड्ढा भरने के लिए सड़क की ऊपरी परत हटाई गई तो नीचे का बड़ा हिस्सा खोखला मिला। इससे अधिकारियों में भी चिंता बढ़ गई।
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14 फीट तक ढलान के लिए भरी गई है मिट्टी.... बड़ा हिस्सा बहा
एलिवेटेड रोड के इस रैंप के नीचे करीब 14 फीट तक ढलान के रूप में मिट्टी भरी गई है। जांच में पाया गया कि मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा नीचे से बह चुका था। इसी कारण सड़क का आधार कमजोर होकर खोखला हो गया। प्राधिकरण की सिविल और जल विभाग की टीमों ने मौके पर करीब सात घंटे तक मरम्मत कराई। खोखले हिस्से की बिटुमिन-कंक्रीट परत हटाने के बाद खाली हिस्से में मिट्टी और कंक्रीट भरकर उसे मजबूत किया गया। शाम करीब पांच बजे तक भराव का काम पूरा कराया गया। इसके बाद रात में बिटुमिन-कंक्रीट की नई परत बिछाकर सड़क को समतल किया गया।
बड़ा सवाल : जब वॉटर और सीवर लाइन में लीकेज नहीं तो पानी आया कहां से
सबसे बड़ा सवाल यह है कि मिट्टी बहने के लिए पानी आया कहां से। सेक्टर-27 से सेक्टर-28 की ओर जाने वाली पानी की लाइन और सीवर लाइन की मौके पर जांच की गई, लेकिन कोई लीकेज नहीं मिला।
आशंका : बारिश का पानी रिसकर नीचे पहुंच रहा है
इंजीनियरों को आशंका है कि बारिश का पानी किसी स्थान से रिसकर लंबे समय से नीचे पहुंच रहा हो और लगातार पानी के कारण मिट्टी का कटान हुआ हो। ऐसे में प्राधिकरण अब पानी के संभावित स्रोत की निगरानी करेगा। पर, बारिश जब तेज थी तो कटान नहीं सामने आया। सोमवार को भी बूंदाबांदी हुई। खोदाई में पानी नहीं मिला।
यातायात हुआ प्रभावित
मरम्मत के कारण सेक्टर-33 के सामने से सेक्टर-18 अंडरपास तक एलिवेटेड रोड पर यातायात प्रभावित रहा। वाहन धीमी गति से चलते रहे और पीक समय में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
480 करोड़ रुपये से बनी है एलिवेटेड रोड
करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से 4.8 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड का निर्माण हुआ। 15 अक्तूबर 2014 को इसका शुरू हुआ था। परियोजना को 14 अक्तूबर 2017 तक पूरा किया जाना था और वर्ष 2017-18 में इसे यातायात के लिए खोल दिया गया। वर्ष 2024 में प्राधिकरण ने इसकी रिसर्फेसिंग भी कराई थी।
कोट
एलिवेटेड रोड के उतरने वाली जगह पर सड़क धंसी थी। मैंने सिविल और जल विभाग की टीमों को मौके पर भेजकर मरम्मत करवाई है। नीचे जिस तरह से मिट्टी नहीं मिली है, उससे पानी के लीकेज के कारण कटान होने की आशंका है। मैंने संबंधित अधिकारियों को इस स्थान की निगरानी के निर्देश दिए हैं।-वंदना त्रिपाठी, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण