विमान हादसे का जो दर्द पूरा देश झेल रहा है। लेकिन उन परिवारो पर क्या बीत रही होगी जिनके अपने अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में उनको सदा के लिए छोड़ कर चले गए। आप को बता दें कि हादसे में शिकार केबिन क्रू नगंथोई शर्मा भी थी। उनका पार्थिव शरीर मणिपुर पहुंचा तो पूरे मणिपुर में मातम पसर गया। जब शव घर पहुंचा तो मां-बाप का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
एक पिता, जो अपनी बेटी के ताबूत पर झुका हुआ है। हाथ कांप रहे हैं। अंदर से टूट चुका है। जैसे-तैसे भावनाओं पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है। चारों ओर शोकाकुल परिवार का बिलखना खामोशी चीर रही है। शोक उस बेटी के लिए है, जो अब कभी वापस नहीं आएगी।
दिल तोड़ने वाला ये दृश्य रविवार को कोंगब्राइलाटपम नगंथोई शर्मा के अंतिम संस्कार के समय था। वो 12 जून को अहमदाबाद में हादसे का शिकार एअर इंडिया के विमान में केबिन क्रू सदस्य थीं। उनका शव इंफाल के बीर टिकेंद्रजीत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया। वहां परिवार, आम लोगों और अधिकारियों ने शव पर फूल चढ़ाए। राज्य के अधिकारियों के साथ स्थानीय सांसद भी शोकाकुल लोगों में थे। उन्होंने परिवार और करीबियों के साथ पार्थिव शरीर को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
अहमदाबाद प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाली कैबिन क्रू नगंथोई शर्मा का अंतिम संस्कार इंफाल में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। नगंथोई मणिपुर की रहने वाली थीं और हादसे में उनकी दुखद मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया। परिवार, दोस्त और हजारों लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। वह अपने कर्तव्य के दौरान हादसे का शिकार हुईं, जिससे उन्हें देशभर में श्रद्धांजलि दी जा रही है। नगंथोई न केवल एक कर्मठ कर्मचारी थीं बल्कि एक प्रेरणास्रोत भी थीं। प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने की बात कही है। इस दुख की घड़ी में आईजोल के सांसद ने कहा कि "लामनुनथेम और नगंथोई हमारे राज्य की नुमाइंदगी करती थीं। उनके लिए दुनिया खेल का मैदान था। वे सिमटी हुई सड़कों और नजरिये तक ही सीमित नहीं थीं। वे हमारे राज्य के विकास की नुमाइंदगी करती थीं। वे एक ही संगठन में दोस्त और सहकर्मी थीं। ये उन लोगों को गहरा संदेश है, जो समुदायों के बीच नफरत फैलाते हैं। वे युवा महिलाएं थीं, जो अपनी मर्जी के मुताबिक नौकरी करना चाहतीं थीं और करती थीं