राजधानी शिमला के लक्कड़ बाजार में स्ट्रीट वेंडरों ने अपनी रोजी-रोटी से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। सीटू के बैनर तले स्ट्रीट वेंडर कमेटी के सदस्यों ने लक्कड़ बाजार में फड़ी लगाकर नगर निगम की कार्रवाई का विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान स्ट्रीट वेंडरों ने कहा कि वे लंबे समय से अपना छोटा-मोटा कारोबार कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। लेकिन पिछले काफी समय से नगर निगम की ओर से की जा रही कार्रवाई के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। वेंडरों का कहना है कि उन्हें बार-बार हटाए जाने से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। जिन लोगों की आमदनी रोजाना की बिक्री पर निर्भर है, उनके लिए एक दिन भी काम न कर पाना परिवार के खर्चों पर सीधा असर डालता है। स्ट्रीट वेंडर कमेटी के सदस्यों ने कहा कि उनका मकसद किसी तरह की अव्यवस्था पैदा करना नहीं है। वे चाहते हैं कि प्रशासन और नगर निगम उनकी समस्या का स्थायी समाधान निकाले। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उन्हें बार-बार हटाने के बजाय स्थायी या निर्धारित स्थान उपलब्ध करवाया जाए, जहां वे नियमों के तहत अपना कारोबार कर सकें और परिवार की रोजी-रोटी चला सकें। वेंडरों का कहना है कि यदि उन्हें उचित जगह मिलती है तो इससे उनका कारोबार भी जारी रहेगा और शहर में व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से पिछले काफी समय से की जा रही कार्रवाई के कारण वे परेशान हैं। उनका कहना है कि कार्रवाई के चलते कई वेंडर नियमित रूप से अपना सामान नहीं लगा पा रहे हैं और उनकी आय प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले को केवल हटाने या कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि वेंडरों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान निकाला जाए। स्ट्रीट वेंडरों ने स्पष्ट किया कि वे चाहते हैं कि उन्हें ऐसी जगह मिले जहां वे मेहनत कर अपना और अपने परिवार का पेट पाल सकें। प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने प्रशासन और नगर निगम तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश की है।