सिल्लाघ्राट क्षेत्र की घघरौता पंचायत में गोवंश के अवशेष मिलने की घटना को लेकर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष डॉ. केशव वर्मा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि देवभूमि चंबा में इस तरह की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। गोवंश के प्रति लोगों की गहरी आस्था है और ऐसी घटनाओं से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। चंबा में पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. वर्मा ने मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी को पुलिस की त्वरित कार्रवाई बताया। हालांकि, उन्होंने घटना के विरोध में प्रदर्शन करने वाले बजरंग दल और हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई को अनुचित करार दिया। उनका कहना था कि जिले में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं और ऐसे मामलों के बाद लोगों में नाराजगी होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ संवेदनशीलता और विवेक से काम लेना चाहिए। विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनावश्यक कार्रवाई से लोगों में असंतोष बढ़ सकता है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्षता बरतने और स्थिति को सामान्य बनाए रखने के प्रयास करने की अपील की। डॉ. वर्मा ने गोवंश को बेसहारा छोड़ने की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गाय का दूध देना बंद होने के बाद उसे सड़कों पर छोड़ देते हैं, जो अनुचित है। गोवंश की सुरक्षा और देखभाल केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों से गोवंश को बेसहारा छोड़ने वालों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि गोवंश की सुरक्षा और देखभाल के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर गंभीरता से प्रयास करने चाहिए। पत्रकार वार्ता में डॉ. वर्मा ने जिला परिषद के उपाध्यक्ष लियाकत खान की ओर से आरोपियों के घरों को बुलडोजर से गिराने संबंधी बयान का भी स्वागत किया। उन्होंने ऐसे सख्त कदम उठाने की बात कही, ताकि इस तरह की घटनाओं में शामिल अन्य लोगों को भी सीख मिल सके। हालांकि, किसी भी प्रस्तावित दंडात्मक कार्रवाई को लागू करने से पहले संबंधित कानून और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन आवश्यक है।