शहर में छठ महापर्व नजदीक आ चुका है। छठ की तैयारियों में सभी पश्चिमी यूपी और बिहार क्षेत्र के प्रवासी परिवार तैयारियों में जुट गए हैं। पिछली बार यमुना नदी के तट पर छठ व्रतियों ने यमुना के झाग व गंदे दलदल में उतरकर पानी में उतरना पड़ा था, लेकिन इस बार यमुना का साफ पानी छठ व्रतियों के मन और आंखों दोनों को सुकून दे रहा है। हालांकि इस बीच छठ घाट की साफ सफाई की पूजा समिति ने मांग उठाई है। शहर से गुजरने वाली यमुना नदी का कुछ हद तक साफ पानी छठ व्रतियों को सुकून दे रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस बार छठ व्रती यमुना नदी के साफ पानी में उतरकर भगवान सूर्य देव को अर्घ्य देंगे। इसके लिए सभी छठ व्रती खासा उत्साहित नजर आ रहे हैं। इसके लिए नोएडा दिल्ली बॉर्डर के पास स्थित ओखला बैराज पर यमुना नदी पर पड़े कूड़े को हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर कर रहे हैं। साथ ही दिल्ली से बहकर आने वाली यमुना नदी में इस बार झाग नही बल्कि साफ पानी नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आमतौर पर अक्तूबर शुरू होते ही यमुना नदी में सिर्फ झाग ही झाग नजर आता था। साथ ही नदी के किनारे तटों पर अक्सर गंदगी बनी रहती है, इससे तटों के पास गंदा दलदल जैसा बना रहता है। छठ पूजा समिति के अध्यक्ष सुजीत केसरी व समिति के पदाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि इसी गंदे दलदल पर उतकर महिलाओं को मजबूरन छठ व्रत पूरा करना पड़ता था। हालांकि इस बार उम्मीद की किरण जागी है।