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रूस ने कीव पर दागे ड्रोन और मिसाइलें, जेलेंस्की ने की मदद?

Fri, 20 Jun 2025 12:07 PM IST
आदर्श वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार सुबह एक बार फिर यूक्रेन की राजधानी कीव पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमले ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया। नौ मंजिला अपार्टमेंट पर हुए हमले में अब तक 28 लोगों की मौत और 142 घायल होने की पुष्टि हो चुकी है।

कीव शहर के सोलोमिंस्की जिले में हुए इस हमले में 23 लोग एक ही इमारत में मारे गए, जिनकी याद में राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ राष्ट्रपति कार्यालय प्रमुख आंद्रेई यरमक और आंतरिक मंत्री इगोर क्लिमेंको भी मौजूद रहे।

इस ताजा हमले में रूस ने 440 से अधिक ड्रोन और 32 मिसाइलें दागीं। यह यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को कमजोर करने की बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। रूसी हमले खासतौर पर शहरी रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहे हैं, जबकि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इन आरोपों से इनकार कर रहे हैं।

पुतिन का कहना है कि हमले केवल सैन्य ठिकानों पर हुए हैं, रिहायशी क्षेत्रों पर नहीं। हालांकि तस्वीरें, वीडियो और चश्मदीद गवाह कुछ और ही कह रहे हैं। पूरी दुनिया ने कीव की जली हुई इमारतों और बर्बादी के दृश्य देखे हैं।

इस बर्बर हमले के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, “यह हमला दुनिया को याद दिलाता है कि रूस युद्धविराम को अस्वीकार करता है और जानबूझकर हत्या का विकल्प चुनता है।”

जेलेंस्की ने यह भी कहा कि वैश्विक ताकतों को रूस पर युद्धविराम के लिए दबाव डालना चाहिए। उन्होंने उन देशों को धन्यवाद दिया, जो यूक्रेन का समर्थन कर रहे हैं और रूस को अलग-थलग करने की कोशिश में लगे हैं।

युद्ध के बीच रूस और यूक्रेन के बीच कैदियों की अदला-बदली का सिलसिला जारी है। गुरुवार को यूक्रेन के चेर्निहीव क्षेत्र में यूक्रेनी युद्धबंदियों को वापस लाया गया। रूस के रक्षा मंत्रालय ने भी बेलारूस के एक विनिमय क्षेत्र से लौटे रूसी सैनिकों का वीडियो जारी किया है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जेलेंस्की ने लिखा: “हम हर नागरिक को वापस लाने के लिए काम कर रहे हैं। जो लोग इन आदान-प्रदानों को संभव बना रहे हैं, उनका आभार।”

यह अदला-बदली भले ही युद्ध के बीच एक इंसानियत की झलक हो, लेकिन यह भी स्पष्ट है कि आम नागरिक सबसे बड़ा नुकसान झेल रहे हैं।

यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा: “100 दिन पहले हमने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित युद्धविराम को बिना शर्त स्वीकार कर लिया था। रूस ने इस पहल को नजरअंदाज कर दिया।”

अमेरिका की पहल में हत्या पर रोक, युद्धविराम और शांति प्रक्रिया शामिल थी। लेकिन सिबिहा के अनुसार, रूस ने न केवल प्रस्ताव को ठुकराया बल्कि युद्ध को और तेज किया। यह बयान बताता है कि युद्ध सिर्फ दो देशों के बीच की जंग नहीं रह गई है, बल्कि यह अब भूराजनैतिक रणनीतियों, वैश्विक ध्रुवीकरण और सैन्य प्रभुत्व का खेल बन चुकी है।

कीव जैसे शहर पर बार-बार हो रहे हमलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आम लोगों की जान की कीमत क्या है? क्या दुनिया सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित रह जाएगी, या वाकई कोई ठोस पहल करेगा? अब तक संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अमेरिका ने हमलों की निंदा तो की है, लेकिन युद्ध को रोकने के लिए कोई निर्णायक रणनीति सामने नहीं आई है।

इस युद्ध को दो साल पूरे हो चुके हैं। हज़ारों लोगों की जान जा चुकी है, लाखों विस्थापित हो चुके हैं। हर दिन एक नया हमला, एक नया जनाजा, और एक नई तबाही सामने आती है। हालांकि पुतिन कहते हैं कि वह वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बंदूकें अभी भी गरम हैं, और मिसाइलें अभी भी उड़ रही हैं।
 

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