भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल की राजनीति में प्रमुख चेहरा Suvendu Adhikari ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा बयान देते हुए सत्तारूढ़ दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल की आम जनता स्वभाव से शांतिप्रिय है और किसी प्रकार की हिंसा में विश्वास नहीं करती, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में राज्य में असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। अधिकारी ने विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज बंगाल में “कोई बेटी-बहन सुरक्षित नहीं है”, जो कि राज्य की स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
उन्होंने आगे कहा कि देश के अन्य राज्यों जैसे Uttar Pradesh और Bihar में पहले जिस प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्याएं थीं, उन्हें अब काफी हद तक नियंत्रित किया जा चुका है और वहां “जंगल राज” समाप्त हो चुका है। सुवेंदु अधिकारी का दावा है कि इन राज्यों में सख्त प्रशासनिक कदमों और बेहतर शासन व्यवस्था के कारण आम लोगों को राहत मिली है। इसी तुलना के आधार पर उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी अब बदलाव की आवश्यकता है और जनता इस दिशा में सोच रही है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं है, बल्कि राज्य में एक ऐसी सरकार स्थापित करना है जो कानून का राज कायम करे और सभी नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करे। इस संदर्भ में उन्होंने Narendra Modi के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में देश में एक मजबूत और “राष्ट्रवादी सरकार” की अवधारणा को बढ़ावा मिला है, और बंगाल में भी उसी प्रकार की सरकार बनने की संभावना है।
सुवेंदु अधिकारी के इस बयान को आगामी चुनावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां भाजपा राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ दल इन आरोपों को खारिज करते हुए अपने शासन को बेहतर बताता रहा है। कुल मिलाकर, यह बयान बंगाल की राजनीति में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और आरोप-प्रत्यारोप के दौर को दर्शाता है, जहां कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में बने हुए हैं।