जांच के दौरान करीब 40 मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। इनके जरिये आरोपियों के आपसी संपर्क, बातचीत और कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है। वाराणसी निवासी राजेंद्र दुबे, खाता धारक वंश नारायण गिरी और राज नारायण गिरी समेत अन्य आरोपियों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। राज नारायण गिरी पर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एसआईटी ने शुक्रवार को जेल पहुंचकर मामले में गिरफ्तार आरोपियों से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की थी। टीम ने आत्मसमर्पण करने वाले केराकत कोतवाली क्षेत्र के पहाड़ी पट्टी निवासी संकीत और उसके भाई विकास सिंह से भी पूछताछ की। जांच टीम के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। जांच में दोनों का संपर्क सुरेरी थाना क्षेत्र के देहुआ निवासी राज नारायण गिरी से सामने आया है।
राज नारायण गिरी सुरेरी में ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन करते थे। ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन कबीरुद्दीनपुर निवासी मनीष पटेल करता था। मामले में निलंबित आरक्षी सत्येंद्र कुमार गौड़ और आरक्षी विष्णु सिंह की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। दिव्य प्रकाश सिंह के आत्मसमर्पण के बाद एसआईटी अब फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए उनके मोबाइल संपर्क और नेटवर्क की जांच तेज कर रही है। अलग-अलग जिलों में पुलिस टीमों की दबिश जारी है।