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सीएम रेखा गुप्ता के बंगले पर ₹60 लाख खर्च, कांग्रेस-आप ने साधा निशाना

Fri, 04 Jul 2025 03:13 PM IST
आदर्श वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

दिल्ली की राजनीति एक बार फिर ‘सीएम बंगला विवाद’ की आग में झुलस रही है। इस बार निशाने पर हैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जिनके सरकारी बंगले के रेनोवेशन के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने 60 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है।

टेंडर में झूमर, स्मार्ट टीवी, प्रीमियम पंखे, AC, डिश वॉशर, वॉशिंग मशीन, डेकोरेटिव लाइट्स जैसी हाई-एंड सुविधाओं का जिक्र है, जिसने विपक्ष को आक्रामक कर दिया है।
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने इस बंगले को ‘माया महल’ और ‘रंगमहल’ बताते हुए भाजपा को घेरा है। आम आदमी पार्टी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा: “CM रेखा गुप्ता के माया महल में लगेंगे करोड़ों रुपये!!”

आप की पोस्ट में लिखा गया: “दिल्ली में पानी की किल्लत, स्कूलों की फीस, बेरोजगारी, बिजली कटौती और अपराध से जनता त्रस्त है, लेकिन सीएम रेखा गुप्ता करोड़ों रुपये से बंगले का इंटीरियर करवा रही हैं। झूमर, AC, महंगे पंखे और स्मार्ट टीवी लगाकर ये कैसा जनता के पैसे का इस्तेमाल हो रहा है?”

आप ने भाजपा पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब केजरीवाल के बंगले का मामला उठा था, तब भाजपा ने पूरे शहर को पोस्टरों से भर दिया था। अब जब अपनी मुख्यमंत्री के लिए उसी तरह की सुविधाएं ली जा रही हैं, तो भाजपा खामोश क्यों है?

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इस मुद्दे पर और तीखा प्रहार करते हुए लिखा:
“शीशमहल करते करते अब रंगमहल बनवाया जा रहा है!”

उन्होंने कहा: “दिल्ली के आम लोग अपने टूटते घरों को बचाने के लिए बुलडोजर के आगे लेट जाते हैं, और मुख्यमंत्री दो बंगलों को जोड़कर ऐशगाह बना रही हैं। क्या ये वही भाजपा है जो सादगी की दुहाई देती है?”

उन्होंने टेंडर में दिए गए खर्च की बारीकियों को निशाने पर लिया — “24 एसी, महंगे झूमर, 115 लाइटें, 5 स्मार्ट टीवी, रिमोट पंखे, डिश वॉशर, माइक्रोवेव… मजे ही मजे!”

टेंडर की बारीकियां जो बनीं विवाद की वजह
    •    2 टन के 14 AC – ₹7.7 लाख
    •    5 स्मार्ट टीवी – ₹9.3 लाख
    •    115 डेकोरेटिव लाइट्स और 3 झूमर – ₹6.03 लाख
    •    सुरक्षा के लिए 14 CCTV – ₹5.73 लाख
    •    23 प्रीमियम पंखे – ₹1.8 लाख
    •    ओटीजी, वॉशिंग मशीन, माइक्रोवेव, गैस स्टोव आदि – ₹3 लाख+
    •    UPS और गीजर – ₹3 लाख

हालांकि PWD ने यह साफ किया है कि यह निर्माण नहीं, केवल इंटीरियर और फिटिंग का कार्य है, लेकिन जनता के बीच सवाल ये उठ रहे हैं कि ऐसे समय में जब दिल्ली पानी, बिजली और महंगाई की मार झेल रही है, तो क्या मुख्यमंत्री को ऐसे खर्च शोभा देते हैं?

दिलचस्प बात यह है कि 2023-24 में दिल्ली बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल के बंगले पर हुए रेनोवेशन को लेकर ज़बरदस्त हमला बोला था।

BJP के आरोप के मुताबिक:
    •    केजरीवाल के बंगले पर ₹33.66 करोड़ खर्च हुए
    •    सिर्फ पर्दों पर 95 लाख रुपये,
    •    सिल्क कार्पेट पर ₹16 लाख,
    •    TV कंसोल, मिनी बार, ट्रेडमिल, संगमरमर पर करोड़ों का खर्च
    •    सालाना खर्च ₹3.69 करोड़ से ज्यादा 

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने तब कहा था: “जनता के पैसे का ऐसा दुरुपयोग कभी नहीं देखा। ये बंगला नहीं, ऐश महल है।”

अब AAP और कांग्रेस यही सवाल भाजपा से पूछ रही हैं — “क्या अब सीएम का बंगला बनवाना जायज है क्योंकि वह भाजपा की है?”

दिल्ली के कई इलाकों से जनता के गुस्से की आवाज़ सामने आई है।
शालीमार बाग, त्रिलोकपुरी, संगम विहार जैसे क्षेत्रों में लोग पानी की लाइन के इंतजार में घंटों खड़े रहते हैं, वहीं मुख्यमंत्री के लिए लाखों के लाइट और टीवी की खबर ने आक्रोश को और भड़का दिया है।

एक महिला ने कहा: “हमारे घर में एक पंखा नहीं चलता और यहां एक बंगले में 23 रिमोट वाले पंखे लग रहे हैं? ये पैसा हमारा है, टैक्स का है, इसे ऐसे खर्च करने का हक किसी को नहीं।”

बंगले पर हो रहे इस खर्च ने एक बार फिर दिल्ली की राजनीति में नैतिकता बनाम सुविधा की बहस को जन्म दे दिया है। जहां सत्ता पक्ष इसे सामान्य ‘फिटिंग और मरम्मत’ बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे ‘भव्यता की भूख’ और ‘जनता के पैसे का अपमान’ बता रहा है।

अब देखना ये होगा कि भाजपा अपने ही लगाए गए मापदंडों पर कितनी खरी उतरती है। या फिर जैसे AAP ने कहा — “CM बदल गई है, लेकिन मानसिकता वैसी की वैसी है”

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