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Kolkata Rape Case: बंगाल में छात्रा से दरिंदगी अखिलेश ने ममता का किया बचाव, CM योगी पर बरसे!

Fri, 27 Jun 2025 11:30 PM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

पश्चिम बंगाल में लॉ स्टूडेंट के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई है. इसी मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है. इसी पर उन्होंने योगी सरकार को घेरा है. अखिलेश यादव ने कहा कि आए दिन उत्तर प्रदेश से दुष्कर्म की खबरें सामने आती हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि मैं बंगाल के लोगों और खासकर मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि भाजपा से सावधान रहें। कोई भी घटना होगी, अगर आप निष्पक्ष भी कार्रवाई करना चाहेंगी तो उससे भाजपा के लोग राजनीतिक लाभ लेना चाहेंगे।
महिलाओं की छेड़खानी के मामलों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है क्योंकि यहां की सरकार कानून-व्यवस्था को छोड़कर बाकी सभी चीजों पर ध्यान दे रही है. आपको बता दें कि कोलकाता में लॉ की पढ़ाई कर रही एक छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना हुई है. बताया जा रहा है कि ये घटना छात्रा के साथ उसके कॉलेज कैंपस में ही हुआ है. पुलिस ने इस घटना में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की जांच में पता चला है कि जिस छात्रा के साथ गैंगरेप हुआ है, उसपर आरोपी बीते कुछ दिनों से नजर रखे हुए थे. पुलिस के अनुसार घटना 25 जून की है. गिरफ्तार किए आरोपियों में दो छात्र भी शामिल हैं.
इस घटना के बाद फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल को सील कर दिया है. साथ ही सभी आरोपियों के मोबाइल फोन्स को कब्जे में ले लिया है. अब इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल में सियासत भी शुरू हो गई है. बीजेपी ने इस घटना को लेकर टीएमसी पर आरोप लगाते हुए सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. बीजेपी का आरोप है कि इस गैंगरेप में टीएमसी का कार्यकर्ता भी शामिल है. बीजेपी का कहना है कि ममता बनर्जी के राज में महिला असुरक्षित महसूस कर रही है. पुलिस फिहला इस पूरे मामले की जांच कर रही है. आपको बता दें कि कोलकाता में छात्रा के साथ रेप की यह कोई पहली वारदात नहीं है. पिछले साल आरजी कर मेडिकल कॉलेज में भी एक छात्रा के साथ रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. उस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया था. बाद में आरोपी संजय रॉय को सियालदह कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी. उसपर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था. मामले के 164 दिन बार दोषी संजय रॉय को सजा सुनाई गई थी.हालांकि, इस केस को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मानने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा था कि यह रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामला नहीं है. इसलिए मौत की सजा नहीं दी सकती. वहीं, लोकल कोर्ट ने राज्य को पीड़ित परिवार को 17 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया, लेकिन परिवार ने इसे लेने से इनकार कर दिया

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