प्रदेश में यह पहली परीक्षणशाला होगी
होजरी, रेडीमेड इकाइयों के अलावा व्हाइट गुड्स इकाइयों का भी जल्द काम शुरू हो सकेगा। फैक्टरी में 150 इकाइयों की आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। यूपीएसआईसी के अधीक्षण अभियंता प्रभात कुमार बाजपेई ने बताया कि फैक्टरी में परीक्षणशाला भी खोली जा रही है। इसके लिए नेशनल टेस्टिंग हाउस के साथ एमओयू किया जा चुका है। प्रदेश में यह पहली परीक्षणशाला होगी। इसमें सभी प्रकार के औद्योगिक उत्पादों का परीक्षण कराया जा सकेगा।
फ्लैटेड फैक्टरी में तेजी से खुलने लगी हैं इकाइयां
तमाम उत्पादों के परीक्षण के लिए उन्हें दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, गुजरात और चेन्नई स्थित परीक्षणशाला में नहीं भेजना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि टेक्सटाइल की आठ और चमड़ा से जुड़ी दो समेत 15 इकाइयों ने काम शुरू कर दिया है। वहीं, उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह ने बताया कि फ्लैटेड फैक्टरी में तेजी से इकाइयां खुलने लगी हैं। यह शहर के औद्योगिक क्षेत्र के लिए बेहद सकारात्मक है। अगले कुछ समय में फ्लैटेड फैक्टरी उद्यमिता के लिए बेहद महत्वपूर्ण केंद्र होगा।
यह होती है फ्लैटेड फैक्टरी
इस प्रकार की इकाई में उद्योग के अनुरूप मशीनें लगाई जाती हैं। सभी आधारभूत सुविधाओं के अलावा बिना प्रदूषण वाली इकाइयां स्थापित होती हैं। अभी तक पहले उद्यमियों को प्लाट दिया जाता था। इसके बाद वह अपने उद्योग के अनुरूप सेटअप तैयार करते थे।