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सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हमले: तीन लोगों की मौत; होर्मुज के वैकल्पिक मार्ग पर भी मंडराया खतरा?

Thu, 08 Oct 2026 12:22 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा।

सार

हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों से सऊदी अरब की सुरक्षा और तेल ठिकानों पर खतरा बढ़ गया है। दूसरी ओर, बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में भी लड़ाई तेज हो गई है। आखिर इस बढ़ते तनाव का वैश्विक समुद्री व्यापार पर कितना असर पड़ेगा? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 
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हूती - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई। सऊदी विमानन प्राधिकरण ने बुधवार को यह जानकारी दी।
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सऊदी अधिकारियों ने अब तक इन हमलों के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। हमले अभा और रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए। हालांकि, इससे पहले ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया था कि उन्होंने दोनों हवाई अड्डों पर हमले किए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, अभा हवाई अड्डे पर हुए हमले में मोरक्को और अल्जीरिया के रहने वाले दो लोगों की मौत हुई। 28 अन्य लोग घायल हुए। वहीं, किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में सूडान के एक नागरिक की मौत हुई। आठ अन्य लोग घायल हुए।
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इससे पहले बुधवार को ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर नए हमलों का दावा किया था। उन्होंने पड़ोसी देश में हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही थी। ईरान के साथ जारी युद्ध के नए मोर्चे में सऊदी अरब और ज्यादा खिंचता जा रहा है। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य के एक अहम वैकल्पिक समुद्री मार्ग पर भी खतरा बढ़ रहा है।

सऊदी राजधानी को फिर निशाना बनाया गया है। इस बीच, इस हफ्ते रियाद एयरपोर्ट के पास ईंधन टैंकों और सरकारी तेल कंपनी अरामको के दूसरे उपकरणों के चारों ओर पिंजरे जैसी नई बाड़ लगाई गई है। सऊदी अरब दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक है। हाल के दिनों में उसके तेल और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

रियाद एयरपोर्ट को बनाया निशाना?
हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने सोशल मीडिया पर कहा कि विद्रोहियों ने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे।

हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि रियाद के उत्तर में एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोक दिया गया। फ्लाइटरडार24 के अनुसार, उड़ानों पर थोड़ी देर के लिए असर पड़ा। 

यमन में बड़ा जमीनी और हवाई अभियान
अब सऊदी अरब और उसके सहयोगी यमनी बलों ने बड़ा जमीनी और हवाई अभियान शुरू किया है। इसका मकसद उन इलाकों को वापस लेना है, जिन पर विद्रोहियों ने एक महीने पहले कब्जा कर लिया था। ये इलाके यमन के पश्चिमी लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास हैं।

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इन इलाकों से हूती विद्रोहियों को निगरानी की बेहतर सुविधा मिल रही थी। वे सऊदी अरब से जुड़े जहाजों की आवाजाही रोकने की कोशिश कर रहे हैं। सोमवार को अधिकारियों ने कहा कि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की सेनाओं ने जलडमरूमध्य के आसपास कई अहम इलाकों पर फिर कब्जा कर लिया। इसी मार्ग से दुनिया का करीब 12 प्रतिशत व्यापार गुजरता है।

वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर ने अपने विश्लेषण में कहा कि हूती विद्रोहियों का मानना है कि तेल ठिकानों और हवाई अड्डों जैसे नागरिक ढांचे पर हमला करके वे सऊदी अरब की आर्थिक लागत बढ़ा सकते हैं। इससे सऊदी अरब को हूती विद्रोहियों की मांगें मानने के लिए मजबूर किया जा सकता है।

हूती प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के अभा एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया। यह एयरपोर्ट हूती विद्रोहियों के ड्रोन और मिसाइलों का अक्सर निशाना रहा है। हूती विद्रोहियों ने खमीस मुशैत शहर में एक एयरबेस और नजरान तथा असीर में दो सैन्य ठिकानों पर हमला करने का भी दावा किया। ये सभी इलाके यमन की सीमा के पास दक्षिण-पश्चिम में हैं।

यमन में कहां हो रही है लड़ाई?
यमन के अंदर लड़ाई का केंद्र अहम धुबाब शहर और उसके आसपास बना हुआ है। यह जानकारी हूती विद्रोहियों और यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार, दोनों ने दी है। धुबाब, हूती विद्रोहियों के पिछले महीने कब्जे में लिए गए बंदरगाह शहर मोखा से करीब 54 किलोमीटर दक्षिण में है।

दक्षिण-पश्चिमी ताइज प्रांत के वजीया जिले में भी झड़पों की खबर है। यह इलाका यमन के पहाड़ी क्षेत्रों को लाल सागर से जोड़ता है। यहां से बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य की ओर जाने वाली सड़कों पर नजर रहती है।

अल-मलिकी ने यमन की सरकारी सेना को 'पूरी सैन्य मदद' देने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि यह मदद तब तक जारी रहेगी, जब तक हूती विद्रोहियों का 'खात्मा' नहीं हो जाता। गठबंधन ने कहा है कि 100 लड़ाकू विमान इस अभियान में मदद कर रहे हैं। इसका एक और मकसद यमन की विद्रोहियों के कब्जे वाली राजधानी सना को आजाद कराना है।

हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने हूतियों के खिलाफ हालिया कार्रवाई में यमन की सरकारी सेना को समर्थन देने के लिए सऊदी अरब की आलोचना की। इस नए तनाव ने चार साल पहले हुए संघर्ष विराम को खत्म कर दिया है।

अल-हूती ने बुधवार को एक भाषण में गाजा के साथ एकजुटता जताई। यह भाषण हमास के 7 अक्तूबर, 2023 के इस्राइल पर हमले की तीसरी बरसी पर दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर इस्राइल के साथ 'तनाव का कोई नया दौर' शुरू होता है, तो विद्रोही हरसंभव तरीके से फलस्तीनियों का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।

फिर भड़की गृहयुद्ध की आग?
यह सैन्य अभियान तब शुरू हुआ, जब विद्रोहियों ने तुर्बाह शहर पर कब्जा कर लिया। यह शहर यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर और प्रांतीय राजधानी ताइज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के केंद्र अदन से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर है। अधिकारियों ने कहा है कि अमेरिका ने खुफिया जानकारी साझा करने, लक्ष्यों की पहचान करने और योजना बनाने में मदद की है।
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इस नए तनाव से चार साल के संघर्ष विराम के बाद यमन का गृहयुद्ध फिर तेज हो गया है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, हाल की लड़ाई में करीब 1,000 लोग मारे गए हैं। 2 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस सप्ताह कहा कि हैजा और कुपोषण के मामले बढ़ रहे हैं। गंभीर घायलों के इलाज तक पहुंच भी मुश्किल हो गई है। कुछ अस्पतालों में सर्जरी और दूसरी जरूरी चीजों की कमी है।
 
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