प्लेन क्रैश में बेटे की मौत के बाद उनकी मां का दुख छलक पड़ा। लॉरेंस डेनियल, जो अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए गुजरात आए थे, एयर इंडिया फ्लाइट से लंदन लौटते समय हादसे का शिकार हो गए। सिविल अस्पताल ने डीएनए टेस्ट से जुड़ी प्रक्रिया की शुरुआत की घोषणा की. बीजे मेडिकल कॉलेज के परीक्षण केंद्र में डीएनए सैंपल को इकट्ठा करने की व्यवस्था की गई थी. माता-पिता, बच्चों या भाई-बहनों से डीएनए सैंपल देने का अनुरोध किया गया था. लेकिन अगर परिवार के करीबी सदस्य उपलब्ध नहीं थे, तो अन्य रिश्तेदारों से नमूने लिए गए. ये फ्लाइट लंदन जा रही थी और गुरुवार दोपहर 1:38 बजे टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद अहमदाबाद में क्रैश हो गई. विमान में सवार 230 यात्रियों में से 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई यात्री थे. हादसे के बाद जब विश्वाश कुमार रमेश को होश आया तो आसपास विमान के टुकड़े और बिखरे शव पड़े थे. किसी ने उन्हें उठाकर एंबुलेंस में डाला और अस्पताल पहुंचाया. उनके पास अब भी अपना बोर्डिंग पास मौजूद है. वे एकमात्र गवाह हैं उस भयावह हादसे के. अहमदाबाद से लंदन के गैटविक जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान बृहस्पतिवार दोपहर उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. विमान में सवार 242 लोगों में से केवल एक व्यक्ति ही जीवित बचा था. जबकि ऐसे कुछ किस्मत वाले लोग भी हैं, जो चाहकर भी इस विमान में पकड़ नहीं पाए और ऐसा होने से उनकी जान बच गई.अहमदाबाद विमान हादसे के बाद ऐसी दर्दनाक और चौंकाने वाली कहानियां सामने आ रही हैं, जिन पर एकबार यकीन करना मुश्किल है. विमान के 242 यात्रियों में विश्वास रमेश मौत के पंजे से निकल आए.