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Digvijay Singh VS Giriraj Singh : संसद में भिड़े दिग्विजय सिंह और गिरिराज सिंह, हुई तीखी बहस!

Sun, 15 Mar 2026 04:22 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

संसद में एक बार फिर राजनीतिक तकरार तेज हो गई जब Digvijaya Singh और Giriraj Singh के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। यह विवाद उस समय सामने आया जब सदन में देश से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और राजनीतिक बयानबाज़ी को लेकर चर्चा चल रही थी। बहस के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए, जिसके कारण कुछ समय के लिए सदन का माहौल काफी गर्म हो गया। विपक्ष और सत्ता पक्ष के कई सदस्य भी इस बहस में अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देते नजर आए।

राज्यसभा में बोलते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार और कुछ मंत्रियों के बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए और नेताओं को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए जो समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं। उनके इस बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले अपने इतिहास और अपने बयानों पर नजर डालनी चाहिए। गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई नेताओं ने पहले भी ऐसे बयान दिए हैं, जिनसे देश की छवि को नुकसान पहुंचा है।

दोनों नेताओं के बीच यह बहस धीरे-धीरे तीखी होती चली गई। दिग्विजय सिंह ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, जबकि गिरिराज सिंह ने कहा कि विपक्ष सिर्फ आरोप लगाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। इस दौरान सदन में कुछ समय के लिए शोर-शराबा भी हुआ और अन्य सांसदों ने बीच-बचाव की कोशिश की। सदन की कार्यवाही संभाल रहे सभापति को भी स्थिति शांत कराने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।

इस घटना के बाद संसद के बाहर भी राजनीतिक बयानबाज़ी जारी रही। दोनों नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए अपने-अपने पक्ष को सही ठहराया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने केवल देशहित से जुड़े सवाल उठाए हैं, जबकि गिरिराज सिंह का कहना था कि विपक्ष जानबूझकर विवाद पैदा कर रहा है।

संसद में इस तरह की तीखी बहस भारतीय लोकतंत्र का हिस्सा मानी जाती है, लेकिन कई बार यह विवाद का रूप भी ले लेती है। दिग्विजय सिंह और गिरिराज सिंह के बीच हुई यह नोकझोंक भी इसी राजनीतिक टकराव का एक उदाहरण बन गई, जिसने एक बार फिर संसद के भीतर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरी को उजागर कर दिया।

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