राजा रघुवंशी हत्याकांड को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं। मेघालय में हुई राजा की हत्या में नया मोड़ आ गया है। शुरुआत में यह जानकारी मिली थी कि सुपारी किलर्स को पैसे देकर यह हत्या करवाई गई लेकिन अब इस मामले में नई बात सामने आई है। पुलिस को हत्या करने वाले किसी भी आरोपी के पास पैसों के लेनदेन का कोई ट्रांजेक्शन नहीं मिला। लेकिन आरोपियों ने पुलिस को बताया कि सोनम ने उन्हें सिर्फ 15 हजार रुपए दिए थे। वह भी राजा के पर्स से निकालकर दिए गए थे। आपको बता दें कि विशाल, आकाश और आनंद ने हत्या से पहले राजा को मारने की योजना निरस्त करने का भी कहा था लेकिन सोनम नहीं मानी। बताया जा रहा है कि उस वक्त सोनम ने तीनों से कहा था कि तुम इसकी हत्या कर दोगे तो मैं तुम्हें 20 लाख रुपए दूंगी। लेकिन हत्या के बाद सोनम वहां से चली गई और तीनों अपने घर आ गए। किसी को भी कोई पैसे नहीं दिए गए थे।
सोनम मध्य प्रदेश के इंदौर के एक संपन्न कारोबारी परिवार की है। उसके पिता देवी सिंह रघुवंशी इंदौर में एक प्लाईवुड कंपनी के मालिक हैं। इस कंपनी का इंदौर में अच्छा खासा नाम है। सोनम इसी कंपनी में काम किया करती थी। सोनम की फैमिली का प्लाईवुड का बिजनेस गुजरात में भी है। गुजरात के बिजनेस की पूरी जिम्मेदारी सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी की है।
राजा और सोनम की शादी 11 मई को हुई थी और वे 20 मई को अपने हनीमून के लिए मेघालय गए थे। 23 मई को वे लापता हो गए थे और राजा का शव 2 जून को एक झरने के पास एक गहरी खाई में मिला था। राजा के पिता अशोक रघुवंशी ने बताया कि सोनम के कहने पर राजा ने घर के मुख्य द्वार पर एक पोटली टांग दी थी। उन्हें लगता है कि सोनम ने तंत्र-मंत्र का प्रयोग करके उनके बेटे की हत्या करवाई है। उन्होंने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।