फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सप्लेनर: हाथ में कुल्हाड़ी, क्रैश कराने की तैयारी; ओमानी पायलट का क्या था इरादा, किस देश गया, कौन था निशाना

Sun, 04 Oct 2026 02:00 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड1073 को इस्राइल में क्रैश कराने की फिराक में था ओमानी पायलट हमाम अल-हमामी। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और आतंकी साजिश की पूरी इनसाइड स्टोरी।
विज्ञापन
फ्लाईदुबई विमान को इस्राइल में क्रैश कराने की थी साजिश। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फ्लाईदुबई विमान में बुधवार को पायलट केबिन में जो घटनाक्रम हुआ, उसमें भारतीय पायलट- स्मित मच्छार की बहादुरी की पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है। स्मित ने जिस तरह फ्लाइट के को-पायलट की ओर से अपने ऊपर हुए हमलों के बावजूद विमान को गिरने से बचाया और समय रहते केबिन का दरवाजा खोल दिया, उसे चमत्कार माना जा रहा है। इसी घटनाक्रम ने विमान के साथ किसी अनहोनी को रोक दिया। तब यह खुलासा नहीं हुआ था कि आखिर ओमानी पायलट की तरफ से उस दिन केबिन में क्या और क्यों किया गया था। हालांकि, अब संयुक्त अरब अमीरात में पायलट से हो रही पूछताछ और जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं। 
विज्ञापन


आइये जानते हैं कि फ्लाईदुबई एयरलाइन को लेकर अब तक जांच में क्या-क्या सामने आया है? आरोपी ओमानी पायलट की पहचान के बारे में क्या जानकारी सामने आई है? कॉकपिट के अंदर के घटनाक्रम और ओमानी पायलट के इरादों को लेकर क्या खुलासा हुआ है? उसने साजिश कब और कैसे रची? अगर भारतीय पायलट की तरफ से उसे न रोका जाता तो क्या हो सकता था?

फ्लाईदुबई एयरलाइन के पायलट पर क्या-क्या सामने आया?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 के कॉकपिट में हमला करने वाले सह-पायलट के बारे में जांच और मीडिया रिपोर्ट्स में कई प्रमुख बातें सामने आई हैं। एक बड़ा खुलासा यह हुआ है कि फ्लाईदुबई विमान का आरोपी सह-पायलट हमाम अल-हमामी (29) था, जो कि ओमान का नागरिक है। उसकी पढ़ाई ब्रिटेन की बकिंघमशर न्यू यूनिवर्सिटी से डिस्टेंस लर्निंग के जरिए हुई। उसने 2023 में एविएशन मैनेजमेंट में डिग्री ली थी। हालांकि, उसकी पायलट ट्रेनिंग कहां हुई, इसकी जानकारी अब तक नहीं मिली है। 

ये भी पढ़ें: कैप्टन स्मित का सम्मान: नेतन्याहू बोले- पीएम मोदी के साथ भारतीय पायलट आमंत्रित, इस्राइल की आजादी से क्या नाता?

ओमानी पायलट की क्या पहचान सामने आई?
  • अल-हमामी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई हैं। 
  • साल 2024 में ओमान एयर में ट्रेनी सह-पायलट रहते हुए उसके पास चरमपंथी सामग्री बरामद हुई थी। 
  • कट्टरपंथी वेबसाइट्स से जुड़े होने की वजह से ओमान ने उस पर उड़ान भरने से प्रतिबंध भी लगा दिया था। 
  • हालांकि, एयरलाइन ने उसे प्रशासनिक भूमिका में बनाए रखा। फरवरी 2025 में उसने ओमान एयर छोड़ दी।
  • इसके बाद जून 2025 में रॉयल एयर मोरक्को और जनवरी 2026 में फ्लाईदुबई जॉइन किया। 
  • फ्लाईदुबई एयरलाइन में उसे इस्राइल के संवेदनशील मार्ग पर उड़ान की अनुमति मिली थी।

फ्लाईदुबई विमान का को-पायलट था हमाम अल-हमामी। - फोटो : अमर उजाला

पश्चिम एशिया के तीन देशों से वास्ता, कैसे पनपी कट्टर विचारधारा?

