यह खुलासा ओपनएआई द्वारा गत माह नेवियर-स्टोक्स समीकरण के हल का दावा करने के बाद हुआ है। यह उन मिलेनियम समस्याओं में शामिल है जिन्हें जटिलता के चलते हल करने वालों को 10 लाख डॉलर का इनाम रखा गया था। कंपनी ने यह भी दिखाया कि आज के सबसे उन्नत एआई मॉडल क्या कर सकते हैं, पर साथ ही यह सवाल भी खड़ा किया कि क्या एआई वाकई रचनात्मक सोच का इस्तेमाल कर रहा है।
कुछ सप्ताह पूर्व ही ओपनएआई ने बताया था कि वह न्यूजर्सी के इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस्ड स्टडी में बैठी गणितज्ञों की एक स्वतंत्र सलाहकार समिति के साथ काम कर रही है, जो यह सलाह देती है कि एआई-कंपनियां अपने नतीजे गणितज्ञों तक कैसे पहुंचाएं। समिति ने सुझाव दिया था कि एआई एजेंटों को दिए गए सभी प्रॉम्प्ट और उनकी सोच की शृंखला भी सार्वजनिक की जाए।