मैनपुरी। रबी की फसल के लिए खाद पाने को किसान परेशान है। एक तरफ जिले की सरकारी समितियों पर खाद पाने के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं। वहीं, दूसरी तरफ निजी दुकान संचालक खाद बिक्री में धांधली कर रहे हैं। दो ऐसे मामले सामने आए हैं जहां मात्र 10 दिन के अंदर दुकानदारों ने मात्र 200 किसानों को ही 2935 बोरियां आवंटित कर दी। वर्तमान समय में किसान रबी की फसल आलू और गेहूं के लिए डीएपी की मांग कर रहा है। शासन की ओर से जिले में पर्याप्त डीएपी उपलब्ध कराई गई है। एआर को-ऑपरेटिव जितेंद्र सिंह का कहना है कि जिले में 5800 मीट्रिक टन डीएपी, 938 मीट्रिक टन एनपीके और 500 मीट्रिक टन एमओपी उपलब्ध करा दी गई है। किसानों को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस की उपस्थिति में खाद का वितरण कराया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ निजी खाद बीज विक्रेता मनमानी कर खाद को मानकों के विपरीत बेच रहे हैं। शासन की ओर से डीएपी एक बैग की कीमत 1350 रुपये निर्धारित की गई है। हालांकि कई निजी दुकान संचालकों के तय रेट से अधिक में बेचने के आरोप लग रहे हैं। दो दुकानदार ऐसे सामने आए हैं जिन्होंने विभागीय मानक के अनुसार 900 किसानों को वितरित की जाने वाली डीएपी मात्र 200 किसानों को ही वितरित कर दी है। मामले की जानकारी होने के बाद विभाग में हड़कंप है। विभागीय अधिकारियों ने मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जिला कृषि अधिकारी अविशांक सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आने के बाद संबंधित दुकान के संचालकों को नोटिस जारी किया जा रहा है। तीन दिन में जवाब देने के लिए कहा गया है। उचित जवाब न मिलने पर संबंधितों का लाइसेंस निलंबित कर निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। कंट्रोल रूम से सभी खाद बिक्री पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा अन्य कोई दुकानदार कालाबजारी करते पाया जाता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है डीएपी वितरण का मानक
- शासन की ओर से किसानों के लिए डीएपी की कीमत 1350 प्रति बैग निर्धारित की गई है
- एक बैग में 50 किलो डीएपी की मात्रा तय की गई है।
- 1 हेक्टेयर पर 5 बोरी डीएपी उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।