  • अल-हमामी का जन्म यूएई में जरूर हुआ, लेकिन वह मां की जन्मभूमि- सीरिया से काफी जुड़ा रहा और अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा सीरिया में बिताया था। 
  • दावा किया जा रहा है कि सीरिया में ही वह पहली बार चरमपंथी-कट्टरपंथी संगठनों और उनसे जुड़ी विचारधारा के प्रभाव में आया।
  • 2024 में जब ओमान एयर में रहते हुए उसके पास चरमपंथी सामग्री मिली थी। तब सामने आया था कि उसे अल-कायदा की आतंकी विचारधारा में ढाला गया था।
  • इस प्रक्रिया के दौरान उसके कई कट्टरपंथी धार्मिक शख्सियतों के संपर्क में भी आने की बात सामने आती है। जांच अधिकारी इन संपर्कों की जांच में जुटे हैं।

अमेरिकी मीडिया पोर्टल सीएनएन और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अल-हमामी के सोशल मीडिया पोस्ट्स के विश्लेषण से पता चला कि वह बेहद कट्टर धार्मिक और महिला-विरोधी विचार रखता था। वह महिलाओं के नौकरियों में काम करने और पुरुष-महिला के मिश्रित कार्यस्थलों का कड़ा विरोधी था और उन्हें महिलाओं के लिए भ्रष्ट मानता था।

फ्लाईदुबई विमान सऊदी अरब में हुआ था लैंड। - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया अकाउंट्स से क्या खुलासे हुए?
एक और बड़ा खुलासा यह हुआ है फ्लाईदुबई में बुधवार को हुई घटना के लगभग 9 घंटे बाद उसके लिंक्डइन और इंस्टाग्राम अकाउंट से दो वीडियो पोस्ट हुए। एक वीडियो में कॉकपिट से इस्राइली विमानों पर जूम किया गया था और अंत में अल-कायदा नेता अयमन अल-जवाहिरी व 2009 के सुसाइड बॉम्बर हुमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीरें थीं। दूसरे पोस्ट में मक्का, मदीना और यरूशलम की एआई-जनरेटेड तस्वीर के साथ एक कविता शेयर की गई थीं, जिसमें मौत से न डरने और आत्मसम्मान की बात की गई थी। 

इसके अलावा उसके एक्स अकाउंट के विश्लेषण से पता चला कि वह महिला-विरोधी और सख्त धार्मिक विचार रखता था। वह पुरुषों और महिलाओं के एक साथ काम करने वाले वर्कप्लेस का कड़ा विरोधी था।

ये भी पढ़ें: फ्लाईदुबई: इस्राइली पीएम नेतन्याहू बोले- आरोपी सह-पायलट आत्मघाती हमलावर था; चिल्ला रहा था- मुझे मार डालो

ओमानी पायलट ने फ्लाइट के कैप्टन पर हमला क्यों किया, करना क्या चाहता था?

जांच रिपोर्ट्स और अधिकारियों के बयानों के मुताबिक, हमाम अल-हमामी का मकसद एयरदुबई फ्लाइट को हाईजैक कर उसे क्रैश कराने का था। यूएई की तरफ से साफ तौर पर कहा गया है कि फ्लाईदुबई के सह-पायलट ने आतंकी हमले की कोशिश की थी। वहीं, कॉकपिट के भीतर घटे भयावह घटनाक्रम का विवरण कैप्टन स्मित मच्छार ने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मीडिया के साथ बातचीत में दिया।

फ्लाईदुबई विमान के कॉकपिट में हुआ उस दिन का घटनाक्रम। - फोटो : अमर उजाला
.

फ्लाईदुबई विमान के कॉकपिट में हुआ उस दिन का घटनाक्रम। - फोटो : अमर उजाला
इस्राइल में क्रैश का था इरादा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी सह-पायलट का मुख्य मकसद फ्लाईदुबई के बोइंग 737 मैक्स विमान को इस्राइल में क्रैश कराना था। जांचकर्ताओं के हवाले से बताया गया है कि अगर उसका यह प्रयास सफल हो जाता, तो यह अमेरिका की 9/11 हमलों जैसी त्रासदी बन सकता था। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पुष्टि की कि उसका इरादा सभी यात्रियों के साथ विमान को क्रैश करने का था।

अल-कायदा की विचारधारा से जुड़ाव
जांच एजेंसियों के अनुसार, अल-हमामी इस्लामी कट्टरपंथी हो गया था और वह अल-कायदा की विचारधारा से प्रभावित होकर इस प्रक्रिया के दौरान कई धार्मिक शख्सियतों के संपर्क में आया था। उसकी तरफ से शेयर हुए वीडियो में अयमान अल-जवाहिरी को दिखाना इस ओर इशारा भी करता है। 

विदेशी संबंधों और नेटवर्क की जांच जारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले में ईरान के संभावित संबंध की आशंका जताई थी, हालांकि इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि ईरान की संलिप्तता पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। फिलहाल यूएई, इस्राइल, सऊदी अरब और अन्य सुरक्षा एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि उसने यह हमला अकेले किया था या उसका किसी बाहरी आतंकवादी समूह से संबंध था।

ओमान में प्रतिबंध के बावजूद फ्लाईदुबई का पायलट कैसे बना हमामी

1. ओमान-यूएई की ओर से सुरक्षा चूक
  • 2024 में ओमान एयर में ट्रेनी रहते हुए कट्टरपंथी इस्लामी सामग्री पाए जाने पर उसे फ्लाइंग रोल से हटाकर प्रशासनिक कामों में डाल दिया था। यह अब तक स्पष्ट नहीं है कि ओमान ने उसके कट्टरपंथ से जुड़ी सुरक्षा चेतावनियों को अन्य देशों या अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के साथ साझा किया था या नहीं।
  • ओमान एयर में प्रशासनिक पद पर रहने के बाद उसने फरवरी 2025 में इस्तीफा दे दिया। इसके बाद जून 2025 में उसने रॉयल एयर मोरोक्को जॉइन की और जनवरी 2026 में फ्लाईदुबई में शामिल हो गया।
  • एयरलाइंस की ओर से नई भर्तियों के दौरान किए जाने वाले बैकग्राउंड चेक और पायलट स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं में भारी खामियां पाई गईं, जिसकी वजह से उसका पुराना कट्टरपंथी इतिहास सामने नहीं आ सका।

दुबई-तेल अवीव फ्लाइट में पैसेंजर्स की संख्या। - फोटो : अमर उजाला
2. इस्राइली सुरक्षा जांच में कमी
गौरतलब है कि ओमान और इस्राइल के बीच कोई औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं। इस्राइल का विदेशी एयरलाइंस के साथ ऐसा समझौता रहता है कि कूटनीतिक संबंध न रखने वाले देशों के पायलटों को उनके यहां उड़ान की अनुमति न दी जाए। इसके बावजूद इस्राइल की घरेलू खुफिया एजेंसी- शिन बेट, मोसाद और इस्राइली परिवहन मंत्रालय जैसी प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों की स्क्रीनिंग के बावजूद वह तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट के क्रू में शामिल हो गया, जिसे लेकर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच चल रही है।


कैप्टन मच्छार ने कैसे इस्राइल में 9/11 जैसे हमले को रोका?

कॉकपिट के अंदर सह-पायलट हमाम अल-हमामी की ओर से कुल्हाड़ी से हमला किए जाने के बावजूद फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने विमान का नियंत्रण नहीं छोड़ा। इतना ही नहीं गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन मच्छार ने अपनी जान की परवाह किए बिना सह-पायलट का डटकर मुकाबला किया और उसे विमान का पूरा नियंत्रण नहीं लेने दिया।

विज्ञापन

गंभीर चोटों से जूझते हुए कैप्टन मच्छार ने अपनी बची हुई पूरी ताकत लगाई और कॉकपिट का लॉक दरवाजा खोल दिया। यह कदम इस पूरे हमले को नाकाम करने में सबसे निर्णायक साबित हुआ। इसके बाद विमान में आ रही असामान्य आवाजों और असामान्य गतिविधियों को सुनकर सतर्क हुए केबिन क्रू और यात्रियों ने कॉकपिट डोर अनलॉक होते ही अंदर प्रवेश किया। उन्होंने तुरंत हमलावर सह-पायलट को दबोच लिया और उसे काबू में कर लिया।

कैप्टन मच्छार की ओर से सही समय पर कॉकपिट का दरवाजा खोलने के फैसले के कारण ही क्रू और यात्री समय रहते हस्तक्षेप कर सके और विमान में सवार 180 से अधिक लोगों की जान बच पाई। हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे गिर रहा था। हमलावर के काबू में आने के बाद, विमान में सवार दो ट्रेनी पायलटों ने कमान संभाली और फ्लाइट को सऊदी अरब की ओर मोड़कर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें